नए साल में और बेहतर होंगी स्वास्थ्य सेवाएं
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उन्नाव। नए साल से उम्मीद लगाए बैठे लोगों को स्वास्थ्य विभाग भी निराश नहीं करेगा। उसने भी जनपदवासियों को एक के बाद एक सौगात देने की तैयारी की है। अब मरीजों को घर के पास इलाज देने की तैयारी है। शहर में ट्रामा सेंटर 2015 में शुरू करने की तैयारी है। इसके अलावा जिला अस्पताल का भी उच्चीकरण किया जाएगा। शहर के मोहल्ला मोती नगर में नई नगरीय स्वास्थ्य केंद्र की शुरुआत होगी। पीएचसी और सीएचसी में मरीजों को अंधेरे में इलाज कराने से भी मुक्ति मिलेगी। सभी पीएचसी और सीएचसी में हाई पावर इनवर्टर लगाए जाएंगे। इसके अलावा जिला अस्पताल में दलालों की निगरानी के लिए सीसी टीवी कैमरे लगने के साथ ही चिकित्सकों की उपस्थिति शतप्रतिशत व समय से कराने के लिए बायोमैट्रिक अटेंडेंस की भी व्यवस्था होगी।
ट्रामा सेंटर की सुविधा होगी उपलब्ध
वर्ष 2015 में मरीजों को ट्रामा सेंटर की भी सुविधा मिलेगी। इसके चलते जिला अस्पताल में आने वाले गंभीर मरीजों को अब रेफर नहीं किया जाएगा। 1.20 करोड़ की लागत से बन रहा ट्रामा सेंटर लगभग बनकर तैयार हो चुका है।
लखनऊ और कानपुर के बीच में यह जिला पड़ने के कारण सबसे अधिक घायल मरीज जिला अस्पताल आते हैं लेकिन सुविधाओं के अभाव में उन्हें कानपुर रेफर कर दिया जाता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। मरीजों का यहीं इलाज किया जाएगा।
पुरुष व महिला अस्पताल का होगा उच्चीकरण
स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार करने के लिए जिला अस्पताल का उच्चीकरण किया जाएगा। इसके लिए एनआरएचएम से छह करोड़ रुपये का बजट भी जारी कर दिया गया है।
स्पताल का उच्चीकरण हो जाने से मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से काफी हद तक निदान मिलेगा। उच्चीकरण के साथ ही स्टाफ का भी चयन होगा। इससे स्टाफ की कमी जूझ रहे जिला अस्पताल को काफी राहत मिलेगी। साथ मरीजों को भी इसका लाभ मिलेगा।
बर्न मरीजों को नहीं किया जाएगा रेफर
1.53 करोड़ की लागत से जिला अस्पताल परिसर में बनाया जा रहा बर्न वार्ड लगभग बनकर तैयार हो चुका है। बर्न वार्ड बन जाने से जले हुए मरीजों को जर्नल वार्ड में भर्ती नहीं किया जाएगा।
अभी तक बर्न वार्ड न होने से गंभीर मरीजों को रेफर कर दिया जाता था।
मॉर्चरी हुई कंप्लीट नए वर्ष में होगी हैंडओवर
जिला अस्पताल में अभी तक मॉर्चरी की सुविधा न होने से शवों का रखरखाव ठीक प्रकार से नहीं हो पाता था। लावारिस शव पोस्टमार्टम हाउस के बाहर पड़े रहते थे।
62.25 लाख रुपये की लागत से बनी मॉर्चरी लगभग तैयार हो चुकी है। नए वर्ष में इसे संबंधित विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा।
बायोमैट्रिक अटेंडेंस के साथ सीसी टीवी कैमरे भी लगेंगे
जिला अस्पताल के महिला व पुरुष वार्ड में स्टाफ की उपस्थिति के लिए बायोमैट्रिक अटेंडेंस की व्यवस्था की जाएगी। इससे डॉक्टर उपस्थिति रजिस्टर में हेराफेरी नहीं कर सकेंगे।
साथ ही मरीजाें को भी समय से डॉक्टर उपलब्ध मिलेंगे। इसके अलावा दलालों की सक्रियता को देखते हुए सीसी टीवी कैमरे में लगवाए जाएंगे।
ईसीजी की सुविधा चौबीस घंटे रहेगी उपलब्ध
जिला अस्पताल में अभी तक दिल की बीमारी से पीड़ित मरीजों को सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक ही ईसीजी (इलेक्ट्रो कार्डियोग्राफ) की सुविधा मिल पाती थी।
नए वर्ष से यह व्यवस्था चौबीस घंटे उपलब्ध रहेगी। इसके लिए ट्रेनिंग हो रही है। जल्द ही व्यवस्था भी शुरू हो जाएगी।
अंधेरे में नहीं रहेंगे सीएचसी पीएचसी केंद्र
जिले में संचालित सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अंधेरे में नहीं रहेंगे। इसके लिए विभाग इनवर्टर की व्यवस्था करा रहा है।
सीएमओ के निरीक्षण में कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में शाम को अंधेरा मिला। इसको देखते हुए सीएमओ ने शासन को पत्र भेजकर बजट की मांग की थी। बजट आने के बाद अब इनवर्टर की व्यवस्था कराई जाएगी।
मोती नगर मोहल्ले में खुलेगा नगरीय स्वास्थ्य केंद्र
शहर के माहल्ला मोती नगर में जनवरी 2015 में नगरीय स्वास्थ्य केंद्र की शुरुआत हो जाएगी। इसकी शुरुआत होने से आस-पास के मोहल्लों में रहने वाले लोगों को तो स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होगी इसके साथ ही हाइवे पर होने वाली एक्सीडेंटल मरीजों को भी लाभ मिलेगा। इस वार्ड की सभासद अंजू पांडेय के अथक प्रयासों के बाद यह सुविधा उपलब्ध हो पाई है।
वर्जन
स्वास्थ्य में और भी सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। जिला अस्पताल के महिला वार्ड में भर्ती होने वाली प्रसूता को अब रेफर नहीं किया जाएगा। इसके लिए अल्ट्रासाउंड ट्रेेनिंग पर महिला अस्पताल का जो भी स्टाफ जाता था उस पर रोक लगाई जाएगी।
साथ ही उन सब सुविधाओं की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जा रहा है जिसका लाभ प्रसूता को यहां नहीं मिल पाता था। - डॉ. गीता यादव, सीएमओ