{"_id":"5849ac714f1c1be67244a5ec","slug":"killing-two-people-including-the-young-man-from-the-cold","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठंड से युवक समेत दो लोगों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठंड से युवक समेत दो लोगों की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Fri, 09 Dec 2016 12:24 AM IST
विज्ञापन
बादलों की ओट से लुकाछिपी करते सूर्यदेव।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में ठंड से वृद्ध समेत दो लोगों की मौत हो गई। औरास में खेत काम कर युवक की मौत हो गई जबकि सफीपुर तहसील के बरभौला गांव में तालाब की ओर गए वृद्ध ने हालत बिगड़ने के कुछ देर बाद दम तोड़ दिया।
ठंड का प्रकोप बढ़ने के साथ ही ठंड से मौतों का भी सिलसिला शुरू हो गया है। ठंड का असर युवा वृद्ध दोनों पर दिखाई देने लगा है। औरास थाना क्षेत्र के मौलवी खेड़ा मजरा गेरुआ गांव निवासी रामलाल (40) पुत्र अंबर बुधवार को खेत गया था। खेत पर वह कृषि कार्य कर रहा था। तभी अचानक चक्कर आने से गिर गया और उसकी मौत हो गई। आसपास खेतों में काम कर रहे लोगों ने सूचना परिजनाें को दी। परिजन उसे घर लाए। सूचना पर पहुंचे लेखपाल कृष्ण गोपाल शुक्ला ने रिपोर्ट बनाकर तहसीलदार को दी।
सफीपुर तहसील के गांव बरभौला निवासी मातादीन राठौर (65) गुुरुवार सुबह शौच के लिए तालाब की ओर गए हुए थे। वहीं उन्हें चक्कर आ गया और वह गिर पड़े इससे उसकी मौत हो गई। मृतक के भतीजे मेवालाल ने बताया कि चाचा मातादीन बीमार नहीं थे। अचानक ठंड लगने से उनकी मौत हुई है।
विज्ञापन
लगातार बढ़ रही ठंड लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर रही है। तापमान में खासा उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। गुरुवार को भी न्यूनतम पारे में खासी गिरावट देखी गई। बर्फीली हवाओं के कारण बढ़ी गलन से लोगों को कड़ाके की ठंड का अहसास हुआ।
दिन भर सूरज बादलों की ओट से लुका-छिपी करता रहा। दोपहर 3 बजे के बाद कुछ समय के लिए धूप निकली लेकिन यह कारगर साबित नहीं हुई। कुछ समय बाद फिर सूर्यदेव बादलों में छिप गए। शाम ढलते ही ठंड का कहर और विकराल हो गया। शाम सात बजे के बाद कोहरे की धुंध छाने लगी। देर रात जबरदस्त कोहरे से दृश्यता शून्य हो गई। बाजार, अस्पताल, स्टेशन व व प्रमुख चौराहों पर सन्नाटा सा दिखा। सड़क पर चलने वाले राहगीर अलाव का ही आसरा ढूढ़ते रहे। जहां भी आग जलते दिखी वहां पर पहुंचकर ठंड दूर करने की कोशिश की।
पश्चिमी सर्दीली हवाओं से गलन बढ़ गई। हाड़कंपाऊ ठंड से लोगों को जूझना पड़ा। शाम होते ही लोग घरों की ओर कूच कर गए। लोगों का कहना था कि पिछले कई दिनों से पड़ रही ठंड की अपेक्षा गुरुवार का दिन ज्यादा ठंडा रहा। सीजन में पहली बार गलन से लोग ज्यादा बेहाल रहे। दुकानदारों ने भी शाम ढलते ही दुकानें बंद कर दी। गलन के चलते लोगों की उंगलियों ने भी काम करना बंद सा कर दिया। दिन में भी लोग खुद को पूरी तरह से गर्म कपड़ों से ढंककर ही बाहर निकले। घरों में भी पूरे दिन ब्लोअर चलते रहे। ग्रामीण इलाकों में भी लोग आग जलाए हाथ पैर सेंकते रहे। बुजुर्ग व बच्चे ब्लोअर व आग के आसपास ही बैठे रहे। गुरुवार को अधिकतम तापमान 29 व न्यूनतम पारा नौ डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
