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भगवान, सनातन और धर्म को मत भूलोः देवकीनंदन
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श्रीमद्भागवत कथा सुनाते देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज। संवाद
- फोटो : UNNAO
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उन्नाव। भगवताचार्य देवकी नंदन ठाकुर ने कहा कि सभी को सनातन धर्म का सम्मान करना होगा। अपने धर्म को सम्मान दोगे तो ईश्वर तुम्हे संपन्नता देगा। आप कहीं भी पहुंच जाओ पर भगवान, सत्कर्म और सनातन को मत भूलो।
शेखपुर-करोवन मोड़ मैदान में चल रही भागवत कथा के पांचवें दिन उन्होंने कहा कि दूसरों की सहायता करके भी आप अपने धर्म की रक्षा करोगे। शास्त्र कहते हैं, धर्मो रक्षति रक्षित: यानी तुम अपने धर्म की रक्षा करो हर स्थिति में धर्म तुम्हारी रक्षा करेगा। भगवताचार्य ने पूतना उद्धार एवं श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि कोई पागल है धन दौलत का कोई पागल बेटे, नारी का सच्चा पागल तो वही है जो पागल है बांके बिहारी का। कृष्ण जन्म पर नंद बाबा की खुशी का वृतांत व पूतना वध की कथा सुनाई। बताया कि पृथ्वी का एक नाम ‘रसा’ भी है। श्रीकृष्ण ने सोचा कि सब रस तो ले चुका अब रसा (पृथ्वी) का आस्वादन करूं, पृथ्वी का नाम ‘क्षमा’ भी है। माटी खाने का अर्थ, क्षमा को अपनाना है। भगवान ने सोचा कि ग्वालबालों के साथ खेलना भी है किंतु वह ढीठ हैं। इसलिए क्षमा धारण करके खेलना चाहिए। भगवताचार्य ने ‘नजर न लगजाए, तोरे कारे मोटे-मोटे नैन’ भजनों के माध्यम से प्रभु की महिमा का गुणगान किया।
भागवत कथा में पहुंचे राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने राधे-राधे का उद्घोष कर कहा कि धार्मिक अनुष्ठानों से संस्कृति का प्रसार होता है। कहा कि श्रीकृष्ण तो जगत के पालनहार हैं। बाद में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विपक्ष बताएं कि उन्हें श्रीराम जी और श्रीकृष्ण जी में आस्था है या नहीं। विकास कार्य में उनकी रुचि है या नहीं। विपक्ष नकारात्मक राजनीति करता है और तुष्टीकरण की बात करता है। हम सिर्फ विकास की बात करते हैं। इसलिए अपने आराध्य का विकास करना चाहते हैं। काशी में भव्य मंदिर बन रहा हैै। अब मथुरा की बारी है। वसीम रिजवी के हिंदू धर्म अपनाने पर कहा कि यह हिंदुस्तान है, यहां सभी स्वतंत्र है। सभी को अपना धर्म चुनने की आजादी भी। कोई किसी भी धर्म को अपना सकता है।
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उत्तर प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष नितिन अग्रवाल भी कथा में पहुंचे। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए बनारस में होने वाली प्रदेश कैबिनेट की बैठक पर कहा कि बाबा विश्वनाथ की धरती पर कैबिनेट की बैठक होना ऐतिहासिक है। प्रधानमंत्री ने भव्य कॉरिडोर का निर्माण भी कराया है। एक संदेश भी है कि हमारी सरकार सभी वर्गों के लिए काम और सभी वर्गों का सम्मान कर रही है। टीईटी का पेपर लीक होने के सवाल पर कहा कि जो अधिकारी, कर्मचारी दोषी थे सरकार ने तुरंत उनकी गिरफ्तारी कराई। यह पहली बार हुआ है कि किसी सरकार ने इतनी सख्त कार्रवाई की।
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शेखपुर-करोवन मोड़ मैदान में चल रही भागवत कथा के पांचवें दिन उन्होंने कहा कि दूसरों की सहायता करके भी आप अपने धर्म की रक्षा करोगे। शास्त्र कहते हैं, धर्मो रक्षति रक्षित: यानी तुम अपने धर्म की रक्षा करो हर स्थिति में धर्म तुम्हारी रक्षा करेगा। भगवताचार्य ने पूतना उद्धार एवं श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि कोई पागल है धन दौलत का कोई पागल बेटे, नारी का सच्चा पागल तो वही है जो पागल है बांके बिहारी का। कृष्ण जन्म पर नंद बाबा की खुशी का वृतांत व पूतना वध की कथा सुनाई। बताया कि पृथ्वी का एक नाम ‘रसा’ भी है। श्रीकृष्ण ने सोचा कि सब रस तो ले चुका अब रसा (पृथ्वी) का आस्वादन करूं, पृथ्वी का नाम ‘क्षमा’ भी है। माटी खाने का अर्थ, क्षमा को अपनाना है। भगवान ने सोचा कि ग्वालबालों के साथ खेलना भी है किंतु वह ढीठ हैं। इसलिए क्षमा धारण करके खेलना चाहिए। भगवताचार्य ने ‘नजर न लगजाए, तोरे कारे मोटे-मोटे नैन’ भजनों के माध्यम से प्रभु की महिमा का गुणगान किया।
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भागवत कथा में पहुंचे राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने राधे-राधे का उद्घोष कर कहा कि धार्मिक अनुष्ठानों से संस्कृति का प्रसार होता है। कहा कि श्रीकृष्ण तो जगत के पालनहार हैं। बाद में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विपक्ष बताएं कि उन्हें श्रीराम जी और श्रीकृष्ण जी में आस्था है या नहीं। विकास कार्य में उनकी रुचि है या नहीं। विपक्ष नकारात्मक राजनीति करता है और तुष्टीकरण की बात करता है। हम सिर्फ विकास की बात करते हैं। इसलिए अपने आराध्य का विकास करना चाहते हैं। काशी में भव्य मंदिर बन रहा हैै। अब मथुरा की बारी है। वसीम रिजवी के हिंदू धर्म अपनाने पर कहा कि यह हिंदुस्तान है, यहां सभी स्वतंत्र है। सभी को अपना धर्म चुनने की आजादी भी। कोई किसी भी धर्म को अपना सकता है।
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उत्तर प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष नितिन अग्रवाल भी कथा में पहुंचे। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए बनारस में होने वाली प्रदेश कैबिनेट की बैठक पर कहा कि बाबा विश्वनाथ की धरती पर कैबिनेट की बैठक होना ऐतिहासिक है। प्रधानमंत्री ने भव्य कॉरिडोर का निर्माण भी कराया है। एक संदेश भी है कि हमारी सरकार सभी वर्गों के लिए काम और सभी वर्गों का सम्मान कर रही है। टीईटी का पेपर लीक होने के सवाल पर कहा कि जो अधिकारी, कर्मचारी दोषी थे सरकार ने तुरंत उनकी गिरफ्तारी कराई। यह पहली बार हुआ है कि किसी सरकार ने इतनी सख्त कार्रवाई की।