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संतों ने निकाली शोभायात्रा
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शोभायात्रा के दौरान कस्बे का भ्रमण करते संत महात्मा व दंडीस्वामी। संवाद
- फोटो : UNNAO
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सफीपुर। 64वें सनातन धर्म सत्संग समारोह के तीसरे दिन संतों ने शोभायात्रा निकालकर नगर भ्रमण करते हुए ज्ञान की उपयोगिता बताई।
भगवतीचरण वर्मा पार्क में आयोजित सत्संग के तीसरे दिन गुरुवार सुबह संत शोभायात्रा लेकर बबरअलीखेड़ा होते हुए उन्नाव-हरदोई मार्ग स्थित शंकरी देवी मंदिर पहुंचे। उसके बाद सरायसूबेदार होते हुए वापस पार्क पहुंचे। इससे पूर्व बुधवार देर शाम कानपुर से आए आचार्य पुरुषोत्तम त्रिपाठी ने भक्ति मार्ग की महिमा बताते हुए इसे एक सरल साधन बताया। कहा कि जगत की स्थिति बड़ी विषम होती है। द्रोपदी की रक्षा के लिए उसका कोई संबंधी सामने नहीं आया। उसकी पुकार को सुनकर स्वयं जगदीश को ही आना पड़ा।
संत रामस्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि भागवत महापुराण के अनुसार व्यक्ति का योग क्षेम भगवान ही वहन करते हैं। मानवीय गुणों से संपन्न सच्चा व्यक्ति वास्तव में मानव है। सीतापुर के राजन त्रिवेदी, प्रहलाद अवस्थी, हरदोई के सर्वेश अवस्थी, गोंडा के प्रहलाद अवस्थी, नैमिष के अभिषेक मिश्र, बांगरमऊ के सतीश त्रिपाठी ने पौराणिक व्याख्यान के आधार पर सरल प्रवचन किया।
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भगवतीचरण वर्मा पार्क में आयोजित सत्संग के तीसरे दिन गुरुवार सुबह संत शोभायात्रा लेकर बबरअलीखेड़ा होते हुए उन्नाव-हरदोई मार्ग स्थित शंकरी देवी मंदिर पहुंचे। उसके बाद सरायसूबेदार होते हुए वापस पार्क पहुंचे। इससे पूर्व बुधवार देर शाम कानपुर से आए आचार्य पुरुषोत्तम त्रिपाठी ने भक्ति मार्ग की महिमा बताते हुए इसे एक सरल साधन बताया। कहा कि जगत की स्थिति बड़ी विषम होती है। द्रोपदी की रक्षा के लिए उसका कोई संबंधी सामने नहीं आया। उसकी पुकार को सुनकर स्वयं जगदीश को ही आना पड़ा।
संत रामस्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि भागवत महापुराण के अनुसार व्यक्ति का योग क्षेम भगवान ही वहन करते हैं। मानवीय गुणों से संपन्न सच्चा व्यक्ति वास्तव में मानव है। सीतापुर के राजन त्रिवेदी, प्रहलाद अवस्थी, हरदोई के सर्वेश अवस्थी, गोंडा के प्रहलाद अवस्थी, नैमिष के अभिषेक मिश्र, बांगरमऊ के सतीश त्रिपाठी ने पौराणिक व्याख्यान के आधार पर सरल प्रवचन किया।
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