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निशक्त किशोर की हत्या का प्रयास
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Fri, 10 Mar 2017 12:17 AM IST
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जिला अस्पताल में मेडिकल करता दिव्यांग सत्यम।
- फोटो : अमर उजाला
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शहर कोतवाली के मोहल्ला रतनखेड़ा में एक घर में घुसे चार नकाबपोश युवकों ने निशक्त को पीटने के बाद फांसी के फंदे से लटका दिया और भाग निकले। गनीमत रही कि बाजार गई किशोर की मां समय रहते घर आ गई और फंदे से लटके बेटे को देख लिया। महिला के शोर मचाने पर आसपास को लोग एकत्र हो गए और किशोर को नीचे उतारा। उसकी सांसें चल रही थीं। सूचना पाकर डायल 100 मौके पर पहुंची और किशोर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
रतनखेड़ा गांव निवासी निशक्त किशोर विपिन सिंह का पुत्र सत्यम (10) गुरुवार को घर पर अकेला था। पिता मजदूरी करने गया था और मां बाजार गई थी। दोपहर करीब 12 बजे चार नकाबपोश युवक उसके घर में दाखिल हुए और सत्यम से पीटने के बाद उसेे उसकी मां की ही साड़ी का फंदा बनाकर कमरे में लटका दिया और भाग निकले। अच्छा हुआ कि इसी दौरान उसकी मां गुड्डी बाजार से खरीदारी कर घर लौटी तो दरवाजे खुले मिले। भीतर पहुंची तो बेटा फांसी के फंदे से लटक रहा था। यह देख उसके होश उड़ गए। चीखते हुए वह बाहर निकली और आसपास के लोगों को बुलाकर उनकी मदद से सत्यम को फंदे से नीचे उतारा। उसकी सांसे चल रहीं थीं।
किशोर की हत्या का प्रयास किए जाने की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और लखनऊ बाईपास पर मौजूद डायल 100 के एसआई अनिरुद्ध सिंह, सिपाही भानु प्रताप सिंह व अमित कुमार मौके पर पहुंचे। किशोर की हालत नाजुक देख उसे अपने ही वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया। बच्चे की मां गुड्डी ने बताया कि पति विपिन सुबह ही मजदूरी के लिए निकल गए थे। बड़ा बेटा शिवम मोहल्ले के ही प्राइमरी स्कूल में पढ़ने गया था। घर पर वह और उसका बेटा सत्यम ही थे। दोपहर करीब 12 बजे वह बेटे सत्यम को घर में अकेला छोड़कर बाजार चली गई।
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बेटे को घर में रुकने को कहकर उसने घर के दरवाजे में बाहर से ताला भी बंद कर दिया था, लेकिन जब वापस पहुंची तो ताला टूटा पड़ा था और दरवाजे भी खुले थे। उसने कहा किसी से दुश्मनी नहीं है। एसआई ने बताया कि जान से मारने के प्रयास की सूचना मिली थी। किशोर अब ठीक है। उसने चार लोगों के होने की बात बताई है। अधिक कुछ नहीं बता पा रहा है।
जुआरियाें पर मां ने जताया शक
किशोर की मां गुड्डी ने बताया कि घर के पीछे जुआ खेला जाता है। दो दिन पहले सत्यम खेलते हुए उधर चला गया था। वहां जुआरियों ने उसे मारा भी था। मारने वाले जुआरियों को सत्यम ने पहचान लिया था। इससे शक है कि उन्हीं लोगों ने सत्यम को मारने का प्रयास किया होगा। गदनखेड़ा चौकी से कुछ दूर स्थित रतनखेड़ा में लंबे समय से जुआं चल रहा है। वहीं लोगों को यह भी शक है कि हो सकता है चोरी के इरादे से कुछ लोग घर में दाखिल हुए हों और वहां बच्चे को पाकर उसका मुंह बंद कराने के लिए ऐसी हरकत की हो। कोतवाली प्रभारी आईपी सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच और कार्रवाई की जाएगी।
रतनखेड़ा गांव निवासी निशक्त किशोर विपिन सिंह का पुत्र सत्यम (10) गुरुवार को घर पर अकेला था। पिता मजदूरी करने गया था और मां बाजार गई थी। दोपहर करीब 12 बजे चार नकाबपोश युवक उसके घर में दाखिल हुए और सत्यम से पीटने के बाद उसेे उसकी मां की ही साड़ी का फंदा बनाकर कमरे में लटका दिया और भाग निकले। अच्छा हुआ कि इसी दौरान उसकी मां गुड्डी बाजार से खरीदारी कर घर लौटी तो दरवाजे खुले मिले। भीतर पहुंची तो बेटा फांसी के फंदे से लटक रहा था। यह देख उसके होश उड़ गए। चीखते हुए वह बाहर निकली और आसपास के लोगों को बुलाकर उनकी मदद से सत्यम को फंदे से नीचे उतारा। उसकी सांसे चल रहीं थीं।
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किशोर की हत्या का प्रयास किए जाने की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और लखनऊ बाईपास पर मौजूद डायल 100 के एसआई अनिरुद्ध सिंह, सिपाही भानु प्रताप सिंह व अमित कुमार मौके पर पहुंचे। किशोर की हालत नाजुक देख उसे अपने ही वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया। बच्चे की मां गुड्डी ने बताया कि पति विपिन सुबह ही मजदूरी के लिए निकल गए थे। बड़ा बेटा शिवम मोहल्ले के ही प्राइमरी स्कूल में पढ़ने गया था। घर पर वह और उसका बेटा सत्यम ही थे। दोपहर करीब 12 बजे वह बेटे सत्यम को घर में अकेला छोड़कर बाजार चली गई।
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बेटे को घर में रुकने को कहकर उसने घर के दरवाजे में बाहर से ताला भी बंद कर दिया था, लेकिन जब वापस पहुंची तो ताला टूटा पड़ा था और दरवाजे भी खुले थे। उसने कहा किसी से दुश्मनी नहीं है। एसआई ने बताया कि जान से मारने के प्रयास की सूचना मिली थी। किशोर अब ठीक है। उसने चार लोगों के होने की बात बताई है। अधिक कुछ नहीं बता पा रहा है।
जुआरियाें पर मां ने जताया शक
किशोर की मां गुड्डी ने बताया कि घर के पीछे जुआ खेला जाता है। दो दिन पहले सत्यम खेलते हुए उधर चला गया था। वहां जुआरियों ने उसे मारा भी था। मारने वाले जुआरियों को सत्यम ने पहचान लिया था। इससे शक है कि उन्हीं लोगों ने सत्यम को मारने का प्रयास किया होगा। गदनखेड़ा चौकी से कुछ दूर स्थित रतनखेड़ा में लंबे समय से जुआं चल रहा है। वहीं लोगों को यह भी शक है कि हो सकता है चोरी के इरादे से कुछ लोग घर में दाखिल हुए हों और वहां बच्चे को पाकर उसका मुंह बंद कराने के लिए ऐसी हरकत की हो। कोतवाली प्रभारी आईपी सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच और कार्रवाई की जाएगी।