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बंदियों ने जेल में बनाई सैनिटाइजर गैलरी
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जेल में बनाई गई सैनिटाइजर गैलरी से निकलता कैदी।
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। कोरोना को हराने की जंग छेड़ चुके कुछ बंदियों और कैदियों ने जेल प्रशासन की मदद से मास्क तैयार करने के साथ ही संक्रमण से बचाव के लिए जेल में सैनिटाइजर गैलरी का निर्माण किया है। फव्वारायुक्त इस गैलरी में लाइटिंग की व्यवस्था भी की गई है। मशीन के जरिए इस गैलरी में 24 घंटे सैनिटाइजर युक्त स्प्रे निकालने वाला फव्वारा, सैनिटाइज करेगा।
बंदियों को बैरक से बाहर निकालकर रोजाना सुबह-शाम इस गैलरी में सैनिटाइज किया जा रहा है। जेलर ने बताया कि बहुत ही कम खर्च में इस गैलरी को बंदियों ने तैयार किया है।
कोरोना के संक्रमण से बंदी और कैदियों को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने जेल से भीड़ कम करने के आदेश जारी किए थे। शासन की ओर से मुलाकात पर भी रोक लगा दी गई थी। 25 मार्च को लॉकडाउन के बाद से मुलाकात पर रोक लगाए जाने के बाद संक्रमण की दहशत जेल में भी व्याप्त हो गई। बंदी और कैदियों को सुरक्षित करने के हर प्रयास जेल प्रशासन द्वारा किए जाने लगे। इन्हीं प्रयासों के बीच कुछ बंदियों ने खुद के साथ अपने साथियों का जीवन सुरक्षित करने के लिए जेल प्रशासन की मदद से पहले मास्क तैयार करने का काम शुरू किया और अब जेल में सैनिटाइजर गैलरी का निर्माण किया है।
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8 फीट लंबी इस गैलरी को लोहे के एंगल के सहारे मोटी पॉलिथीन लगाकर चारों ओर से ढंका गया है। गैलरी में 6 फव्वारा लगाने के साथ ही लाइटिंग की भी व्यवस्था की गई है। मशीन युक्त एक सैनिटाइजर टंकी पास में स्थापित की गई है। जिसका बटन दबाते ही सैनिटाइजर युक्त फव्वारा चलने लगता है। जेलर ब्रजेंद्र सिंह ने बताया कि इस गैलरी को बनाने में लगभग 10 हजार रुपये का खर्च आया है। सुबह, दोपहर और शाम को बंदियों व कैदियों को बैरकों से निकालकर इस गैलरी में 7-8 सेकेंड रोकने के बाद फिर बैरक भेजेगा। बताया कि सैनिटाइजर गैलरी बंदियों और जेल कर्मियों को संक्रमण से बचाएगी।
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बंदियों को बैरक से बाहर निकालकर रोजाना सुबह-शाम इस गैलरी में सैनिटाइज किया जा रहा है। जेलर ने बताया कि बहुत ही कम खर्च में इस गैलरी को बंदियों ने तैयार किया है।
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कोरोना के संक्रमण से बंदी और कैदियों को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने जेल से भीड़ कम करने के आदेश जारी किए थे। शासन की ओर से मुलाकात पर भी रोक लगा दी गई थी। 25 मार्च को लॉकडाउन के बाद से मुलाकात पर रोक लगाए जाने के बाद संक्रमण की दहशत जेल में भी व्याप्त हो गई। बंदी और कैदियों को सुरक्षित करने के हर प्रयास जेल प्रशासन द्वारा किए जाने लगे। इन्हीं प्रयासों के बीच कुछ बंदियों ने खुद के साथ अपने साथियों का जीवन सुरक्षित करने के लिए जेल प्रशासन की मदद से पहले मास्क तैयार करने का काम शुरू किया और अब जेल में सैनिटाइजर गैलरी का निर्माण किया है।
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8 फीट लंबी इस गैलरी को लोहे के एंगल के सहारे मोटी पॉलिथीन लगाकर चारों ओर से ढंका गया है। गैलरी में 6 फव्वारा लगाने के साथ ही लाइटिंग की भी व्यवस्था की गई है। मशीन युक्त एक सैनिटाइजर टंकी पास में स्थापित की गई है। जिसका बटन दबाते ही सैनिटाइजर युक्त फव्वारा चलने लगता है। जेलर ब्रजेंद्र सिंह ने बताया कि इस गैलरी को बनाने में लगभग 10 हजार रुपये का खर्च आया है। सुबह, दोपहर और शाम को बंदियों व कैदियों को बैरकों से निकालकर इस गैलरी में 7-8 सेकेंड रोकने के बाद फिर बैरक भेजेगा। बताया कि सैनिटाइजर गैलरी बंदियों और जेल कर्मियों को संक्रमण से बचाएगी।