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Unnao News: अवैध पटाखा फैक्टरी में विस्फोट, दो मंजिला इमारत ढही, दंपती समेत तीन झुलसे
Fri, 30 Aug 2024 04:13 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Fri, 30 Aug 2024 04:13 AM IST
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बीघापुर (उन्नाव)। बारासगवर थानाक्षेत्र के करनईपुर गांव में गुुरुवार सुबह करीब 11 बजे मकान में संचालित अवैध पटाखा फैक्टरी में विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि दो मंजिला इमारत 20 मिनट में ही जमींदोज हो गई। कमरों के दरवाजे 30 मीटर दूर दूसरे के खेत में जाकर गिरे। बीच-बीच में धमाकों के चलते मलबे के बड़े-बड़े टुकड़े करीब 100 मीटर दूर तक गिरते रहे।
बारूदी विस्फोट में अतिशबाज, उसकी पत्नी और एक कर्मचारी झुलस गए। आतिशबाज और कर्मचारी तो किसी तरह निकल आए, लेकिन मलबे के ढेर के नीचे दबी पत्नी को निकालने में डेढ़ घंटे से ज्यादा समय लग गया। तीनों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल से कानपुर रेफर किया गया है। जबरदस्त धमाकों से करीब एक किलोमीटर दूर तक के मकान हिल गए।
करनईपुर गांव निवासी सुनील रैदास (45) गांव की बस्ती से करीब 150 मीटर दूर दो मंजिला मकान में पत्नी बीना (40) और तीन बच्चों के साथ रहता है। सुनील मकान में अवैध रूप से पटाखा बनाने और बेचने का काम करता है। गांव निवासी सर्वेश उर्फ पतलू (30) उसके यहां नौकरी करता है।
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ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि गुरुवार सुबह 11 बजे के आसपास अचानक मकान की दूसरी मंजिल पर तेज विस्फोट के बाद लगातार तेज धमाके शुरू हो गए। ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन धमाकों के चलते कोई भी पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। इस दौरान झुलसे हालत में पहले सुनील मकान से बाहर आया इसके कुछ देर के बाद सर्वेश भी निकल आया। दोनों गंभीर रूप से झुलस चुके थे। दोनों के शरीर पर कपड़ों के सिर्फ चीथड़े ही बचे थे।
सुनील मौके पर जुटे लोगों से पत्नी को निकालने की गुहार लगाता रहा, लेकिन लोग पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सीओ ऋषिकांत शुक्ला, एसडीएम क्षितिज द्विवेदी भी फोर्स के साथ पहुंचे, लेकिन रुक-रुक कर हो रहे विस्फोटों से पुलिसकर्मी भी असहाय नजर आए।
इसी बीच पहुंची दमकलकर्मियों ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। सुनील की पत्नी बीना की काफी देर तलाश के बाद मलबे के ढेर से उसके कराहने की आवाज सुनाई दी। एफएसओ शिवराम यादव ने मलबे को हटाकर उसे बाहर निकाला और जिला अस्पताल भेजा। बाद में यहां से तीनों को कानपुर हैलट रेफर कर दिया गया।
कुछ देर बाद पुरवा, सदर और उन्नाव फायर स्टेशन से तीन और दमकलें मौके पर पहुंचीं। थोड़ी-थोड़ी देर में बारूद जलने और धुआं निकलने से पानी की बौछार कर उसे नियंत्रित करते रहे, दोपहर दो बजे रेस्क्यू अभियान खत्म हुआ। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से बारूद और पटाखों ने नमूने सील किए हैं। जांच कर पाता लगाया जाएगा कि किस तरह का बारूद और कितनी क्षमता के पटाखे थे।
सीओ ऋषिकांत शुक्ला ने बताया कि अवैध पटाखा कारोबार यहां कैसे संचालित हो रहा था, इसकी जांच कराई जाएगी और जो भी जिम्मेदार होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। झुलसे दंपती और कर्मचारी का इलाज चल रहा है।
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बारूदी विस्फोट में अतिशबाज, उसकी पत्नी और एक कर्मचारी झुलस गए। आतिशबाज और कर्मचारी तो किसी तरह निकल आए, लेकिन मलबे के ढेर के नीचे दबी पत्नी को निकालने में डेढ़ घंटे से ज्यादा समय लग गया। तीनों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल से कानपुर रेफर किया गया है। जबरदस्त धमाकों से करीब एक किलोमीटर दूर तक के मकान हिल गए।
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करनईपुर गांव निवासी सुनील रैदास (45) गांव की बस्ती से करीब 150 मीटर दूर दो मंजिला मकान में पत्नी बीना (40) और तीन बच्चों के साथ रहता है। सुनील मकान में अवैध रूप से पटाखा बनाने और बेचने का काम करता है। गांव निवासी सर्वेश उर्फ पतलू (30) उसके यहां नौकरी करता है।
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ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि गुरुवार सुबह 11 बजे के आसपास अचानक मकान की दूसरी मंजिल पर तेज विस्फोट के बाद लगातार तेज धमाके शुरू हो गए। ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन धमाकों के चलते कोई भी पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। इस दौरान झुलसे हालत में पहले सुनील मकान से बाहर आया इसके कुछ देर के बाद सर्वेश भी निकल आया। दोनों गंभीर रूप से झुलस चुके थे। दोनों के शरीर पर कपड़ों के सिर्फ चीथड़े ही बचे थे।
सुनील मौके पर जुटे लोगों से पत्नी को निकालने की गुहार लगाता रहा, लेकिन लोग पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सीओ ऋषिकांत शुक्ला, एसडीएम क्षितिज द्विवेदी भी फोर्स के साथ पहुंचे, लेकिन रुक-रुक कर हो रहे विस्फोटों से पुलिसकर्मी भी असहाय नजर आए।
इसी बीच पहुंची दमकलकर्मियों ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। सुनील की पत्नी बीना की काफी देर तलाश के बाद मलबे के ढेर से उसके कराहने की आवाज सुनाई दी। एफएसओ शिवराम यादव ने मलबे को हटाकर उसे बाहर निकाला और जिला अस्पताल भेजा। बाद में यहां से तीनों को कानपुर हैलट रेफर कर दिया गया।
कुछ देर बाद पुरवा, सदर और उन्नाव फायर स्टेशन से तीन और दमकलें मौके पर पहुंचीं। थोड़ी-थोड़ी देर में बारूद जलने और धुआं निकलने से पानी की बौछार कर उसे नियंत्रित करते रहे, दोपहर दो बजे रेस्क्यू अभियान खत्म हुआ। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से बारूद और पटाखों ने नमूने सील किए हैं। जांच कर पाता लगाया जाएगा कि किस तरह का बारूद और कितनी क्षमता के पटाखे थे।
सीओ ऋषिकांत शुक्ला ने बताया कि अवैध पटाखा कारोबार यहां कैसे संचालित हो रहा था, इसकी जांच कराई जाएगी और जो भी जिम्मेदार होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। झुलसे दंपती और कर्मचारी का इलाज चल रहा है।