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सूखी नहर ने बढ़ाई किसानों की समस्या
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Fri, 13 Feb 2015 12:11 AM IST
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बीघापुर। शारदा नहर बीघापुर में टेल तक पानी न पहुंच पाने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। तेज धूप के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को पानी की जरूरत है, लेकिन नहर में पानी न होने से फसल के सूखने की आशंका बढ़ गई है।
शारदा नहर बीघापुर क्षेत्र में पहाड़पुर से टेढ़ा तक लगभग 20 किमी क्षेत्र में किसानों को नहर से अर्से से पानी नहीं मिल सका।
धान की पट्टी के रूप में कभी पहाड़पुर, दुबेपुर, महाई भैंसई, श्रीपतिपुर, कुल्हा आदि गांव अपनी पहचान रखते थे, लेकिन पानी की समस्या के कारण ही यहां के किसानों ने धान की पैदावार से दूरी बना ली और आज किसान स्वयं चावल बाजार से खरीदने को मजबूर हैं।
पानी की कमी के चलते किसानों ने गेहूं की बुआई के समय तो ट्यूबवेल से 100 रुपये प्रति घंटे की दर से पानी लेकर करा ली लेकिन अब पानी की फसलों को जरूरत है तो नहर उम्मीद तोड़ती दिख रही है। पहाड़पुर निवासी रघुनाथ पटेल ने बताया कि सर्दी में बारिश होने से एक सींच बच गई थी।
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अब मौसम गर्म होने लगा है। सिंचाई की आवश्यकता चरम सीमा पर है लेकिन नहर में इस सीजन में भी धूल उड़ रही है।
घाटमपुर खुई निवासी रमेश दीक्षित, भगवानदीन पासवान ने बताया कि उपेक्षा के चलते किसान तबाह हो गया है। नहर में टेल तक पानी न पहुंच पाने के कारण बीघापुर, आड़ाखेड़ा, भीखाखेड़ा, घाटमपुर खुर्द, पाली नरोतमपुर, विसेनमऊ, शिवगंज व टेढ़ा के किसानों ने धान रोपना छोड़ दिया है। अब किसानों को गेहूं की फसल भी काट पाना मुश्किल है।
घाटमपुर खुर्द प्रधान मनोज यादव, घाटमपुर कला प्रधान शिव कुमार गौतम ने कई बार नहर की सफाई भी ट्रैक्टरों से कराई, लेकिन पानी नहीं मिला। पूर्व प्रधान अतरेश दीक्षित, गोविंद पाल, बाबू यादव ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर से किसानों की समस्याओं को अविलंब हल करने की मांग की है।
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शारदा नहर बीघापुर क्षेत्र में पहाड़पुर से टेढ़ा तक लगभग 20 किमी क्षेत्र में किसानों को नहर से अर्से से पानी नहीं मिल सका।
धान की पट्टी के रूप में कभी पहाड़पुर, दुबेपुर, महाई भैंसई, श्रीपतिपुर, कुल्हा आदि गांव अपनी पहचान रखते थे, लेकिन पानी की समस्या के कारण ही यहां के किसानों ने धान की पैदावार से दूरी बना ली और आज किसान स्वयं चावल बाजार से खरीदने को मजबूर हैं।
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पानी की कमी के चलते किसानों ने गेहूं की बुआई के समय तो ट्यूबवेल से 100 रुपये प्रति घंटे की दर से पानी लेकर करा ली लेकिन अब पानी की फसलों को जरूरत है तो नहर उम्मीद तोड़ती दिख रही है। पहाड़पुर निवासी रघुनाथ पटेल ने बताया कि सर्दी में बारिश होने से एक सींच बच गई थी।
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अब मौसम गर्म होने लगा है। सिंचाई की आवश्यकता चरम सीमा पर है लेकिन नहर में इस सीजन में भी धूल उड़ रही है।
घाटमपुर खुई निवासी रमेश दीक्षित, भगवानदीन पासवान ने बताया कि उपेक्षा के चलते किसान तबाह हो गया है। नहर में टेल तक पानी न पहुंच पाने के कारण बीघापुर, आड़ाखेड़ा, भीखाखेड़ा, घाटमपुर खुर्द, पाली नरोतमपुर, विसेनमऊ, शिवगंज व टेढ़ा के किसानों ने धान रोपना छोड़ दिया है। अब किसानों को गेहूं की फसल भी काट पाना मुश्किल है।
घाटमपुर खुर्द प्रधान मनोज यादव, घाटमपुर कला प्रधान शिव कुमार गौतम ने कई बार नहर की सफाई भी ट्रैक्टरों से कराई, लेकिन पानी नहीं मिला। पूर्व प्रधान अतरेश दीक्षित, गोविंद पाल, बाबू यादव ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर से किसानों की समस्याओं को अविलंब हल करने की मांग की है।