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कई प्राइवेट चालकों ने खड़ीं कर दीं एंबुलेंस
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उन्नाव। हड़ताल पर चल रहे एंबुलेंस कर्मी शुक्रवार को भी काम पर नहीं लौटे। प्राइवेट चालकों के हाथ में थमाई गईं एंबुलेंस को कई चालक नहीं चला पाए। दही चौकी में लगाई गई एंबुलेंस के चालक ने एक घायल मरीज को अस्पताल पहुंचाने के बाद चाभी लौटा दी। सिंकदरपुर सरोसी ब्लॉक में लगी एंबुलेंस भी शुक्रवार को नहीं चली। वहीं कई एंबुलेंसों का बिना स्वास्थ्य कर्मियों के ही संचालन किया गया।
जिले में 108, 102 और एएलएस की 87 एंबुलेंस हैं। चालकों की मांग पूरी न होने पर 25 जुलाई की रात से चालक व ईएमटी की हड़ताल शुरू होने के बाद प्रशासनिक अधिकारी लगातार उनके काम पर वापस लौटने का दबाव बना रहे थे। गुरुवार को एडीएम व सिटी मजिस्ट्रेट ने एंबुलेंस संचालन के लिए चालकों से चाभियां लेकर प्राइवेट चालकों के हाथों में स्टेयरिंग सौंप दी थीं। रात में सीएमओ ने चालकों को बुलाकर फिर वार्ता की थी। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व का निर्देश न मिलने तक काम पर न लौटने की बात कही। वहीं प्राइवेट चालकों ने एक रात तो एंबुलेंस चलाई। घायलों को एंबुलेंस से लेकर आने में ही कई चालक घबरा गए और उन्होंने अस्पताल परिसर में खड़ी कर दीं। एंबुलेंस चालक संघ के जिलाध्यक्ष विवेक कुमार ने बताया कि शासन स्तर से वार्ता होने के बाद प्रदेश स्तरीय नेताओं के निर्णय के आधार पर अगला कदम उठाया जाएगा।
सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि एएलएस का संचालन अभी नहीं हो पाया है। 108 की दो चार गाड़ियों को छोड़कर संचालन शुरू करा दिया गया है। 102 की भी दो गाड़ियों का संचालन अभी होना है। उसका प्रयास किया जा रहा है। चालकों के एंबुलेंस खड़ी करने के सवाल पर उनका कहना था कि इसकी जानकारी नहीं है। जिला क्वार्डिनेटर से बात की जाएगी।
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जिले में 108, 102 और एएलएस की 87 एंबुलेंस हैं। चालकों की मांग पूरी न होने पर 25 जुलाई की रात से चालक व ईएमटी की हड़ताल शुरू होने के बाद प्रशासनिक अधिकारी लगातार उनके काम पर वापस लौटने का दबाव बना रहे थे। गुरुवार को एडीएम व सिटी मजिस्ट्रेट ने एंबुलेंस संचालन के लिए चालकों से चाभियां लेकर प्राइवेट चालकों के हाथों में स्टेयरिंग सौंप दी थीं। रात में सीएमओ ने चालकों को बुलाकर फिर वार्ता की थी। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व का निर्देश न मिलने तक काम पर न लौटने की बात कही। वहीं प्राइवेट चालकों ने एक रात तो एंबुलेंस चलाई। घायलों को एंबुलेंस से लेकर आने में ही कई चालक घबरा गए और उन्होंने अस्पताल परिसर में खड़ी कर दीं। एंबुलेंस चालक संघ के जिलाध्यक्ष विवेक कुमार ने बताया कि शासन स्तर से वार्ता होने के बाद प्रदेश स्तरीय नेताओं के निर्णय के आधार पर अगला कदम उठाया जाएगा।
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सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि एएलएस का संचालन अभी नहीं हो पाया है। 108 की दो चार गाड़ियों को छोड़कर संचालन शुरू करा दिया गया है। 102 की भी दो गाड़ियों का संचालन अभी होना है। उसका प्रयास किया जा रहा है। चालकों के एंबुलेंस खड़ी करने के सवाल पर उनका कहना था कि इसकी जानकारी नहीं है। जिला क्वार्डिनेटर से बात की जाएगी।
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