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पान की खेती पर मिलेगा पचास फीसदी अनुदान
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Wed, 11 Mar 2015 12:01 AM IST
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उन्नाव। पान की खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने पचास फीसदी अनुदान देने की योजना लागू की है। योजना का लाभ पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा। लाभार्थी का चयन जिलाधिकारी द्वारा नामित कमेटी के माध्यम से किया जाएगा।
उद्यान विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार, जनपद के बीघापुर, भगवंतनगर, मियागंज, औरास, हसनगंज, पुरवा आदि ब्लाकों के लगभग 60 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पान की खेती की जा रही है। पान की फसल को सबसे अधिक बारिश और पाले से नुकसान होता है।
इससे किसानों का पान की खेती से मोहभंग होता जा रहा है। बाजार में बढ़ती पान की मांग को देखते हुए प्रदेश सरकार ने इसे बढ़ावा देने के लिए पचास फीसदी अनुदान देने की योजना लागू की है। इसके लिए शासन की ओर जिले के उद्यान विभाग को पांच पान बरेजों का लक्ष्य दिया गया है।
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एक किसान को 15 सौ वर्गमीटर में पान की खेती के लिए अनुदान दिया जाएगा। जिसकी लागत 151360 रुपये है। इस धनराशि में 75680 रुपये अनुदान विभाग द्वारा दिया जाएगा।
किसको मिलेगा लाभ
उन्नाव। पान की खेती करने वाले किसान के पास सिंचाई का निजी साधन हो। वह दो वर्ष से पान की खेती करता हो। पान की खेती पर आने वाली लागत वहन कर सकता हो। इसके अलावा उसका बैंक में खाता हो।
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उद्यान विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार, जनपद के बीघापुर, भगवंतनगर, मियागंज, औरास, हसनगंज, पुरवा आदि ब्लाकों के लगभग 60 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पान की खेती की जा रही है। पान की फसल को सबसे अधिक बारिश और पाले से नुकसान होता है।
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इससे किसानों का पान की खेती से मोहभंग होता जा रहा है। बाजार में बढ़ती पान की मांग को देखते हुए प्रदेश सरकार ने इसे बढ़ावा देने के लिए पचास फीसदी अनुदान देने की योजना लागू की है। इसके लिए शासन की ओर जिले के उद्यान विभाग को पांच पान बरेजों का लक्ष्य दिया गया है।
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एक किसान को 15 सौ वर्गमीटर में पान की खेती के लिए अनुदान दिया जाएगा। जिसकी लागत 151360 रुपये है। इस धनराशि में 75680 रुपये अनुदान विभाग द्वारा दिया जाएगा।
किसको मिलेगा लाभ
उन्नाव। पान की खेती करने वाले किसान के पास सिंचाई का निजी साधन हो। वह दो वर्ष से पान की खेती करता हो। पान की खेती पर आने वाली लागत वहन कर सकता हो। इसके अलावा उसका बैंक में खाता हो।