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आग से छह गृहस्थी जली, लाखों का नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Thu, 23 Mar 2017 12:13 AM IST
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मौरावां सीएचसी में भर्ती छोटी बहुतिया में आग से झुलसी महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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पुरवा तहसील के गुलरिहा के मजरे छोटी बहुतिया में छप्पर में लगी आग ने एक के बाद एक छह घरों को अपनी चपेट में ले लिया। जल रही गृहस्थी को बचाने के प्रयास में एक युवती समेत चार महिलाएं झुलस गईं। वहीं छप्पर के नीचे बंधी किसानों के पंद्रह मवेशियों की जलकर मौत हो गई। झुलसी महिलाओं को ग्राम प्रधान ने सीएचसी में भर्ती कराया। ग्रामीणों ने ट्यूबवेल चलाकर आग पर काबू पाया। आग से गृहस्थी खाक होने से ग्राम प्रधान ने ही पीड़ितोें के खाने-पीने की व्यवस्था कराई। दमकल तब पहुंचीं जब ग्रामीण आग पर काबू पा चुके थे।
छोटी बहुतिया निवासी रामशरण के बंगले में चूल्हे की राख में उठी चिंगारी से आग लग गई। आग की लपटे इतनी तेज थी कि उसने बगल में ही रहने वाले रामशरण के भाई सिजोर, चंद्रकिशोर, रामकिशोर व रामबाबू के घर को भी चपेट में ले लिया। आग की चपेट में आने से सिजोर की भैंस व उसका लैरा, चंद्रकिशोर की भैंस व एक गाय के अलावा रामशरण की बारह बकरियाें की झुलसकर मौत हो गई। रामशरण, सिजोर, चंद्रकिशोर, रामबाबू व राजकिशोर सभी दिल्ली व हरियाणा में रहकर भट्ठे पर मजदूरी करते हैं।
घर पर सिर्फ महिलाएं व बच्चे ही रहते हैं। आग बुझाने की जल्दी में सावित्री पत्नी रामशरन, नन्हकई पत्नी राज किशोर, माधुरी पुत्री शिवजोर व प्रेम कुमारी पुत्र चंद्रकिशोर झुलस गईं। झुलसे लोगों को सीएचसी में भर्ती कराया गया। इतना ही नहीं आग बुझाने की जल्दी में गांव के ही लवकुश पुत्र बाबूलाल का छत से गिरने से पैर टूट गया। ग्रामीणों ने दो ट्यूबवेल की मदद से आग पर काबू पाया। जानकारी पर तहसीलदार संगमलाल व एसओ दिनेशचंद्र मिश्रा मौके पर पहुंचे। तहसीलदार के मुताबिक लगभग पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है। आग बुझाने के बाद दमकल गांव पहुंची। ग्राम प्रधान बलबीर सिंह ने पीड़ितों के लिए भोजन की व्यवस्था कराई।
छोटी बहुतिया निवासी रामशरण के बंगले में चूल्हे की राख में उठी चिंगारी से आग लग गई। आग की लपटे इतनी तेज थी कि उसने बगल में ही रहने वाले रामशरण के भाई सिजोर, चंद्रकिशोर, रामकिशोर व रामबाबू के घर को भी चपेट में ले लिया। आग की चपेट में आने से सिजोर की भैंस व उसका लैरा, चंद्रकिशोर की भैंस व एक गाय के अलावा रामशरण की बारह बकरियाें की झुलसकर मौत हो गई। रामशरण, सिजोर, चंद्रकिशोर, रामबाबू व राजकिशोर सभी दिल्ली व हरियाणा में रहकर भट्ठे पर मजदूरी करते हैं।
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घर पर सिर्फ महिलाएं व बच्चे ही रहते हैं। आग बुझाने की जल्दी में सावित्री पत्नी रामशरन, नन्हकई पत्नी राज किशोर, माधुरी पुत्री शिवजोर व प्रेम कुमारी पुत्र चंद्रकिशोर झुलस गईं। झुलसे लोगों को सीएचसी में भर्ती कराया गया। इतना ही नहीं आग बुझाने की जल्दी में गांव के ही लवकुश पुत्र बाबूलाल का छत से गिरने से पैर टूट गया। ग्रामीणों ने दो ट्यूबवेल की मदद से आग पर काबू पाया। जानकारी पर तहसीलदार संगमलाल व एसओ दिनेशचंद्र मिश्रा मौके पर पहुंचे। तहसीलदार के मुताबिक लगभग पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है। आग बुझाने के बाद दमकल गांव पहुंची। ग्राम प्रधान बलबीर सिंह ने पीड़ितों के लिए भोजन की व्यवस्था कराई।
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