बुखार से महिला समेत चार की मौत

अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव Updated Wed, 19 Sep 2018 12:25 AM IST
मोल्हेखेड़ा में तख्त पर लेटे बुखार से पीड़ित बच्चे।
मोल्हेखेड़ा में तख्त पर लेटे बुखार से पीड़ित बच्चे। - फोटो : अमर उजाला
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जिले में संक्रामक रोगों का हमला तेज हो गया है। मंगलवार को माखी, औरास व बांगरमऊ, और फ तेहपुर चौरासी में बुखार से महिला समेत चार लोगों  ने दम तोड़ दिया। वहीं कई बुखार से पीड़ित हैं। सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांवों में पहुंचकर चेकअप किया और स्लाइड बनाई।
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औरास ब्लाक के अलग-अलग गांवों में संक्रामक रोगों का कहर चल रहा है। सैकड़ों लोग बीमारियों से जूझ रहे हैं। करीब एक पखवारे के अंदर आधा दर्जन लोग बुखार से मौत के मुंह में समा चुके हैं। सोमवार शाम करीब 8 बजे धमियाना गांव निवासी रानी (28) पत्नी रामचंद्र को ठंड लगकर तेज बुखार आया था। परिजन उसे लेकर हरदोई के संडीला गए। यहां से महिला को लखनऊ रेफ र कर दिया गया। देर रात लखनऊ के मेडिकल कालेज में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। महिला की मौत से अबोध बच्चों मानशी, रोहित और राहुल का रो-रोकर बेहाल हैं। मंगलवार को स्वास्थ्य केंद्र से रामनरेश के नेतृत्व में नंदौली गांव टीम गई। यहां 98 मरीजों को देख 16 की रक्त स्लाइड बनाकर दवाएं वितरित की गई। प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. अनूप तिवारी ने बताया कि स्थिति लगभग सब जगह सामान्य है। जरूरत पड़ने पर टीमों को दुबारा गांव भेजकर जांच कराई जाएगी।


बांगरमऊ के ग्राम गोशा प्रयागपुर निवासी रामबाबू पांडेय की 22 वर्षीय पुत्री वंदना को एक  सप्ताह पूर्व तेज बुखार आया था। रामबाबू ने वंदना को नगर के एक निजी चिकित्सक को दिखाया था। फ ायदा न मिलने पर उसे संडीला के किसी अस्पताल में भर्ती कराया। हालत बिगड़ने पर तीन दिन पहले रामबाबू ने वंदना को लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। लखनऊ में इलाज के दौरान मंगलवार को वंदना की मौत हो गई। एक माह के अंतराल में बुखार की चपेट में आकर एक दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है।

सिकंदरपुर सरोसी के भदेवना के मजरा मोल्हेखेड़ा में संक्रामक रोगों ने पांव पसार लिया है। सुरेश की 7 साल की बेटी राधिका को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। उसके बाद उसके गले में गांठ निकली और सूजन आ गई। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई है। इसी प्रकार गांव के नंदनी, प्रियंका, सुनील, दिलीप, प्रांशू, अंकित, अभिषेक, शिवांशी, कैलाश, संतराम, ज्ञानू, संतोषी, आदर्श, रामजी, लक्ष्मी, सचिन, रामसिंह, प्रदीप, अर्जुन, मिलन, सौरभ, शिवशंकर व धर्मपाल आदि 50 लोग बीमारी की चपेट में हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ में गांव के अंदर पानी भर गया था। इसी कारण संक्रमण फैल गया है। बताया कि पहले बुखार आता है फि र गले में दर्द के बाद सूजन आ जाती है। सांस लेने में कठिनाई होती है। सरकारी सहायता न मिलने से निजी चिकित्सक से इलाज कराने को मजबूर हैं। गांव में इस तरह की बीमारी कभी नहीं हुई जिससे ग्रामीण दहशत में हैं।

फ तेहपुर चौरासी में दो दिन से बुखार से पीड़ित छात्र की इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। छोटा भाई भी बुखार से पीड़ित है। ग्राम पंचायत सूसूमऊ के मजरा कोइलीखेड़ा निवासी नन्हेलाल का पुत्र विपिन (12) ग्राम नेवादा के उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा छह में पढ़ता था। पिता ने बताया कि विपिन को कई दिनों से बुखार आ रहा था। मंगलवार को पेट में तेज दर्द होने पर वह घर लौट आया। उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। हालत में सुधार न होने पर रेफ र कर दिया। घर वाले शाम करीब चार बजे जिला चिकित्सालय ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पिता नन्हेलाल ने बताया कि छोटे बेटे सूरज (8) को भी दो दिन से बुखार आ रहा है। ग्राम प्रधान देवेंद्र कुमार कुशवाहा ने बताया कि कल्याणी नदी के किनारे बसे होने के कारण बाढ़ प्रभावित उक्त गांव में बीमारियां बढ़ी हैं। छात्र की अचानक मौत से ग्रामीणों में दहशत है।


 ग्राम नसिरापुर और चकमीरापुर के बाद अब संक्रामक बीमारियां ग्राम हैबतपुर पहुंच गई हैं। इस गांव में भी बच्चों, महिलाओं सहित करीब आधा सैकड़ा लोग संक्रामक रोगों की गिरफ्त में हैं। एक सप्ताह पूर्व ग्राम नसिरापुर और उसके मजरा चकमीरापुर में गंदगी व जलभराव के कारण संक्रामक रोगों का प्रकोप शुरू हुआ था। अब ग्राम हैबतपुर में भी संक्रामक बीमारियों का हमला शुरू हो गया। गांव में प्रशांत, कोमल, राजू, रीना, पप्पू, सर्वेश कुमार, सरवन, आशीष कुमार, लवकुश और किशनू सहित करीब 50 लोग मलेरिया, वायरल फ ीवर जैसे रोगों की गिरफ्त में हैं। ग्राम प्रधान विनोद कुमार गुप्ता ने स्वास्थ्य विभाग से जल्द टीम भेजकर मरीजों का समुचित उपचार कराने की मांग की है। सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. मुकेश सिंह ने बताया कि हैबतपुर में बीमारियां फैलने की अभी सूचना नहीं है। टीम भेजकर मरीजों की जांच और दवाओं का वितरण कराया जाएगा।

सीएमओ डा. लालता प्रसाद ने बताया कि मेडिकल टीमें लगातार काम कर रही हैं। जहां भी बीमारी फैलने की सूचना मिल रही है। तुरंत डाक्टरों की टीम दवा लेकर पहुंच रही है। बताया कि टीमें गांव में कैंप कर लोगों का इलाज कर रही हैं। जिनकी हालत गंभीर पाई जाती हैे तत्काल अस्पताल मेें भर्ती कर इलाज कराया जा रहा है।

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