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Unnao News: कमिश्नर से बोले बाढ़ पीड़ित, न मिल रहा खाना और न दवा

Fri, 12 Sep 2025 12:08 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 12 Sep 2025 12:08 AM IST
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Flood victims told the commissioner, neither food nor medicine is available
फोटो-24-कोलवा के पास सड़क पर तंबू लगाकर रह रहे बाढ़ पीड़ित से जानकारी लेतीं मंडलायुक्त डॉ. रोशन
उन्नाव/परियर। बाढ़ पीड़ितों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी लेने पहुंची मंडलायुक्त के सामने शिकायतों की झड़ी लग गई। किसी बाढ़ पीड़ित ने खाना न मिलने की तो किसी ने दवा न मिलने एवं आवागमन के लिए मात्र टूटी नाव की जानकारी दी। इस पर कमिश्नर ने नाराजगी जताई। उन्होंने तुरंत खाने उपलब्ध कराने वाले ठेकेदार को हटाने और क्षेत्रीय लेखपाल को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए।
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मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब डीएम गौरांग राठी के साथ गुरुवार को सदर तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव कोलवा के पीड़ितों से मिलने तंबू में पहुंचीं। सड़क किनारे रह रहे बाढ़ पीड़ितों से रहने, खाना मिलने, मवेशियों के चारे और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं के बारे में पूछा तो उनका दर्द छलक उठा। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार की मदद नहीं मिल रही है। बताया कि तीन गांवों टपरा, कोलवा, महानंदपुरवा की आबादी करीब 400 है। इतने लोगों के आवागमन के लिए मात्र एक टूटी नाव लगाई गई है।
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मंडलायुक्त बाढ़ राहत शिविर जानकीकुंड पहुंची तो यहां पीड़ितों ने समस्याओं की झड़ी लगा दी। पीड़ितों ने बताया कि भरपेट खाना नहीं मिल रहा। बीमारों का इलाज करने स्वास्थ्य कर्मी नहीं आते। मवेशियों के के लिए चारा नहीं है। शौचालय पर ताला लगा है। इस पर मंडलायुक्त नाराज हो गईं।
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उन्होंने खाना वितरण करने वाले ठेकेदार को फोन पर कड़ी फटकार लगाई और तत्काल प्रभाव से हटाने और क्षेत्रीय लेखपाल को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। कहा कि परिवारों को पूरा खाना दिया जाए। कोई भूखा न रहे। उन्होंने बच्चों को अलग से खिचड़ी देने के निर्देश भी दिए। कहा कि कोई भी परिवार शिविर के बाहर रोड पर न रहे, उसे राहत केंद्र में लाया जाए।

200 रुपये दो, राहत सूची में नाम शामिल कराओ
गंजमुरादाबाद। एक तरफ बाढ़ पीड़ित गंगा के बढ़ते जलस्तर से परेशान हैं। वहीं दूसरी ओर कुछ लोग आपदा में अवसर तलाश रहे हैं। ऐसा ही एक मामला गंजमुरादाबाद के कटरी के गांव भिखारीपुर पतसिया का सामने आया है। यहां पर लेखपाल के प्राइवेट कर्मी पर राहत सूची में नाम शामिल कराने के एवज में 200 रुपये मांगने का आरोप लगा है। गांव के रामऔतार, अनीता, दीनदयाल, महादेई, कांती, सुशीला ने आरोप लगाया कि राशन वितरण लिस्ट में नाम शामिल करने के एवज में उनसे 200 रुपये मांगे जा रहे हैं।
पैसा देने पर ऐसे लोगों के नाम शामिल करके उनको राहत सामग्री दी गई है जिनके यहां बाढ़ तक नहीं पहुंची है। वह लोग बाढ़ पीड़ित हैं लेकिन पैसे नहीं दे पाए तो नाम शामिल नहीं किया गया। आज तक उन लोगों को सरकारी राहत सामग्री नहीं मिल पाई है। इसकी शिकायत टोल फ्री 1076 पर दर्ज कराई थी। एसडीएम को भी फोन पर जानकारी दी लेकिन न पैसा मांगने वाले पर कोई कार्रवाई हुई और ना ही राहत सामग्री ही मिल सकी है।
बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि क्षेत्रीय राजस्व कर्मचारी की मिलीभगत से दलाल राशन वितरण के लिए कागजी औपचारिकता पूर्ण करने में सक्रिय हैं। इससे पीड़ितों को सही तरीके से सरकारी लाभ नहीं मिल पा रहा है। एडीएम वित्त राजस्व सुशील कुमार गोंड ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं आया है। इसकी जांच कराई जाएगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।

