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अस्पतालों में ऑक्सीजन नहीं, मरीज बेहाल
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उन्नाव। सीएचसी और पीएचसी में ऑक्सीजन न होने से बुखार व सांस फूलने के आने वाले मरीजों को तत्काल उपचार नहीं मिल पा रहा है। डॉक्टर ऑक्सीजन की दिक्कत बताकर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्रों से रोजाना रेफर मरीज आने से जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
बीघापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में खांसी व बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। स्वास्थ्य केंद्र में केवल एक ही ऑक्सीजन सिलिंडर है। इससे सांस फूलने वाले मरीजों को पर्याप्त उपचार नहीं मिल पाता। डॉक्टर भी मजबूरी में मरीजों को रेफर कर रहे हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. पंकज पांडेय ने बताया कि अधिकतर मरीज बुखार व सांस फूलने के ही आ रहे हैं। एक ही ऑक्सीजन सिलिंडर होने से दिक्कत आ रही है। मजबूरी में मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है। यही हाल पुरवा स्वास्थ्य केंद्र का है। वहां भी रोजाना 20-25 मरीज बुखार व सांस फूलने के आ रहे हैं। अधिकतर मरीजों को रेफर किया जा रहा है। फतेहपुर चौरासी स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन सिलिंडर ही नहीं है। इसलिए वहां बुखार व सांस फूलने के मरीजों को देखा ही नहीं जा रहा है। यहां आने वाले मरीजों को या तो सफीपुर स्वास्थ्य केंद्र या फिर जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
सीएमओ कैप्टन डॉ. आशुतोष कुमार ने बताया कि ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत सबसे अधिक जिला अस्पताल व कोविड अस्पतालों में है। अधिकतर मरीज यहीं आ रहे हैं।
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बीघापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में खांसी व बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। स्वास्थ्य केंद्र में केवल एक ही ऑक्सीजन सिलिंडर है। इससे सांस फूलने वाले मरीजों को पर्याप्त उपचार नहीं मिल पाता। डॉक्टर भी मजबूरी में मरीजों को रेफर कर रहे हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. पंकज पांडेय ने बताया कि अधिकतर मरीज बुखार व सांस फूलने के ही आ रहे हैं। एक ही ऑक्सीजन सिलिंडर होने से दिक्कत आ रही है। मजबूरी में मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है। यही हाल पुरवा स्वास्थ्य केंद्र का है। वहां भी रोजाना 20-25 मरीज बुखार व सांस फूलने के आ रहे हैं। अधिकतर मरीजों को रेफर किया जा रहा है। फतेहपुर चौरासी स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन सिलिंडर ही नहीं है। इसलिए वहां बुखार व सांस फूलने के मरीजों को देखा ही नहीं जा रहा है। यहां आने वाले मरीजों को या तो सफीपुर स्वास्थ्य केंद्र या फिर जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
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सीएमओ कैप्टन डॉ. आशुतोष कुमार ने बताया कि ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत सबसे अधिक जिला अस्पताल व कोविड अस्पतालों में है। अधिकतर मरीज यहीं आ रहे हैं।