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महिला अस्पताल में जरूरी दवाएं खत्म
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जिला महिला अस्पताल में लगी भीड़।
- फोटो : UNNAO
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उन्नाव। जिला महिला अस्पताल में जरूरी दवाएं खत्म हो गई हैं। इससे प्रसव के लिए आ रहीं मरीजों का दर्द और बढ़ गया है। भर्ती होने वाले प्रसूताओं के तीमरादारों को एएनएस, डीएएनएस व दर्द निवारक इंजेक्शन बाहर से लाने पड़ रहे हैं। दवाओं की कमी को दूर करने के लिए अस्पताल प्रशासन ने महानिदेशक स्वास्थ्य को पत्र लिखा है।
जिला महिला अस्पताल में रोजाना तीस से अधिक महिलाएं पहुंचती है। इसमें ज्यादातर को ऑपरेशन की जरूरत पड़ती है। इन प्रसूताओं को प्रसव के दौरान एनएस, डीएनएस लिक्विड और दर्द निवारक इंजेक्शन की जरूरत पड़ती है। एनएस व डीएनएस लिक्विड शरीर में पानी की कमी को दूर करने के काम आता है। ऑपरेशन के बाद दर्द दूर करने के लिए प्रयोग में आने वाला फोर्टविन इंजेक्शन का स्टाक भी खत्म हो गया है।
जिला महिला अस्पताल में जरूरी दवाओं की आपूर्ति ड्रग वेयर हाउस से होती है। हालांकि पिछले एक माह से आपूर्ति बाधित है। मरीजों के लिए जरूरी ग्लूकोज व अन्य इंजेक्शन के लिए लगातार डिमांड लेटर भेजा जा रहा है। स्वास्थ्य महानिदेशक को भी पत्र भेजा गया है। इमरजेंसी स्टाक से मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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-डॉ. अंजू दुबे, सीएमएस
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जिला महिला अस्पताल में रोजाना तीस से अधिक महिलाएं पहुंचती है। इसमें ज्यादातर को ऑपरेशन की जरूरत पड़ती है। इन प्रसूताओं को प्रसव के दौरान एनएस, डीएनएस लिक्विड और दर्द निवारक इंजेक्शन की जरूरत पड़ती है। एनएस व डीएनएस लिक्विड शरीर में पानी की कमी को दूर करने के काम आता है। ऑपरेशन के बाद दर्द दूर करने के लिए प्रयोग में आने वाला फोर्टविन इंजेक्शन का स्टाक भी खत्म हो गया है।
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जिला महिला अस्पताल में जरूरी दवाओं की आपूर्ति ड्रग वेयर हाउस से होती है। हालांकि पिछले एक माह से आपूर्ति बाधित है। मरीजों के लिए जरूरी ग्लूकोज व अन्य इंजेक्शन के लिए लगातार डिमांड लेटर भेजा जा रहा है। स्वास्थ्य महानिदेशक को भी पत्र भेजा गया है। इमरजेंसी स्टाक से मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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-डॉ. अंजू दुबे, सीएमएस