{"_id":"84e8245b24dc2a79c104aa5e25640727","slug":"fraud-hindi-news-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"लाखों का सरकारी चावल हजम कर गई राइस मिल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लाखों का सरकारी चावल हजम कर गई राइस मिल
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Sun, 08 Mar 2015 12:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीघापुर। इंडस्ट्रियल एरिया साइट नंबर एक स्थित एक राइस मिल ने उत्तर प्रदेश खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम का 652.22 क्विंटल धान हजम कर लिया है। इसकी कीमत करीब 17.68 लाख रुपये बताई जा रही है।
पूरे मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि राइस मिल यह धान 2013 से वापस नहीं कर रही है और विभाग ने अभी तक राइस मिल के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। बीघापुर केंद्र प्रभारी ने लखनऊ से आगे की कार्रवाई के लिए स्वीकृति मांगी है।
वर्ष 2013-14 में उत्तर प्रदेश खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम के बीघापुर स्थित केंद्र द्वारा किसानों से धान खरीद कर विभाग द्वारा अनुबंधित की गई साइड नंबर एक इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक राइस मिल को 1375.20 क्विंटल धान कुटाई के लिए दिया गया था।
विज्ञापन
राइस मिल को इसमें से 921.38 क्विंटल चावल केंद्र को वापस करना था। मील ने भेजे गए धान के सापेक्ष विभाग को केवल 269.16 क्विंटल धान ही वापस किया। शेष 652.22 क्विंटल चावल अभी तक वापस नहीं किया। जिसकी विभाग ने कीमत 17 लाख 68 हजार 901 रुपये आंकी है।
राइस मिल ने अभी तक ना तो चावल ही वापस दिया ना ही धन राशि जमा की, जबकि विभाग अपना चावल और रुपये पाने के लिए जिला स्तर पर मिल मालिक को लगातार पत्राचार व व्यक्तिगत तौर पर चेतावनी दे रहा है। लेकिन इसके बाद भी मिल मालिक ना तो चावल ही वापस कर रहा है और ना ही अनुमानित धनराशि ही जमा कर रहा है।
इस मामले में बीघापुर केंद्र के प्रभारी अखिलेश द्विवेदी ने बताया कि राइस मिल करीब 652.22 क्विंटल चावल वापस नहीं कर रही है। लखनऊ स्थित मुख्यालय को पत्र लिखकर राइस मिल मालिक के खिलाफ कार्रवाई के लिए अनुमति मांगी है। मुख्यालय से हरी झंडी मिलते ही राइस मिल मालिक के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
पूरे मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि राइस मिल यह धान 2013 से वापस नहीं कर रही है और विभाग ने अभी तक राइस मिल के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। बीघापुर केंद्र प्रभारी ने लखनऊ से आगे की कार्रवाई के लिए स्वीकृति मांगी है।
विज्ञापन
वर्ष 2013-14 में उत्तर प्रदेश खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम के बीघापुर स्थित केंद्र द्वारा किसानों से धान खरीद कर विभाग द्वारा अनुबंधित की गई साइड नंबर एक इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक राइस मिल को 1375.20 क्विंटल धान कुटाई के लिए दिया गया था।
विज्ञापन
राइस मिल को इसमें से 921.38 क्विंटल चावल केंद्र को वापस करना था। मील ने भेजे गए धान के सापेक्ष विभाग को केवल 269.16 क्विंटल धान ही वापस किया। शेष 652.22 क्विंटल चावल अभी तक वापस नहीं किया। जिसकी विभाग ने कीमत 17 लाख 68 हजार 901 रुपये आंकी है।
राइस मिल ने अभी तक ना तो चावल ही वापस दिया ना ही धन राशि जमा की, जबकि विभाग अपना चावल और रुपये पाने के लिए जिला स्तर पर मिल मालिक को लगातार पत्राचार व व्यक्तिगत तौर पर चेतावनी दे रहा है। लेकिन इसके बाद भी मिल मालिक ना तो चावल ही वापस कर रहा है और ना ही अनुमानित धनराशि ही जमा कर रहा है।
इस मामले में बीघापुर केंद्र के प्रभारी अखिलेश द्विवेदी ने बताया कि राइस मिल करीब 652.22 क्विंटल चावल वापस नहीं कर रही है। लखनऊ स्थित मुख्यालय को पत्र लिखकर राइस मिल मालिक के खिलाफ कार्रवाई के लिए अनुमति मांगी है। मुख्यालय से हरी झंडी मिलते ही राइस मिल मालिक के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।