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डीएम का अल्टीमेटम रंग लाया, लबालब हुईं नहरें
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Tue, 27 Dec 2016 11:54 PM IST
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पुरवा और आसीवन ब्रांच की नहरें भी पानी से लबालब
- फोटो : अमर उजाला
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आखिरकार डीएम का अल्टीमेटम व निगरानी ने असर दिखाया और 61 किमी लंबी उन्नाव ब्रांच की सफाई के बाद अब उसमें पानी आने लगा है। पुरवा और आसीवन ब्रांच की नहरें भी पानी से लबालब हैं। यह पहला मौका है जब जिले की सभी मुख्य नहरें पानी से लबालब हैं।
जिले के एक लाख 56 हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्रफल की सिंचाई नहर के पानी पर निर्भर है। दो मुख्य नहरों में हरदोई ब्रांच नहर और उससे निकले माइनरों की कुल लंबाई 46.812 किमी है। जबकि आसीवन ब्रांच नहर की कुल लंबाई 62 किमी है। मगर कुछ वर्षों में नहरों की सिल्ट सफाई के नाम पर खानापूर्ति व घोटालों ने इस बेहद अहम सिंचाई व्यवस्था की कमर तोड़ दी। इस बार डीएम सुरेंद्र सिंह के अल्टीमेटम ने असर दिखाया।
सूखा राहत मद से मिले 85 लाख रुपये व अन्य मद से धनराशि की व्यवस्था कर डीएम ने शारदा और सिंचाई विभाग को नहरों की सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सिस्ट सफाई की प्रतिदिन मानीटरिंग भी की और शारदा नहर विभाग के जेई व अन्य जिम्मेदार अधिकारियों से प्रतिदिन कार्य की प्रगति समीक्षा करने के साथ ही कराए गए काम की फोटो भी मंगवाई। इसी का नतीजा रहा कि महीनों से फसलों की सिंचाई के लिए पानी का इंतजार कर रहे किसानों को राहत मिली है।
जिले के एक लाख 56 हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्रफल की सिंचाई नहर के पानी पर निर्भर है। दो मुख्य नहरों में हरदोई ब्रांच नहर और उससे निकले माइनरों की कुल लंबाई 46.812 किमी है। जबकि आसीवन ब्रांच नहर की कुल लंबाई 62 किमी है। मगर कुछ वर्षों में नहरों की सिल्ट सफाई के नाम पर खानापूर्ति व घोटालों ने इस बेहद अहम सिंचाई व्यवस्था की कमर तोड़ दी। इस बार डीएम सुरेंद्र सिंह के अल्टीमेटम ने असर दिखाया।
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सूखा राहत मद से मिले 85 लाख रुपये व अन्य मद से धनराशि की व्यवस्था कर डीएम ने शारदा और सिंचाई विभाग को नहरों की सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सिस्ट सफाई की प्रतिदिन मानीटरिंग भी की और शारदा नहर विभाग के जेई व अन्य जिम्मेदार अधिकारियों से प्रतिदिन कार्य की प्रगति समीक्षा करने के साथ ही कराए गए काम की फोटो भी मंगवाई। इसी का नतीजा रहा कि महीनों से फसलों की सिंचाई के लिए पानी का इंतजार कर रहे किसानों को राहत मिली है।
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