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Unnao News: बिजली फीडरों की जांच से 22 गांवों की आपूर्ति ठप
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उन्नाव। बिजली फीडरों की जांच से बिछिया क्षेत्र के 22 गांवों की आपूर्ति सात घंटे बंद रही। उमस भरी गर्मी में बिजली न आने से ग्रामीण बेहाल हो गए। पूरे दिन हाथ पंखे के सहारे से पसीना दूर करने का प्रयास करते रहे।
33/11 केवी बिछिया उपकेंद्र में तीन फीडर हैं। इनसे पड़रीकला, बिछिया, सकरन सराय, ताैरा, जरगांव, लहिया, मैता, घटोरी, बदलीखेड़ा, अश्वरखेड़ा, घूरखेत, नेवरना, बड़ौरा, जगवां, गोड़वा, विशुनपुर व खुड़ी आदि गांव जुड़े हैं। इधर, उमस भरी गर्मी होने से बिजली की मांग में इजाफा हुआ है। इससे ओवरलोडिंग की भी समस्या बढ़ गई है। आए दिन फीडरों में तकनीकी खराबी आ रही है। फीडरों को दुरुस्त करने के लिए सोमवार को पहले टेस्टिंग का काम किया गया। काम दोपहर 12 बजे शुरू हुआ।
इंजीनियरों व कर्मचारियों की टीम ने फीडरों की ट्राली निकालकर उसकी जांच की। फिर लाइन व अन्य तकनीकी बिंदुओं की टेस्टिंग की गई। अवर अभियंता जुबराज सिंह ने बताया कि फीडरों की टेस्टिंग जरूरी हो गई थी। इसी कारण सोमवार को काम कराया गया। सात घंटे बिजली आपूर्ति बंद रखने की अनुमति उच्चाधिकारियों से ली गई थी। सात बजे काम समाप्त करके आपूर्ति चालू कर दी गई। फीडरों की टेस्टिंग से जो भी तकनीकी कमियां सामने आई हैं, उनकी मरम्मत कराई जाएगी। इससे गांवों को निर्बाध बिजली आपूर्ति देना आसान होगा।
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33/11 केवी बिछिया उपकेंद्र में तीन फीडर हैं। इनसे पड़रीकला, बिछिया, सकरन सराय, ताैरा, जरगांव, लहिया, मैता, घटोरी, बदलीखेड़ा, अश्वरखेड़ा, घूरखेत, नेवरना, बड़ौरा, जगवां, गोड़वा, विशुनपुर व खुड़ी आदि गांव जुड़े हैं। इधर, उमस भरी गर्मी होने से बिजली की मांग में इजाफा हुआ है। इससे ओवरलोडिंग की भी समस्या बढ़ गई है। आए दिन फीडरों में तकनीकी खराबी आ रही है। फीडरों को दुरुस्त करने के लिए सोमवार को पहले टेस्टिंग का काम किया गया। काम दोपहर 12 बजे शुरू हुआ।
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इंजीनियरों व कर्मचारियों की टीम ने फीडरों की ट्राली निकालकर उसकी जांच की। फिर लाइन व अन्य तकनीकी बिंदुओं की टेस्टिंग की गई। अवर अभियंता जुबराज सिंह ने बताया कि फीडरों की टेस्टिंग जरूरी हो गई थी। इसी कारण सोमवार को काम कराया गया। सात घंटे बिजली आपूर्ति बंद रखने की अनुमति उच्चाधिकारियों से ली गई थी। सात बजे काम समाप्त करके आपूर्ति चालू कर दी गई। फीडरों की टेस्टिंग से जो भी तकनीकी कमियां सामने आई हैं, उनकी मरम्मत कराई जाएगी। इससे गांवों को निर्बाध बिजली आपूर्ति देना आसान होगा।
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