विज्ञापन
ठंड का प्रकोप बढ़ने के साथ ही ठंड से मौतों का भी सिलसिला शुरू हो गया है। ठंड का असर युवा वृद्ध दोनों पर दिखाई देने लगा है। औरास थाना क्षेत्र के मौलवी खेड़ा मजरा गेरुआ गांव निवासी रामलाल (40) पुत्र अंबर बुधवार को खेत गया था। खेत पर वह कृषि कार्य कर रहा था। तभी अचानक चक्कर आने से गिर गया और उसकी मौत हो गई। आसपास खेतों में काम कर रहे लोगों ने सूचना परिजनाें को दी। परिजन उसे घर लाए। सूचना पर पहुंचे लेखपाल कृष्ण गोपाल शुक्ला ने रिपोर्ट बनाकर तहसीलदार को दी।
विज्ञापन
सफीपुर तहसील के गांव बरभौला निवासी मातादीन राठौर (65) गुुरुवार सुबह शौच के लिए तालाब की ओर गए हुए थे। वहीं उन्हें चक्कर आ गया और वह गिर पड़े इससे उसकी मौत हो गई। मृतक के भतीजे मेवालाल ने बताया कि चाचा मातादीन बीमार नहीं थे। अचानक ठंड लगने से उनकी मौत हुई है।
विज्ञापन
लगातार बढ़ रही ठंड लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर रही है। तापमान में खासा उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। गुरुवार को भी न्यूनतम पारे में खासी गिरावट देखी गई। बर्फीली हवाओं के कारण बढ़ी गलन से लोगों को कड़ाके की ठंड का अहसास हुआ।
दिन भर सूरज बादलों की ओट से लुका-छिपी करता रहा। दोपहर 3 बजे के बाद कुछ समय के लिए धूप निकली लेकिन यह कारगर साबित नहीं हुई। कुछ समय बाद फिर सूर्यदेव बादलों में छिप गए। शाम ढलते ही ठंड का कहर और विकराल हो गया। शाम सात बजे के बाद कोहरे की धुंध छाने लगी। देर रात जबरदस्त कोहरे से दृश्यता शून्य हो गई। बाजार, अस्पताल, स्टेशन व व प्रमुख चौराहों पर सन्नाटा सा दिखा। सड़क पर चलने वाले राहगीर अलाव का ही आसरा ढूढ़ते रहे। जहां भी आग जलते दिखी वहां पर पहुंचकर ठंड दूर करने की कोशिश की।
पश्चिमी सर्दीली हवाओं से गलन बढ़ गई। हाड़कंपाऊ ठंड से लोगों को जूझना पड़ा। शाम होते ही लोग घरों की ओर कूच कर गए। लोगों का कहना था कि पिछले कई दिनों से पड़ रही ठंड की अपेक्षा गुरुवार का दिन ज्यादा ठंडा रहा। सीजन में पहली बार गलन से लोग ज्यादा बेहाल रहे। दुकानदारों ने भी शाम ढलते ही दुकानें बंद कर दी। गलन के चलते लोगों की उंगलियों ने भी काम करना बंद सा कर दिया। दिन में भी लोग खुद को पूरी तरह से गर्म कपड़ों से ढंककर ही बाहर निकले। घरों में भी पूरे दिन ब्लोअर चलते रहे। ग्रामीण इलाकों में भी लोग आग जलाए हाथ पैर सेंकते रहे। बुजुर्ग व बच्चे ब्लोअर व आग के आसपास ही बैठे रहे। गुरुवार को अधिकतम तापमान 29 व न्यूनतम पारा नौ डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।