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सांसद निधि की दूसरी किस्त के लिए सहायक अभियंता ने दी फर्जी रिपोर्ट, जांच
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उन्नाव। जिले के सरकारी मुलाजिम भ्रष्टाचार में पीछे नहीं हैं। अफसर से लेकर कर्मचारी तक इसमें शामिल हैं। एक मामले में डीआरडीए के सहायक अभियंता ने सांसद निधि के दो कामों की दूसरी किस्त रिलीज कराने के लिए फर्जी रिपोर्ट दे दी। वहीं, दूसरे मामले में समाज कल्याण अधिकारी के बाबू ने एससी उत्पीड़न योजना में दी जाने वाली सहायता राशि की दूसरी किस्त देने के लिए अवैध धनराशि की मांग की। दोनों ही मामलों में सीडीओ ने जांच के आदेश दिए हैं।
सिकंदरपुर सरोसी विकासखंड के ग्राम पिंडोखा निवासी सुजीत कुमार पुत्र बनवारी लाल की माता रामवती की 17 अगस्त 2019 को हत्या कर दी गई थी। मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद सरकार ने अनुसूचित जाति अत्याचार उत्पीड़न योजना के तहत आश्रित को 8.25 लाख रुपये स्वीकृत किए। साथ ही समाज कल्याण विभाग के जरिए पहली किस्त के रूप में 4.12 लाख रुपये पिता बनवारीलाल को मिल गए। इसके बाद जब दूसरी किस्त जारी करने का समय आया तो समाज कल्याण विभाग के बाबू ने सुजीत से 50 हजार रुपये मांगे।
सांसद क्षेत्र विकास निधि से विकासखंड बीघापुर के ग्राम गिरिजानगर में प्राइमरी पाठशाला से बाबू लोधी के सामने वाले मंदिर तक सीसी/नाली और सुमेरपुर में ग्राम चोटिहा में नन्हकऊ लोधी की दुकान से रमेश कुमार लोधी के घर तक सीसी/नाली निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। इन कार्यों में दूसरी किस्त जारी करने की संस्तुति डीआरडीए के सहायक अभियंता ने की और रिपोर्ट सीडीओ को भेजी। इस रिपोर्ट का सत्यापन हुआ तो पता चला कि दोनों कार्य कानपुर यूपीएसआईसी संस्था करा रही है लेकिन सहायक अभियंता ने रिपोर्ट में आरईएस द्वारा कार्य कराए जाने की जानकारी दी। इसके अलावा लोकार्पण के पत्थर की जांच में जो फोटो लगाई उसमें एडिटिंग की बात सामने आई। माना गया कि अभियंता ने कार्य का स्थलीय निरीक्षण नहीं किया और मनमानी रिपोर्ट दी। इस पर सहायक अभियंता से स्पष्टीकरण तलब करते हुए दो दिन में जवाब देने के आदेश दिए गए हैं। चेतावनी दी गई है कि यदि समय से संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलेगा तो कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
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मुख्य विकास अधिकारी, डॉ. राजेश कुमार प्रजापति ने कहा कि 50 हजार रुपये मांगने के मामले की जांच जिला समाज कल्याण अधिकारी को दी गई है। तीन दिन में जांच आख्या मांगी है। साथ ही योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2019-20 में स्वीकृत आवेदन और भेजी गई धनराशि की जानकारी मांगी है। वहीं, फर्जी रिपोर्ट देने के मामले में सहायक अभियंता से स्पष्टीकरण तलब किया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सिकंदरपुर सरोसी विकासखंड के ग्राम पिंडोखा निवासी सुजीत कुमार पुत्र बनवारी लाल की माता रामवती की 17 अगस्त 2019 को हत्या कर दी गई थी। मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद सरकार ने अनुसूचित जाति अत्याचार उत्पीड़न योजना के तहत आश्रित को 8.25 लाख रुपये स्वीकृत किए। साथ ही समाज कल्याण विभाग के जरिए पहली किस्त के रूप में 4.12 लाख रुपये पिता बनवारीलाल को मिल गए। इसके बाद जब दूसरी किस्त जारी करने का समय आया तो समाज कल्याण विभाग के बाबू ने सुजीत से 50 हजार रुपये मांगे।
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सांसद क्षेत्र विकास निधि से विकासखंड बीघापुर के ग्राम गिरिजानगर में प्राइमरी पाठशाला से बाबू लोधी के सामने वाले मंदिर तक सीसी/नाली और सुमेरपुर में ग्राम चोटिहा में नन्हकऊ लोधी की दुकान से रमेश कुमार लोधी के घर तक सीसी/नाली निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। इन कार्यों में दूसरी किस्त जारी करने की संस्तुति डीआरडीए के सहायक अभियंता ने की और रिपोर्ट सीडीओ को भेजी। इस रिपोर्ट का सत्यापन हुआ तो पता चला कि दोनों कार्य कानपुर यूपीएसआईसी संस्था करा रही है लेकिन सहायक अभियंता ने रिपोर्ट में आरईएस द्वारा कार्य कराए जाने की जानकारी दी। इसके अलावा लोकार्पण के पत्थर की जांच में जो फोटो लगाई उसमें एडिटिंग की बात सामने आई। माना गया कि अभियंता ने कार्य का स्थलीय निरीक्षण नहीं किया और मनमानी रिपोर्ट दी। इस पर सहायक अभियंता से स्पष्टीकरण तलब करते हुए दो दिन में जवाब देने के आदेश दिए गए हैं। चेतावनी दी गई है कि यदि समय से संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलेगा तो कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
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मुख्य विकास अधिकारी, डॉ. राजेश कुमार प्रजापति ने कहा कि 50 हजार रुपये मांगने के मामले की जांच जिला समाज कल्याण अधिकारी को दी गई है। तीन दिन में जांच आख्या मांगी है। साथ ही योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2019-20 में स्वीकृत आवेदन और भेजी गई धनराशि की जानकारी मांगी है। वहीं, फर्जी रिपोर्ट देने के मामले में सहायक अभियंता से स्पष्टीकरण तलब किया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।