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मुठभेड़ में पकड़े डकैत, एक ने खुद को गोली मारी
उन्नाव
Updated Fri, 26 May 2017 12:14 AM IST
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असलहा समेत पकड़े गए डकैत दीपक व शैलेंद्र।
- फोटो : अमर उजाला
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कोतवाली गंगाघाट के ठाकुरखेड़ा गांव के पास बने एक मकान में पुलिस को डकैतों के होने की सूचना मिली। इस पर पुलिस ने घेराबंदी की तो डकैतों ने फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने भी कई राउंड गोली चलाई। पुलिस ने मुठभेड़ में मौके से दो डकैत पकड़े, जबकि एक ने खुद को गोली मार ली। पुलिस ने उसे कानपुर स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया है।
बुधवार देर रात करीब एक बजे कोतवाल अरुण द्विवेदी को मुखबिर ने सूचना दी कि ठाकुरखेड़ा स्थित संजीव गुप्ता के मकान में 15 दिनों से कई डकैत ठहरे हैं। जो नगर की एक सराफ ा दुकान में डकैती डालने की योजना बना रहे है। जिस पर कोतवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और मकान की घेराबंदी की। कोतवाल ने बताया कि उन्होंने डकैतों से समर्पण करने की बात कही तो उन्होंने पुलिस पार्टी पर गोली चला दी।
जवाब में पुलिस ने भी हवा में पांच से छह राउंड गोली चलाई। इतने में तीन डकैत भागने लगे, जिन्हें दौड़ाकर पकड़ लिया गया जबकि एक डकैत ने यह कहते हुए खुद को तमंचे से गोली मार ली कि वह जीते जी पुलिस के हाथ नहीं लगेगा। उसे तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया जहां हालत गंभीर होने पर उसे पुलिस ने कानपुर के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया है। पकड़े गए डकैत दीपक गुप्ता पुत्र लक्ष्मीनारायण निवासी रामनगर पोनीरोड के पास से 315 बोर का तमंचा व 11 कारतूस मिले, शैलेंद्र उर्फ दीपू पुत्र उमेश सिंह निवासी डीह थाना कोतवाली उन्नाव के पास से 312 बोर का एक तमंचा व तीन कारतूस बरामद हुए।
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जबकि गिरीश उर्फ गुड्डू पांडेय पुत्र देवीप्रसाद निवासी आदर्श नगर गंगाघाट के पास से 315 बोर तमंचा व खोखा बरामद किया गया। तीनों पर डकैती, लूट, हत्या के कानपुर, उन्नाव और रायबरेली में कई मुकदमे दर्ज है। उधर गिरीश के खुद को गोली मारने की बात का संदेह दूर करने के लिए अधिकारियों के निर्देश पर मुठभेड़ स्थल पर एक टीम भेजी गई। जहां गंभीरता से मामले की जांच कर टीम अपने साथ कुछ साक्ष्य ले गई है। जिनके आधार पर टीम यह पता करेगी कि क्या गिरीश ने खुद को गोली मारी थी।
बुधवार देर रात करीब एक बजे कोतवाल अरुण द्विवेदी को मुखबिर ने सूचना दी कि ठाकुरखेड़ा स्थित संजीव गुप्ता के मकान में 15 दिनों से कई डकैत ठहरे हैं। जो नगर की एक सराफ ा दुकान में डकैती डालने की योजना बना रहे है। जिस पर कोतवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और मकान की घेराबंदी की। कोतवाल ने बताया कि उन्होंने डकैतों से समर्पण करने की बात कही तो उन्होंने पुलिस पार्टी पर गोली चला दी।
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जवाब में पुलिस ने भी हवा में पांच से छह राउंड गोली चलाई। इतने में तीन डकैत भागने लगे, जिन्हें दौड़ाकर पकड़ लिया गया जबकि एक डकैत ने यह कहते हुए खुद को तमंचे से गोली मार ली कि वह जीते जी पुलिस के हाथ नहीं लगेगा। उसे तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया जहां हालत गंभीर होने पर उसे पुलिस ने कानपुर के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया है। पकड़े गए डकैत दीपक गुप्ता पुत्र लक्ष्मीनारायण निवासी रामनगर पोनीरोड के पास से 315 बोर का तमंचा व 11 कारतूस मिले, शैलेंद्र उर्फ दीपू पुत्र उमेश सिंह निवासी डीह थाना कोतवाली उन्नाव के पास से 312 बोर का एक तमंचा व तीन कारतूस बरामद हुए।
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जबकि गिरीश उर्फ गुड्डू पांडेय पुत्र देवीप्रसाद निवासी आदर्श नगर गंगाघाट के पास से 315 बोर तमंचा व खोखा बरामद किया गया। तीनों पर डकैती, लूट, हत्या के कानपुर, उन्नाव और रायबरेली में कई मुकदमे दर्ज है। उधर गिरीश के खुद को गोली मारने की बात का संदेह दूर करने के लिए अधिकारियों के निर्देश पर मुठभेड़ स्थल पर एक टीम भेजी गई। जहां गंभीरता से मामले की जांच कर टीम अपने साथ कुछ साक्ष्य ले गई है। जिनके आधार पर टीम यह पता करेगी कि क्या गिरीश ने खुद को गोली मारी थी।