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भाषण नहीं बल्कि सामाजिक समरसता बढ़ाने से होगा काम-मोहन भागवत
ब्यूरो/ अमर उजाला, उन्नाव
Updated Sun, 15 Feb 2015 12:40 AM IST
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सिर्फ भाषण देने से काम नहीं चलने वाला है बल्कि सामाजिक समरसता बढ़ाने से ही आम लोगों से जुड़ा जा सकता है। कई दशकों से संघ से जुड़े रहे व इसके विचारों को भलीभांति जानने वाले प्रचारकों से अधिक संघ के विषय में कोई भी नहीं जान सकता।
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वे लोग संघ की मानसिकता और कार्यशैली से परिचित हैं और उनका अनुभव ही संघ की भावनाओं को लोगों तक पहुंचा सकता है। इसलिए सभी पूर्व प्रचारक अपने जीवन के अनुभवों व विचारों को आमजन तक पहुंचाने में मौजूदा संघ प्रचारकों व सहयोगियों की मदद करें। यह बातें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने संघ के पूर्व व मौजूदा प्रचारकों से कहीं।
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वह शनिवार को शहर के पूरन नगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में पूर्व प्रचारकों के साथ आयोजित चिंतन शिविर में हिस्सा लेने पहुंचे थे। संघ प्रमुख ने संगठन के सभी लोगों को नसीहत देते हुए कहा कि जो पुराने लोग संघ की मंशा व मनोवृत्ति से परिचित हैं वह इसे आम जनमानस तक विस्तृत तरीके से पहुंचा सकते हैं।
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इसके अलावा उन्होंने कहा कि संघ के उच्च विचारों को लोगों तक पूर्व प्रचारकों की मदद से पहुंचाया जा सकता है और इससे आम लोगों में संघ के प्रति भावना में बदलाव होगा।
उन्होंने कहा कि आम जनमानस से जुड़ाव करके ही संगठन को मजबूती दी जा सकती है। उनके साथ संघ के प्रांत प्रचारक संजय, क्षेत्रीय प्रचारक शिवनारायण व अखिल भारतीय कार्यकारी सदस्य मधुभाई कुलकर्णी सहित जिले के दर्जनों संघ कार्यकर्ता मौजूद रहे।