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सिंचाई पाइप आंवटन में गड़बड़ी की जांच
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मोमिनपुर ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत आवंटित पाइप में घोटाले की जांच ?
- फोटो : UNNAO
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परियर। ग्राम पंचायत मोमिनपुर में प्रधानमंत्री कृषि सिचाईं योजना के तहत 33 किसानों को दिए गए पाइप घोटाले की जांच करने उप निदेशक उद्यान वीरेंद्र कुमार गांव पहुंचे। उन्होंने किसानों के बयान लिए। उनका कहना है कि शुरुआती जांच में अनियमितता सामने आई है।
उद्यान विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में सिकंदरपुर सरोसी के मोमिनपुर, परियर, भदेवना में 33 किसानों को शामिल किया गया था। किसानों का आरोप था कि एक ठेकेदार ने फार्म भरवाए थे। फिर रायबरेली की फर्म ने पाइप भिजवाए लेकिन किसानों को न देकर गांव के बाहर उतरवा दिए थे। ब्लाक अधिकारी की सत्यापन रिपोर्ट लगने के बाद फर्म ने पाइप वापस उठवा लिए थे। फिर किसानों के खातों से सब्सिडी का पूरा पैसा निकलवाकर किसी को पांच तो किसी को सात हजार रुपये ही दिए थे। मोमिनपुर के पूर्व प्रधान प्रतिनिधि अनिल त्रिवेदी की शिकायत पर उपनिदेशक उद्यान लखनऊ मंडल वीरेंद्र कुमार ने 16 जून को गांव पहुंचकर 31 किसानों के बयान लिए थे। रिपोर्ट के आधार पर निदेशक उद्यान आरके तोमर ने निरीक्षक राहुल शुक्ला को निलंबित कर दिया था। इसके बाद लाभार्थियों ने फिर से शपथपत्र देकर जांच पर सवाल उठाए थे।
इसी मामले की दुबारा जांच करने उपनिदेशक वीरेंद्र कुमार बुधवार को गांव पहुंचे। प्रभुताखेड़ा के किसान राजनारायण ने बताया कि उसे इस योजना का लाभ ही नहीं मिला है। ठेकेदार ने पासबुक अपने पास ही रखी है। गांव के कल्लू ने बताया कि उसे सिर्फ पाइप ही मिले। अन्य कोई सामान नहीं मिला है। जांच में पाइप भी मानक के अनुरूप नहीं मिले। किसी भी प्रकार की सब्सिडी मिलने से इंकार किया। अखिलेश सिंह के यहां जांच में 15 पाइप अधिक मिले व अन्य सामान पूरा नहीं मिला। शैलेंद्र सिंह, रामजानकी, सुनील सिंह व हरिनाम मौके पर नहीं मिले। उपनिदेशक ने बताया कि जांच में अनियमितताएं मिली हैं। फर्जी शपथपत्र देने की बात सामने आई है। पूरी रिपोर्ट बनाकर निदेशक को देंगे। इस दौरान जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार भी मौजूद रहे।
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उद्यान विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में सिकंदरपुर सरोसी के मोमिनपुर, परियर, भदेवना में 33 किसानों को शामिल किया गया था। किसानों का आरोप था कि एक ठेकेदार ने फार्म भरवाए थे। फिर रायबरेली की फर्म ने पाइप भिजवाए लेकिन किसानों को न देकर गांव के बाहर उतरवा दिए थे। ब्लाक अधिकारी की सत्यापन रिपोर्ट लगने के बाद फर्म ने पाइप वापस उठवा लिए थे। फिर किसानों के खातों से सब्सिडी का पूरा पैसा निकलवाकर किसी को पांच तो किसी को सात हजार रुपये ही दिए थे। मोमिनपुर के पूर्व प्रधान प्रतिनिधि अनिल त्रिवेदी की शिकायत पर उपनिदेशक उद्यान लखनऊ मंडल वीरेंद्र कुमार ने 16 जून को गांव पहुंचकर 31 किसानों के बयान लिए थे। रिपोर्ट के आधार पर निदेशक उद्यान आरके तोमर ने निरीक्षक राहुल शुक्ला को निलंबित कर दिया था। इसके बाद लाभार्थियों ने फिर से शपथपत्र देकर जांच पर सवाल उठाए थे।
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इसी मामले की दुबारा जांच करने उपनिदेशक वीरेंद्र कुमार बुधवार को गांव पहुंचे। प्रभुताखेड़ा के किसान राजनारायण ने बताया कि उसे इस योजना का लाभ ही नहीं मिला है। ठेकेदार ने पासबुक अपने पास ही रखी है। गांव के कल्लू ने बताया कि उसे सिर्फ पाइप ही मिले। अन्य कोई सामान नहीं मिला है। जांच में पाइप भी मानक के अनुरूप नहीं मिले। किसी भी प्रकार की सब्सिडी मिलने से इंकार किया। अखिलेश सिंह के यहां जांच में 15 पाइप अधिक मिले व अन्य सामान पूरा नहीं मिला। शैलेंद्र सिंह, रामजानकी, सुनील सिंह व हरिनाम मौके पर नहीं मिले। उपनिदेशक ने बताया कि जांच में अनियमितताएं मिली हैं। फर्जी शपथपत्र देने की बात सामने आई है। पूरी रिपोर्ट बनाकर निदेशक को देंगे। इस दौरान जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार भी मौजूद रहे।
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