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Unnao News: नहर में मिला युवक का शव गमछे से बंधे थे दोनों पैर
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सफीपुर। चार दिन पहले घर से निकले युवक का शव करीब 25 किलोमीटर दूर शारदा नहर में झाड़ी में मिला। चरवाहों की सूचना पर पुलिस ने शव निकलवाया। मृतक के पैर गमछे से बंधे थे और सिर में खरोंच के निशान थे। उसकी जेब में मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान हुई। मृतक की मां किसी से कोई रंजिश न होने की बात बता रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि हुई है।
बेहटामुजावर थानाक्षेत्र के गांव शादीपुर निवासी श्रमिक अवधेश रैदास (33) 28 सितंबर को घर से साइकिल लेकर निकला था। इसके बाद से वह घर नहीं लौटा। परिजनों के अनुसार शराब का लती होने के कारण अक्सर घर नहीं आता था। इससे गुमशुदगी भी दर्ज नहीं कराई। जब वह दूसरे दिन भी नहीं आया तो तलाश शुरू की। उसकी साइकिल आगरा एक्सप्रेस के नीचे नहर के पुल के पास मिली।
लेकिन पुलिस को सूचना नहीं दी गई। परिजन तलाश करते रहे। रविवार को उसका शव सफीपुर कोतवाली के शारदा नहर में झाड़ी में फंसा मिला। चरवाहों की सूचना पर पहुंचे कोतवाल ने उसे बाहर निकाला। जेब से एक आधार कार्ड मिला तो कोतवाल ने बेहटामुजावर एसओ से संपर्क किया।
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एसओ, मृतक के छोटे भाई अमृतलाल की पत्नी मालती, मां सुमित्रा सहित अन्य परिजनों को लेकर पहुंचे तो परिजनों ने उसकी पहचान की। मृतक की मां ने बताया कि अवधेश ने शादी नहीं की थी। किसी से कोई दुश्मनी भी नहीं थी।
नशे का आदी होने से आगरा एक्सप्रेसवे के नीचे नहर पुलिया के पास अक्सर अपने परिचितों के साथ बैठता था। वह तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। छोटे भाई अमृतलाल और महेश दूसरे राज्यों में मजदूरी करते हैं।
कोतवाल श्यामनरायन सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। उसमें डूबने से मौत की पुष्टि हुई है। परिजनों ने भी कोई आरोप नहीं लगाया है। उसके पैर बंधे मिले हैं। इसकी जांच की जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार अवधेश को किसी ने आपसी रंजिश में पैर बांधकर नहर में फेंका है। पैर बंधे होने से वह तैर नहीं पाया और डूबकर मौत हो गई। जिस नहर में शव मिला है वह मृतक के गांव से होकर निकलती है। नहर उसके घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर है। चर्चा है कि नशेबाजी को लेकर विवाद होने के बाद किसी परिचित ने उके पैर बांधकर नहर में फेंक दिया होगा।
उधर पुलिस भी घर, परिवार और बाहरी लोगों से विवाद या किसी प्रकार की खुन्नस होने के बिंदु पर जांच कर रही है।
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बेहटामुजावर थानाक्षेत्र के गांव शादीपुर निवासी श्रमिक अवधेश रैदास (33) 28 सितंबर को घर से साइकिल लेकर निकला था। इसके बाद से वह घर नहीं लौटा। परिजनों के अनुसार शराब का लती होने के कारण अक्सर घर नहीं आता था। इससे गुमशुदगी भी दर्ज नहीं कराई। जब वह दूसरे दिन भी नहीं आया तो तलाश शुरू की। उसकी साइकिल आगरा एक्सप्रेस के नीचे नहर के पुल के पास मिली।
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लेकिन पुलिस को सूचना नहीं दी गई। परिजन तलाश करते रहे। रविवार को उसका शव सफीपुर कोतवाली के शारदा नहर में झाड़ी में फंसा मिला। चरवाहों की सूचना पर पहुंचे कोतवाल ने उसे बाहर निकाला। जेब से एक आधार कार्ड मिला तो कोतवाल ने बेहटामुजावर एसओ से संपर्क किया।
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एसओ, मृतक के छोटे भाई अमृतलाल की पत्नी मालती, मां सुमित्रा सहित अन्य परिजनों को लेकर पहुंचे तो परिजनों ने उसकी पहचान की। मृतक की मां ने बताया कि अवधेश ने शादी नहीं की थी। किसी से कोई दुश्मनी भी नहीं थी।
नशे का आदी होने से आगरा एक्सप्रेसवे के नीचे नहर पुलिया के पास अक्सर अपने परिचितों के साथ बैठता था। वह तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। छोटे भाई अमृतलाल और महेश दूसरे राज्यों में मजदूरी करते हैं।
कोतवाल श्यामनरायन सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। उसमें डूबने से मौत की पुष्टि हुई है। परिजनों ने भी कोई आरोप नहीं लगाया है। उसके पैर बंधे मिले हैं। इसकी जांच की जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार अवधेश को किसी ने आपसी रंजिश में पैर बांधकर नहर में फेंका है। पैर बंधे होने से वह तैर नहीं पाया और डूबकर मौत हो गई। जिस नहर में शव मिला है वह मृतक के गांव से होकर निकलती है। नहर उसके घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर है। चर्चा है कि नशेबाजी को लेकर विवाद होने के बाद किसी परिचित ने उके पैर बांधकर नहर में फेंक दिया होगा।
उधर पुलिस भी घर, परिवार और बाहरी लोगों से विवाद या किसी प्रकार की खुन्नस होने के बिंदु पर जांच कर रही है।