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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   Lucknow transfer to CBI will be investigated and speed up

मुकदमा लखनऊ ट्रांसफर होने से सीबीआई की जांच में आएगी और तेजी

Tue, 22 May 2018 11:34 PM IST
unnao
unnao Updated Tue, 22 May 2018 11:34 PM IST
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उन्नाव। भाजपा विधायक प्रकरण की जांच कर रही सीबीआई ने उन्नाव पॉक्सो एक्ट का मुकदमा लखनऊ ट्रांसफर कराने की कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार को प्रकरण की स्टेटस रिपोर्ट देखने के बाद सीबीआई की मांग पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पाक्सो एक्ट के तहत चल रहे मुकदमे को उन्नाव से लखनऊ ट्रांसफर कराने के लिए सरकार से कार्रवाई के लिए कहा था। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक मुकदमा ट्रांसफर होने से सीबीआई की दौड़भाग कम होगी। इससे जांच में तेजी आएगी। हालांकि सीबीआई मंगलवार को उन्नाव नहीं आई। सूत्रों के मुताबिक लखनऊ में कार्रवाई जारी रही।
भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर पर दर्ज किशोरी से दुष्कर्म और उनके भाई अतुल सेंगर व साथियों के खिलाफ किशोरी के पिता की हत्या के मुकदमे की जांच कर रही सीबीआई ने शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है।
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जून 2017 में दर्ज हुए पॉक्सो  एक्ट के मुकदमे में किशोरी के गांव के ही शुभम सिंह, ब्रजेश यादव और अनिल तिवारी नामित थे। बाद में सीबीआई की ओर से दर्ज में विधायक का नाम भी जुड़ गया। यह मुकदमा उन्नाव पॉक्सो कोर्ट में होने से रिमांड पर लेकर तलबी पेशी कराने के साथ ही चार्जशीट दाखिल होने की स्थिति में सुनवाई भी यहीं होती रही। विधायक व उनके भाई के खिलाफ दर्ज किशोरी के पिता की हत्या, किशोरी के पिता व चाचा के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराने, 3 अप्रैल को किशोरी के पिता से मारपीट करने के बाद उसी पर आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज कराने के बाद जेल भिजवाने के मुकदमों की सुनवाई लखनऊ सीबीआई कोर्ट में चल रही है। सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट देखने के बाद हाईकोर्ट ने अगली स्टेटस रिपोर्ट 30 मई को तलब की है।  सीबीआई प्रकरण की जांच जल्द पूरी करने में जुटी है।
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इनसेट
जद में आ सकते हैं जेल और स्वास्थ्य कर्मी
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में तीन दिन की कस्टडी रिमांड पर लिए गए माखी थाना के पूर्व एसओ अशोक सिंह भदौरिया और दरोगा केपी सिंह का अब पूर्व एसपी और सीओ से भी आमना-सामना कराने के साथ ही विधायक पक्ष से पुलिस पर दबाव बनाने वाले उनके गुर्गे भी कार्रवाई की जद में आएंगे। स्वास्थ्य विभाग और जेल कर्मियों से भी आने वाले दिनों में पूछताछ होगी।

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यह है घटनाक्रम
माखी थानाक्षेत्र निवासी किशोरी ने पड़ोस में रहने वाली शशि सिंह पर उसे नौकरी दिलाने का झांसा देकर 4 जून 2017 को विधायक के घर ले जाने और विधायक पर दुष्कर्म का आरोप लगाया।
20 जून 2017 को किशोरी की मां ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि पुलिस ने थाने में अपने मनमुताबिक बयान दर्ज कराए। दबाव बनाकर उसी बयान को कोर्ट में 164 के तहत दर्ज कराया।
22 और 25 जून 2017 को गैंगरेप के मुकदमे में आरोपी शुभम सिंह, नरेश तिवारी और ब्रजेश यादव को गिरफ्तार किया। तीनों जमानत पर जेल से बाहर हैं।
17 अगस्त 2017 को किशोरी ने मुख्यमंत्री से लिखित शिकायत की। किशोरी के चाचा का आरोप है कि इसके बाद उन पर फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए। किशोरी की मां ने न्यायालय में 156/3 के तहत प्रार्थनापत्र देकर विधायक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने मांग की।
3 अप्रैल 2018 को मुकदमे की पेशी पर दिल्ली से आए किशोरी के पिता के साथ मारपीट के बाद उसी पर रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
8 अप्रैल 2018 को पिता को झूठे मुकदमे में फंसाने और उनकी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए किशोरी ने परिवार सहित लखनऊ में सीएम आवास के सामने आत्मदाह का प्रयास किया।

8 अप्रैल 2018 को जेल में बंद किशोरी के पिता की रात करीब 9 हालत बिगड़ गई। जेल अधीक्षक एके सिंह ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती करवाया।
9 अप्रैल 2018 को किशोरी के पिता की इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई। इसके बाद मामला सुर्खियों में आ गया।
10 अप्रैल 2018 को प्रदेश सरकार ने एसआईटी गठित कर मामले की जांच कराई। जांच रिपोर्ट के बाद विधायक के भाई अतुल सहित पांच लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया। इसके बाद सरकार ने पीड़ित परिवार की मांग पर सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी।
12 अप्रैल 2018 की रात मामले की जांच सीबीआई को ट्रांसफर की गई।
13 अप्रैल 2018 को सीबीआई ने विधायक कुलदीप सेंगर को गिरफ्तार कर लिया।
16 मई 2018 को सीबीआई ने माखी थाने के तत्कालीन एसओ अशोक सिंह भदौरिया और दरोगा केपी सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
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