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बुरी नीयत से परेशान महिला ने पति के साथ मिलकर की वकील की हत्या
unnao
Updated Mon, 12 Mar 2018 11:49 PM IST
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उन्नाव। अजगैन कोतवाली क्षेत्र के गांव आगाखेड़ा निवासी अधिवक्ता की हत्या का पुलिस ने चौबीस घंटे में ही खुलासा कर दिया। अधिवक्ता की हत्या उसके ही मुवक्किल ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर की थी। अधिवक्ता मुअक्किल की पत्नी से संबंध बनाना चाहता था। इसकी जानकारी महिला ने पति को दी। दोनों ने मिलकर वकील की हत्या की योजना बनाई और पत्नी से फोन करके उसे मिलने के लिए बुलाया। मिलने पहुंचे अधिवक्ता ने महिला से संबंध बनाने का दबाव बनाया। इसी दौरान महिला ने पति के साथ मिलकर उसके सिर पर हैंडपंप के हत्थे से ताबड़तोड़ वार कर मौत के घाट उतार दिया और भाग निकले। दोनों ने आला कत्ल एक तालाब में फेंक दिया। खुलासा करते हुए पुलिस हत्यारोपी दंपति को जेल भेज दिया।
अजगैन कोतवाली के गांव नवई के मजरा आगाखेड़ा निवासी अधिवक्ता कुलदीप वर्मा (27) पुत्र पूरन वर्मा शहर कचहरी में वकालत करता था। एक साल पहले हसनगंज कोतवाली के लालपुर गांव निवासी सत्येंद्र सिंह व गांव की मनीषा, कुलदीप से मिले और कोर्ट मैरिज की बात कही थी। कुलदीप ने कोर्ट मैरिज के कागजात तो तैयार करा लिए लेकिन लड़की के नाबालिग होने से अनुबंध पत्र नहीं दिया था। जनवरी 2018 में मनीषा बालिग हो गई तो उसने अधिवक्ता कुलदीप से संपर्क किया और एक हजार रुपये लेने के बाद भी शादी के प्रपत्र नहीं दिए। अधिवक्ता कुलदीप मनीषा से संबंध बनाना चाहता था। यह बात महिला ने पति को बताई तो दोनों ने कुलदीप की हत्या की योजना बनाई। घटना वाले दिन 9 मार्च को मनीषा ने गांव के ही राजेश रावत के मोबाइल से कुलदीप को फोन किया और मुलाकात की बात कही।
इस पर कुुलदीप ने महिला से लालपुर के जंगल में सुनसान स्थान पर बुलाया। मनीषा अपने पति सत्येंद्र के साथ पहुंच गई। सत्येंद्र झाड़ी में छिप गया और मनीषा पास ही बने एक मंदिर के पीछे छिप गई। रात करीब आठ बजे कु लदीप पहुंच गया। मनीषा के न दिखने पर उसने फोन किया और कहीं नजर न आने का कारण पूछा। अंधेरा होने से मनीषा ने मोबाइल की लाइट से इशारा किया।
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कुलदीप पहुंचा और मनीषा से मनमानी करने लगा। दोनों अपत्तिजक स्थित में पहुंच गए। तभी झाड़ी में छिपा पति सत्येंद्र बाहर आया और हैंडपंप के हत्थे से अधिवक्ता के सिर पर वार कर दिया। वह अचेत होकर गिर गया। इसके बाद सत्येंद्र और मनीषा ने ताबतोड़ वार कर मौत के घाच उतार दिया। दोनों शव खेत में ही छोड़कर भाग निकले। जांच के दौरान पुलिस को मृतक की जेब से आपत्तिजनक सामग्री मिलने पर पुलिस ने प्रेम प्रसंग के बिंदु पर भी जांच शुरू की।
हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसपी पुष्पांजिल ने बताया कि अधिवक्ता कुलदीप (मृतक) मनीषा से संबंध बनाने का प्रयास कर रहा था और लगातार इसके लिए दबाव बना रहा था। मनीषा ने अपने पति को जानकारी दी और दोनों ने योजना बनाकर हत्या की वारदात को अंजाम दे डाला। खुलासे में लगी टीम में अजगैन कोतवाल प्रदीप कुमार, स्वाट प्रभारी कुलदीप तिवारी सहित टीम के बारह सदस्यो को एसपी ने बधाई दी। काननू व्यवस्था को बनाए रखने में हसनगंज कोतवाली प्रभारी अरुण देव द्विवेदी की अहम भूमिका रही।
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अजगैन कोतवाली के गांव नवई के मजरा आगाखेड़ा निवासी अधिवक्ता कुलदीप वर्मा (27) पुत्र पूरन वर्मा शहर कचहरी में वकालत करता था। एक साल पहले हसनगंज कोतवाली के लालपुर गांव निवासी सत्येंद्र सिंह व गांव की मनीषा, कुलदीप से मिले और कोर्ट मैरिज की बात कही थी। कुलदीप ने कोर्ट मैरिज के कागजात तो तैयार करा लिए लेकिन लड़की के नाबालिग होने से अनुबंध पत्र नहीं दिया था। जनवरी 2018 में मनीषा बालिग हो गई तो उसने अधिवक्ता कुलदीप से संपर्क किया और एक हजार रुपये लेने के बाद भी शादी के प्रपत्र नहीं दिए। अधिवक्ता कुलदीप मनीषा से संबंध बनाना चाहता था। यह बात महिला ने पति को बताई तो दोनों ने कुलदीप की हत्या की योजना बनाई। घटना वाले दिन 9 मार्च को मनीषा ने गांव के ही राजेश रावत के मोबाइल से कुलदीप को फोन किया और मुलाकात की बात कही।
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इस पर कुुलदीप ने महिला से लालपुर के जंगल में सुनसान स्थान पर बुलाया। मनीषा अपने पति सत्येंद्र के साथ पहुंच गई। सत्येंद्र झाड़ी में छिप गया और मनीषा पास ही बने एक मंदिर के पीछे छिप गई। रात करीब आठ बजे कु लदीप पहुंच गया। मनीषा के न दिखने पर उसने फोन किया और कहीं नजर न आने का कारण पूछा। अंधेरा होने से मनीषा ने मोबाइल की लाइट से इशारा किया।
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कुलदीप पहुंचा और मनीषा से मनमानी करने लगा। दोनों अपत्तिजक स्थित में पहुंच गए। तभी झाड़ी में छिपा पति सत्येंद्र बाहर आया और हैंडपंप के हत्थे से अधिवक्ता के सिर पर वार कर दिया। वह अचेत होकर गिर गया। इसके बाद सत्येंद्र और मनीषा ने ताबतोड़ वार कर मौत के घाच उतार दिया। दोनों शव खेत में ही छोड़कर भाग निकले। जांच के दौरान पुलिस को मृतक की जेब से आपत्तिजनक सामग्री मिलने पर पुलिस ने प्रेम प्रसंग के बिंदु पर भी जांच शुरू की।
हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसपी पुष्पांजिल ने बताया कि अधिवक्ता कुलदीप (मृतक) मनीषा से संबंध बनाने का प्रयास कर रहा था और लगातार इसके लिए दबाव बना रहा था। मनीषा ने अपने पति को जानकारी दी और दोनों ने योजना बनाकर हत्या की वारदात को अंजाम दे डाला। खुलासे में लगी टीम में अजगैन कोतवाल प्रदीप कुमार, स्वाट प्रभारी कुलदीप तिवारी सहित टीम के बारह सदस्यो को एसपी ने बधाई दी। काननू व्यवस्था को बनाए रखने में हसनगंज कोतवाली प्रभारी अरुण देव द्विवेदी की अहम भूमिका रही।