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Unnao News: जलनिगम का बड़ा झूठ... जिम्मेदार हैरान, जनता परेशान
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फोटो नंबर-19, 20
जिन क्षेत्रों में जलापूर्ति का दावा वहां टोटी से नहीं टपकी बूंद, कई जगह चल रही मरम्मत
-दिशा की बैठक में स्नातक विधायक ने पूछी योजना की प्रगति, जल निगम ने दी थी जानकारी
-विधायक के जलापूर्ति न होने के दावे का सांसद ने भी किया था समर्थन, मांगी सप्लाई वाले वार्डों की सूची
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। अमृत योजना से शहरी क्षेत्र के 15 हजार घरों में जलापूर्ति शुरू करने का जलनिगम का दावा खोखला साबित हुआ है। दिशा की बैठक में स्नातक विधायक के सवाल और फर्जी आंकड़े देने की बात कही तो सांसद ने भी समर्थन करते हुए, जलापूर्ति के दावे पर सवाल उठाए। उन्होंने एक्सईएन से सप्लाई वाले वार्डों की सूची मांगी, हालांकि तीन दिन बाद भी जलनिगम सांसद को सूची नहीं दे पाया। विभाग ने जिन क्षेत्रों में जलापूर्ति की बात कही है उन मोहल्लों में हफ्तों से पानी की बूंद नहीं टपकी। कई जगह तो अभी भी मरम्मत चल रही है।
विकास भवन में शनिवार को हुई दिशा (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) की बैठक में अमृत (अटल मिशन आफ रेजूवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफोर्मेशन) योजना की भी प्रगति समीक्षा हुई। स्नातक विधायक अरुण पाठक ने एक्सईएन जलनिगम से योजना की प्रगति पूछी तो एक्सईएन ने 15 हजार घरों में पानी पहुंचा देने का दावा किया।
विधायक ने दावे को गलत बताते हुए कहा कि उन्हें अभी पानी की आपूर्ति शुरू न होने की जानकारी मिली है। एक्सईएन ने फिर से बताए गए आंकड़ों पर दावा करते हुए कहा कि पानी सप्लाई हो रही है। विधायक ने आकड़ों को गलत ठहराते हुए दावों पर नाराजगी जताई। सांसद ने कहा कि अगर जलापूर्ति शुरू कर दी है तो उन वार्डों की लिस्ट दें। लेकिन तीन दिन बाद भी जल निगम सांसद को लिस्ट नहीं दे पाया।
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दूसरी तरफ जल निगम अकरमपुर, शेखपुर, आदर्श नगर, शिवनगर सहित जिन सात जोन के 15 वार्डों में पानी पहुंचाने का दावा कर रहा है वहां अभी तक लोगों के घरों में लगाई गई टोटियां सूखी हैं। लोगों ने बताया कि कभी-कभी टेस्टिंग के लिए पानी चालू किया जाता है तो दस-पांच मिनट पानी आता है। एक सप्ताह से पानी की एक बूंद भी नहीं टपकी। वहीं जिन क्षेत्रों में जलापूर्ति का दावा किया जा रहा है उनमें कई में भूमिगत पाइप लाइनों की मरम्मत चल रही है।
जिम्मेदार बोले
सांसद साक्षी महाराज ने बताया कि बैठक ने एक्सईएन ने जब यह बताया कि 15 हजार घरों में जलापूर्ति शुरू हो गई है और कुल 27 हजार घरों में पानी पहुंचाना है। इसपर कहा था कि ऐसा है तो इस अति महत्वाकांक्षी योजना का उद्घाटन कराओ। विधायक ने सूची मांगी तो वह भी एक्सईएन नहीं दे पाए। सांसद ने बताया कि उन्होंने साफ कह दिया है कि दिसंबर तक काम पूरा कर लें।
नगर पालिका जलकल अभियंता विवेक वर्मा ने बताया कि अभी शहर में कही भी अमृत योजना से जलापूर्ति शुरू नहीं हुई है, केवल टेस्टिंग ही चल रही है। बताया कि शहर में नगर पालिका के 24 ट्यूबवेल हैं और अभी उन्ही के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है।
जलनिगम सहायक अभियंता अमित कुमार ने बताया कि सात जोन के 15-16 वार्डों में जलापूर्ति हो रही है। बताया कि करीब 13 से 14 हजार घर हैं जहां पानी पहुंचने लगा है। दावा किया केवल केवल तीन जोन की टेस्टिंग बची है जो तेजी से कराई जा रही है।
निर्माण एजेंसी में 33 नोटिस, हर बार नई डेटलाइन
वर्ष 2018 में अमृत योजना में शहर को शामिल किया गया था। 253 करोड़ की इस योजना की दिसंबर 2018 में शुरुआत हुई और जून 2020 तक पूरा करना था। लेकिन अधिकारी कोरोना और कभी बजट का रोना रोते रहे। इस दौरान जलनिगम ने निर्माण ऐजेंसी को 33 नोटिस दिए और हर बार काम पूरा करने की नई डेटलाइन तय होती रही। मार्च 2021, नवंबर 2021, जुलाई 2022, जनवरी 2023, मार्च 2023 और अगस्त 2023 की समय सीमा तय की गई लेकिन अब तक शहर में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई।
