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Unnao News: प्रोत्साहन राशि के लिए दोबारा रचा ली शादी
Mon, 19 Feb 2024 02:00 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Mon, 19 Feb 2024 02:00 AM IST
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-सुमेरपुर ब्लाक क्षेत्र के जगतपुर ग्राम पंचायत की प्रधान के परिवार की है युवती
- 10 मई 2023 को बीघापुर ब्लाक क्षेत्र के कुंभी अकबरपुर से आई थी बरात
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। योजना का लाभ लेने के लिए विवाहित जोड़े ने शनिवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में दोबारा शादी रचा डाली। दोनों का 10 मई 2023 में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह हुआ था। अधिकारियों ने जांच के बाद वधू को दी जाने वाली 35 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि का भुगतान रोक दिया है। दिया गया सामान भी वापस लिया जाएगा।
मामला सुमेरपुर ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत जगतपुर का है। यहां की रहने वाली ग्राम प्रधान के परिवार की रेखा पुत्री देवदत्त उर्फ पुत्तन का विवाह 10 मई 2023 को कुंंभी अकबरपुर निवासी जितेंद्र कुमार पुत्र मक्खन लाल के साथ हुआ था। ग्रामीणों ने बताया कि 10 मई को बरात आई थी और जयमाल के साथ रीति-रिवाज से विवाह संपन्न हुआ था।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ लेने के लिए रेखा ने ऑनलाइन आवेदन कर दिया। ग्राम प्रधान के परिवार का मामला होने से जिम्मेदारों ने भी क्लीनचिट दे दी। शनिवार को बीघापुर ब्लॉक में हुए सामूहिक विवाह समारोह में रेखा और जितेंद्र ने फिर से विवाह रचा लिया। हालांकि सामूहिक विवाह समारोह संपन्न होने के दौरान ही इस जोड़े के पूर्व विवाहित होने का मामला चर्चा में आया था, लेकिन जिम्मेदारों ने खास ध्यान नहीं दिया।
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जिम्मेदार बोले
-सुमेरपुर ब्लॉक की बीडीओ संध्या रानी ने बताया कि रेखा और जितेंद्र के पूर्व विवाहित होने का मामला जानकारी में आया है। योजना के तहत वधू को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान रोक दिया गया है। प्रकरण की जांच कराई जा रही है। पूर्व विवाहित होने की पुष्टि हुई तो दिया गया सामान भी वापस लिया जाएगा व अन्य खर्च की रिकवरी कराई जाएगी। जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
-एडीओ समाज कल्याण ब्रह्मदेव पांडेय ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। पूरी गहनता से जांच कराई जा रही है। आरोप सच साबित हुआ तो वर-वधू से रिकवरी और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने के बाद ग्राम प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी द्वारा लड़की के पात्र होने और अविवाहित होने की पुष्टि कर स्वीकृति दी जाती है। इसके बाद लड़की के खाते में 35 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है और 10 हजार कीमत का सामान भी दिया जाता है। प्रति जोड़ा छह हजार रुपये विवाह समारोह में भोजन व अन्य व्यवस्था पर खर्च किया जाता है।
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- 10 मई 2023 को बीघापुर ब्लाक क्षेत्र के कुंभी अकबरपुर से आई थी बरात
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। योजना का लाभ लेने के लिए विवाहित जोड़े ने शनिवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में दोबारा शादी रचा डाली। दोनों का 10 मई 2023 में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह हुआ था। अधिकारियों ने जांच के बाद वधू को दी जाने वाली 35 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि का भुगतान रोक दिया है। दिया गया सामान भी वापस लिया जाएगा।
मामला सुमेरपुर ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत जगतपुर का है। यहां की रहने वाली ग्राम प्रधान के परिवार की रेखा पुत्री देवदत्त उर्फ पुत्तन का विवाह 10 मई 2023 को कुंंभी अकबरपुर निवासी जितेंद्र कुमार पुत्र मक्खन लाल के साथ हुआ था। ग्रामीणों ने बताया कि 10 मई को बरात आई थी और जयमाल के साथ रीति-रिवाज से विवाह संपन्न हुआ था।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ लेने के लिए रेखा ने ऑनलाइन आवेदन कर दिया। ग्राम प्रधान के परिवार का मामला होने से जिम्मेदारों ने भी क्लीनचिट दे दी। शनिवार को बीघापुर ब्लॉक में हुए सामूहिक विवाह समारोह में रेखा और जितेंद्र ने फिर से विवाह रचा लिया। हालांकि सामूहिक विवाह समारोह संपन्न होने के दौरान ही इस जोड़े के पूर्व विवाहित होने का मामला चर्चा में आया था, लेकिन जिम्मेदारों ने खास ध्यान नहीं दिया।
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जिम्मेदार बोले
-सुमेरपुर ब्लॉक की बीडीओ संध्या रानी ने बताया कि रेखा और जितेंद्र के पूर्व विवाहित होने का मामला जानकारी में आया है। योजना के तहत वधू को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान रोक दिया गया है। प्रकरण की जांच कराई जा रही है। पूर्व विवाहित होने की पुष्टि हुई तो दिया गया सामान भी वापस लिया जाएगा व अन्य खर्च की रिकवरी कराई जाएगी। जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
-एडीओ समाज कल्याण ब्रह्मदेव पांडेय ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। पूरी गहनता से जांच कराई जा रही है। आरोप सच साबित हुआ तो वर-वधू से रिकवरी और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने के बाद ग्राम प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी द्वारा लड़की के पात्र होने और अविवाहित होने की पुष्टि कर स्वीकृति दी जाती है। इसके बाद लड़की के खाते में 35 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है और 10 हजार कीमत का सामान भी दिया जाता है। प्रति जोड़ा छह हजार रुपये विवाह समारोह में भोजन व अन्य व्यवस्था पर खर्च किया जाता है।