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हाईवे के पेट्रोलपंपों पर होता है खेल
उन्नाव
Updated Sun, 07 May 2017 12:22 AM IST
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हाईवे स्थित ओम र्साइं फिलिंग स्टेशन पर मशीन की जांच करते डीएसओ व अन्य अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ-कानपुर राजमार्ग पर स्थित एक पेट्रोलपंप में जांच के दौरान मशीनों में प्रयोग की जाने वाली पल्सर सिस्टम में छेड़छाड़ मिली। इस पर जांच अधिकारियों ने पल्सर यूनिट में चिप के प्रयोग की आशंका पर दो मशीनों के नोजल को सीज कर दिया।
पूर्ति अधिकारी के साथ ही बाट-मांप निरीक्षक और इंडियन आयल कंपनी के टेक्नीशियन शनिवार दोपहर राजमार्ग स्थित ओम सांई फिलिंग स्टेशन पहुंचे। जांच के दौरान यहां जब डिस्पेंसिंग यूनिट की जांच की गई तो उसमें प्रयोग की जाने वाली पल्सर यूनिट पर टेक्नीशियन को संदेह हुआ। जिस पर जैसे ही पल्सर यूनिट के सर्किट को बाहर निकाला गया तो उससे कई कंपोनेंट गायब मिले। इस पर जब पंप पर तैनात कर्मचारियों से सवाल किया गया तो वह सही जवाब नहीं दे सके। इस बीच कई अन्य डिस्पेंसिंग यूनिट को जब देखा गया तो उनमें भी यही हाल मिला।
डिस्पेंसिंग यूनिट में पल्सर सर्किट से छेड़छाड़ की जानकारी मिलते ही जांच टीम ने डीएसओ को मामले की जानकारी दी। जिस पर वह भी जांच के लिए मौके पर पहुंचे। यहां टेक्नीशियन ने आशंका जताई कि पल्सर सर्किट से छेड़छाड़ कर पेट्रोल की चोरी की जा रही थी। इस पर जांच टीम ने पंप को सील करने की तैयारी शुरू कर दी, लेकिन सील किए जा रहे सर्किट को कोई लेने को तैयार नहीं हुआ। जिस पर पंप पर अधिकारियों के बीच ही काफ ी देर तक बहस होती रही।
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शंका के आधार पर पंप को सील किए जाने की बात डीएसओ ने डीएम के साथ ही एसडीएम व कानूनगो को भी बताई। शहर कोतवाल को भी मौके पर भेजा गया। यहां बातचीत के बाद कंपनी के टेक्नीशियन की मौजूदगी में पंप की दो डिस्पेंसिंग यूनिट के नोजल को सील कर दिया गया। डीएसओ ने बताया कि पल्सर यूनिट संदिग्ध मिलने पर यह कार्रवाई की गई है। पल्सर सर्किट की जांच कराई जाएगी।
पूर्ति अधिकारी के साथ ही बाट-मांप निरीक्षक और इंडियन आयल कंपनी के टेक्नीशियन शनिवार दोपहर राजमार्ग स्थित ओम सांई फिलिंग स्टेशन पहुंचे। जांच के दौरान यहां जब डिस्पेंसिंग यूनिट की जांच की गई तो उसमें प्रयोग की जाने वाली पल्सर यूनिट पर टेक्नीशियन को संदेह हुआ। जिस पर जैसे ही पल्सर यूनिट के सर्किट को बाहर निकाला गया तो उससे कई कंपोनेंट गायब मिले। इस पर जब पंप पर तैनात कर्मचारियों से सवाल किया गया तो वह सही जवाब नहीं दे सके। इस बीच कई अन्य डिस्पेंसिंग यूनिट को जब देखा गया तो उनमें भी यही हाल मिला।
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डिस्पेंसिंग यूनिट में पल्सर सर्किट से छेड़छाड़ की जानकारी मिलते ही जांच टीम ने डीएसओ को मामले की जानकारी दी। जिस पर वह भी जांच के लिए मौके पर पहुंचे। यहां टेक्नीशियन ने आशंका जताई कि पल्सर सर्किट से छेड़छाड़ कर पेट्रोल की चोरी की जा रही थी। इस पर जांच टीम ने पंप को सील करने की तैयारी शुरू कर दी, लेकिन सील किए जा रहे सर्किट को कोई लेने को तैयार नहीं हुआ। जिस पर पंप पर अधिकारियों के बीच ही काफ ी देर तक बहस होती रही।
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शंका के आधार पर पंप को सील किए जाने की बात डीएसओ ने डीएम के साथ ही एसडीएम व कानूनगो को भी बताई। शहर कोतवाल को भी मौके पर भेजा गया। यहां बातचीत के बाद कंपनी के टेक्नीशियन की मौजूदगी में पंप की दो डिस्पेंसिंग यूनिट के नोजल को सील कर दिया गया। डीएसओ ने बताया कि पल्सर यूनिट संदिग्ध मिलने पर यह कार्रवाई की गई है। पल्सर सर्किट की जांच कराई जाएगी।