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जिन क्षेत्रों में जलापूर्ति का दावा वहां टोटी से नहीं टपकी बूंद, कई जगह चल रही मरम्मत
-दिशा की बैठक में स्नातक विधायक ने पूछी योजना की प्रगति, जल निगम ने दी थी जानकारी
-विधायक के जलापूर्ति न होने के दावे का सांसद ने भी किया था समर्थन, मांगी सप्लाई वाले वार्डों की सूची
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। अमृत योजना से शहरी क्षेत्र के 15 हजार घरों में जलापूर्ति शुरू करने का जलनिगम का दावा खोखला साबित हुआ है। दिशा की बैठक में स्नातक विधायक के सवाल और फर्जी आंकड़े देने की बात कही तो सांसद ने भी समर्थन करते हुए, जलापूर्ति के दावे पर सवाल उठाए। उन्होंने एक्सईएन से सप्लाई वाले वार्डों की सूची मांगी, हालांकि तीन दिन बाद भी जलनिगम सांसद को सूची नहीं दे पाया। विभाग ने जिन क्षेत्रों में जलापूर्ति की बात कही है उन मोहल्लों में हफ्तों से पानी की बूंद नहीं टपकी। कई जगह तो अभी भी मरम्मत चल रही है।
विकास भवन में शनिवार को हुई दिशा (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) की बैठक में अमृत (अटल मिशन आफ रेजूवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफोर्मेशन) योजना की भी प्रगति समीक्षा हुई। स्नातक विधायक अरुण पाठक ने एक्सईएन जलनिगम से योजना की प्रगति पूछी तो एक्सईएन ने 15 हजार घरों में पानी पहुंचा देने का दावा किया।
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विधायक ने दावे को गलत बताते हुए कहा कि उन्हें अभी पानी की आपूर्ति शुरू न होने की जानकारी मिली है। एक्सईएन ने फिर से बताए गए आंकड़ों पर दावा करते हुए कहा कि पानी सप्लाई हो रही है। विधायक ने आकड़ों को गलत ठहराते हुए दावों पर नाराजगी जताई। सांसद ने कहा कि अगर जलापूर्ति शुरू कर दी है तो उन वार्डों की लिस्ट दें। लेकिन तीन दिन बाद भी जल निगम सांसद को लिस्ट नहीं दे पाया।
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दूसरी तरफ जल निगम अकरमपुर, शेखपुर, आदर्श नगर, शिवनगर सहित जिन सात जोन के 15 वार्डों में पानी पहुंचाने का दावा कर रहा है वहां अभी तक लोगों के घरों में लगाई गई टोटियां सूखी हैं। लोगों ने बताया कि कभी-कभी टेस्टिंग के लिए पानी चालू किया जाता है तो दस-पांच मिनट पानी आता है। एक सप्ताह से पानी की एक बूंद भी नहीं टपकी। वहीं जिन क्षेत्रों में जलापूर्ति का दावा किया जा रहा है उनमें कई में भूमिगत पाइप लाइनों की मरम्मत चल रही है।
जिम्मेदार बोले
सांसद साक्षी महाराज ने बताया कि बैठक ने एक्सईएन ने जब यह बताया कि 15 हजार घरों में जलापूर्ति शुरू हो गई है और कुल 27 हजार घरों में पानी पहुंचाना है। इसपर कहा था कि ऐसा है तो इस अति महत्वाकांक्षी योजना का उद्घाटन कराओ। विधायक ने सूची मांगी तो वह भी एक्सईएन नहीं दे पाए। सांसद ने बताया कि उन्होंने साफ कह दिया है कि दिसंबर तक काम पूरा कर लें।
नगर पालिका जलकल अभियंता विवेक वर्मा ने बताया कि अभी शहर में कही भी अमृत योजना से जलापूर्ति शुरू नहीं हुई है, केवल टेस्टिंग ही चल रही है। बताया कि शहर में नगर पालिका के 24 ट्यूबवेल हैं और अभी उन्ही के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है।
जलनिगम सहायक अभियंता अमित कुमार ने बताया कि सात जोन के 15-16 वार्डों में जलापूर्ति हो रही है। बताया कि करीब 13 से 14 हजार घर हैं जहां पानी पहुंचने लगा है। दावा किया केवल केवल तीन जोन की टेस्टिंग बची है जो तेजी से कराई जा रही है।
निर्माण एजेंसी में 33 नोटिस, हर बार नई डेटलाइन
वर्ष 2018 में अमृत योजना में शहर को शामिल किया गया था। 253 करोड़ की इस योजना की दिसंबर 2018 में शुरुआत हुई और जून 2020 तक पूरा करना था। लेकिन अधिकारी कोरोना और कभी बजट का रोना रोते रहे। इस दौरान जलनिगम ने निर्माण ऐजेंसी को 33 नोटिस दिए और हर बार काम पूरा करने की नई डेटलाइन तय होती रही। मार्च 2021, नवंबर 2021, जुलाई 2022, जनवरी 2023, मार्च 2023 और अगस्त 2023 की समय सीमा तय की गई लेकिन अब तक शहर में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई।