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रंजिश में पूर्व प्रधान के भाई की हत्या

Fri, 30 Jun 2017 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव Updated Fri, 30 Jun 2017 12:30 AM IST
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in revenge brother of former pradhan murderd
kins of deceased - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

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मौरावां थानाक्षेत्र के सगौली के पूर्व प्रधान राकेश यादव का छोटा भाई पवन यादव गुरुवार शाम गांव से करीब छह सौ मीटर दूर गांव की साप्ताहिक बाजार से सब्जी लेने गया था। देर शाम लौटते समय गांव के भीतर पहुंचा था तभी घात लगाए बैठे गांव निवासी राजू पासवान व उसके परिवार के लोगों ने पवन की बाइक में बल्ली मारकर गिरा दिया। सभी ने एक साथ पवन पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। गर्दन और सिर पर कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी। गांव के लोगों ने पूर्व प्रधान व उनके परिजनों को सूचना दी परिजन मौके पर पहुंचे तबतक सभी हमलावर घर में ताला बंद करके भाग चुके थे। सूचना मिलते ही मौरावां थानाध्यक्ष दिनेशचंद्र मिश्रा फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और एसपी को घटना की जानकारी दी। इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक एपी सिंह भी घटना स्थल पहुंचे। घटना को लेकर गांव में दो पक्षों में तनाव को देखते हुए पुलिस और पीएस बल तैनात किया गया है। पूर्व प्रधान ने गांव निवा,ी कमला रावत पत्नी बाबूलाल  उसके बेटे राजू रावत और दीपू रावत के अलावा एजाज उर्फ राजू खां, अख्तर और कमला के परिवार की ही गीता रावत पत्नी शिवकुमार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। एसपी नेहा पांडेय ने बताया कि हत्या की यह घटना पुरानी रंजिश में सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई है। बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

हत्या करने वाले पवन को अपनी इकलौती बहन की मौत का जिम्मेदार मानते थे। फरवरी 2016 को कमला रावत की बेटी किरन का शव गांव के बाहर फांसी के फंदे से लटका मिला था। कमला व उसके बेटे राजू रावत ने पवन यादव पर किरन की हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि न होने पर पुलिस ने पवन को गिरफ्तार नहीं किया था। बाद में कमला ने कोर्ट में अजी देकर रिपोर्ट दर्ज कर जांच कराने की मांग की थी। कोर्ट के आदेश पर भी पुलिस कई दिनों तक टाल मटोल की थी। इसपर ग्रामीणों ने मौरावां मोहनलालगंज मार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्षन किया था। बाद में पुलिस ने पवन यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी लेकिन विवेचना में आरोप सिद्ध न होने पर मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। तभी से दोनों पक्षों में रंजिश चली आ रही थी। कमला रावत और उसके परिवार का मानना था कि पुलिस ने पूर्व विधायक का रिश्तेदार होने के कारण पवन यादव को आरोप मुक्त कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में दुश्मनी चली आ रही थी।
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गांव में रंजिश होने के बाद से पूर्व प्रधान राकेश यादव ने अपने छोटे भाई पवन को लखनऊ में शिफ्ट कर दिया था। वह लखनऊ में ही रहकर नौकरी कर रहा था। परिजनों ने बताया कि पवन काई महीने बाद बुधवार दोपहर को गांव आया था। पवन को गांव में देख दूसरे पक्ष ने हत्या की साजिश रची और गुरूवार को मौका पाकर मौत के घाट उतार दिया।
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पवन की पत्नी कुसमा कुछ दिनों से अपने मायके में हैं। पवन के तीन बच्चे हैं जिनमें नेहा (12), बेटा निशांत (10) और बेटी निधी 6 माह की है। उसकी पत्नी मायके में है और परिजनों ने उसे घटना दी है।


अपर पुलिस अधीक्षक एपी सिंह ने बताया कि गांव में राजनीतिक पार्टी बंदी के चले पुलिस काफी सतर्क है। बताया कि गांव में पुलिस को तैनात कर दिया गया है। स्थिति नियंत्रण में है।

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