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कुलदीप ने जब जिस दल से चाहा चुनाव लड़ा और जीता

Thu, 05 Mar 2020 12:54 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 05 Mar 2020 12:54 AM IST
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Kuldeep contested and won the party he wanted
कुलदीप सेंगर। - फोटो : UNNAO
उन्नाव। किशोरी से दुष्कर्म के दोषी पाए गए पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। वहीं, पीड़िता के पिता की हत्या के मुकदमे में बुधवार को आए फैसले में सेंगर, उनके छोटे भाई अतुल सेंगर उर्फ जयदीप सहित सात लोग दोषी पाए गए हैं। अपने राजनीतिक सफर में कुलदीप ने जब जिस दल से चाहा टिकट हासिल किया और चुनाव भी जीता। कई चुनाव ऐसे भी रहे जिनमें लोग उनकी हार के कयास लगाते रहे लेकिन लगातार चौथी बार चुनाव जीतकर उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों और प्रतिद्वंद्वियों को अपना लोहा मनवा दिया था।
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कुलदीप सिंह के पिता मुलायम सिंह मूल रूप से फतेहपुर जिले के हाथगाम थाना के मुक्तीपुर गांव के रहने वाले थे। नाना वीरेंद्र सिंह के कोई बेटा नहीं था। केवल दो बेटियां चुन्नी देवी (विधायक की मां) और सरोजनी देवी हैं। चार भाइयों में कुलदीप सबसे बड़े, मनोज (अब मृतक) दूसरे नंबर का और अतुल तीसरे नंबर का है। सबसे छोटे भाई विपुल सिंह की दस साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। कुलदीप 1995 में ग्राम प्रधान बने। इसके बाद दो पंचवर्षीय में मां चुन्नी देवी प्रधान रहीं। मौजूदा समय में उनके छोटे भाई अतुल सेंगर की पत्नी अर्चना ग्राम प्रधान हैं। युवा कांग्रेस से राजनीति में कदम रखने वाले सेंगर ने वर्ष 2002 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा और बसपा के टिकट पर उन्नाव सदर सीट से विधायक बने। 2007 में उन्होंने सपा का दामन थामा और बांगरमऊ से विधायक बने। 2012 में भी सपा के टिकट पर भगवंतनगर से विधायक निर्वाचित हुए। 2016 में सपा में रहते हुए पार्टी से बगावत करके जिला पंचायत चुनाव में अपनी पत्नी संगीता सेंगर को उतारा।
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उन्होंने सपा प्रत्याशी ज्योति रावत के खिलाफ पत्नी को चुनाव लड़ाया और जितवाया। विधानसभा चुनाव से पहले जनवरी 2017 में कुलदीप सिंह ने भाजपा का दामन थाम लिया। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें बांगरमऊ से प्रत्याशी बनाया और वह लगातार चौथीबार विधायक बने। पत्नी संगीता सेंगर लगातार दूसरी बार जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुईं। वह पहली बार जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। इससे पहले छोटे भाई मनोज सिंह 2005 से 2010 तक मियागंज ब्लॉक के प्रमुख रहे। 26 अक्तूबर 2019 को मनोज सिंह की दिल्ली में मौत हो गई।
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-कुलदीप सेंगर के छोटे भाई अतुल सेंगर ने 18 जुलाई 2004 में तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक रामलाल वर्मा को गोली मारी थी। घटना में अतुल समेत 20 पर जानलेवा हमले, 7 क्रिमिनल एक्ट में रिपोर्ट भी दर्ज हुई थी। हालांकि चार्जशीट के बाद मुकदमे की फाइल ही गायब हो गई।
- वर्ष 2014 में अतुल ने कानपुर में एक अधेड़ को गोली मारकर घायल कर दिया था। हालांकि कुलदीप ने मामले को रफादफा करा दिया था।
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