राहत केंद्रों के स्थान पर खुले में तिरपाल तान डाला डेरा
सफीपुर। क्षेत्र के जिन गांवों में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंचा है, वहां के परिवार पशुओं को लेकर सरकारी राहत केंद्र के बजाय खुले मैदान में रह रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सरकारी स्कूल व अन्य बंद स्थानों पर पशुओं को रखने में समस्या होने के कारण खुले मैदान में तिरपाल तानकर समय काट रहे हैं। ऐसे में राजस्व विभाग द्वारा गहोली, जमालनगर कंपोजिट व सराय सकहन स्थित एक मैरिज लान में बनाए गए बाढ़ राहत केंद्र शोपीस बनकर रह गए हैं। गुरुवार को विधायक बंबालाल दिवाकर व एसडीएम शिवेंद्र कुमार वर्मा ने लोगों से मुलाकात कर उनका हाल जाना।


20 गांवों की बिजली काटी, 11 विद्यालय बंद
अचलगंज। लगातार बढ़ रहा गंगा का जलस्तर अब सिकंदरपुर कर्ण में कटरी के गांवों के घरों की दहलीज तक पहुंच गया है। क्षेत्र में बंदीपुर, खन्नापुर, टिकरी, पदमरा, बलाई, मालमऊ, घोसरापुर, मझरा, टेढ़वा, कोलुहागाढ़ा, चंदनपुर विभौरा आदि गांव पानी से घिर गए हैं। छड़ौवाखेड़ा, पंचमपुर गांव के सभी रास्तों में पानी भर गया है। क्षेत्रीय लेखपाल ने फसलों के नुकसान का आंकलन शुरू किया है। बाढ़ से प्रभावित 20 गांवों की विद्युत आपूर्ति काट दी गई है। इसके अलावा प्रभावित क्षेत्र में पड़ने वाले 11 प्राथमिक विद्यालय भी बंद कर दिए गए हैं।

फोटो-24-कोलवा के पास सड़क पर तंबू लगाकर रह रहे बाढ़ पीड़ित से जानकारी लेतीं मंडलायुक्त डॉ. रोशन

फोटो-24-कोलवा के पास सड़क पर तंबू लगाकर रह रहे बाढ़ पीड़ित से जानकारी लेतीं मंडलायुक्त डॉ. रोशन

फोटो-24-कोलवा के पास सड़क पर तंबू लगाकर रह रहे बाढ़ पीड़ित से जानकारी लेतीं मंडलायुक्त डॉ. रोशन

फोटो-24-कोलवा के पास सड़क पर तंबू लगाकर रह रहे बाढ़ पीड़ित से जानकारी लेतीं मंडलायुक्त डॉ. रोशन

फोटो-24-कोलवा के पास सड़क पर तंबू लगाकर रह रहे बाढ़ पीड़ित से जानकारी लेतीं मंडलायुक्त डॉ. रोशन

फोटो-24-कोलवा के पास सड़क पर तंबू लगाकर रह रहे बाढ़ पीड़ित से जानकारी लेतीं मंडलायुक्त डॉ. रोशन

फोटो-24-कोलवा के पास सड़क पर तंबू लगाकर रह रहे बाढ़ पीड़ित से जानकारी लेतीं मंडलायुक्त डॉ. रोशन

फोटो-24-कोलवा के पास सड़क पर तंबू लगाकर रह रहे बाढ़ पीड़ित से जानकारी लेतीं मंडलायुक्त डॉ. रोशन

फोटो-24-कोलवा के पास सड़क पर तंबू लगाकर रह रहे बाढ़ पीड़ित से जानकारी लेतीं मंडलायुक्त डॉ. रोशन

फोटो-24-कोलवा के पास सड़क पर तंबू लगाकर रह रहे बाढ़ पीड़ित से जानकारी लेतीं मंडलायुक्त डॉ. रोशन

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