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तीन दिन से बाढ़ में फंसे किसान ने हताश हो की खुदकुशी!
Updated Mon, 03 Sep 2018 12:25 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
परियर( उन्नाव)। सफीपुर कोतवाली के गांव पनपथा में तीन दिन से बाढ़ के बीच घर में फंसे किसान ने हताश होकर अपने ही गमछे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। ग्रामीणों में समय पर नाव न मिलने से घर से न निकल पाने के कारण आत्महत्या करने की चर्चा है। वहीं मृतक के छोटे भाई ने दोपहर बाद पुलिस को तहरीर दी है। तहरीर के मुताबिक बीमारी से ऊबकर फांसी लगाने की बात कही है।
सदर तहसील के मरौंदा सूचित के मजरा पनपथा निवासी श्यामू (55) ने शनिवार देर रात घर पर अकेला था। गांव कई दिनों से बाढ़ की चपेट में है। श्यामू अविवाहित था और घर में गृहस्थी के साथ ही अनाज भी रखा था। दो दिनों से नाव न मिलने से भाई व अन्य परिजन उसे गांव से बाहर नहीं निकाल पा रहे थे। चर्चा है कि इसी से परेशान होकर उसने शनिवार रात जान दे दी। छोटे भाई रमेश के मुताबिक श्यामू के साथ भाभी जगराना पत्नी स्व. रामचरन भी रहती थी। उसने भाभी को सुरक्षित स्थान पर गांव के ही मटरू के घर में रोक दिया था। लेकिन श्यामू रखी गृहस्थी व आनाज खराब या चोरी होने की आशंका के चलते घर छोड़ने को तैयार नहीं था।
रविवार सुबह काफी देर तक श्यामू को घर के बाहर न निकलने पर आसपास के लोगों ने आवाज दी लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। तो जगराना लोगों की मदद से घर पहुंची। श्यामू का शव फंदे से लटका मिला। मौत की सूचना पर एसडीएम पूजा अग्निहोत्री, तहसीलदार दशरथ यादव राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे। दोपहर बाद मृतक के भाई रमेश ने बीमारी से ऊबकर आत्महत्या करने की तहरीर दी तब प्रशासन ने राहत की सांस ली। तहसीलदार ने बताया कि भाई ने बीमारी से ऊबकर आत्महत्या करने की लिखित तहरीर दी है तो वही माना जाएगा। सफीपुर कोतवाल राघवन कुमार सिंह ने बताया कि भाई ने बीमारी से आत्महत्या करने की तहरीर दी है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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-अफसरों में हड़कंप, तहसीलदार ने गांव पहुंच की जांच
-भाई ने बीमारी से ऊबकर आत्महत्या करने की दी तहरीर
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परियर( उन्नाव)। सफीपुर कोतवाली के गांव पनपथा में तीन दिन से बाढ़ के बीच घर में फंसे किसान ने हताश होकर अपने ही गमछे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। ग्रामीणों में समय पर नाव न मिलने से घर से न निकल पाने के कारण आत्महत्या करने की चर्चा है। वहीं मृतक के छोटे भाई ने दोपहर बाद पुलिस को तहरीर दी है। तहरीर के मुताबिक बीमारी से ऊबकर फांसी लगाने की बात कही है।
सदर तहसील के मरौंदा सूचित के मजरा पनपथा निवासी श्यामू (55) ने शनिवार देर रात घर पर अकेला था। गांव कई दिनों से बाढ़ की चपेट में है। श्यामू अविवाहित था और घर में गृहस्थी के साथ ही अनाज भी रखा था। दो दिनों से नाव न मिलने से भाई व अन्य परिजन उसे गांव से बाहर नहीं निकाल पा रहे थे। चर्चा है कि इसी से परेशान होकर उसने शनिवार रात जान दे दी। छोटे भाई रमेश के मुताबिक श्यामू के साथ भाभी जगराना पत्नी स्व. रामचरन भी रहती थी। उसने भाभी को सुरक्षित स्थान पर गांव के ही मटरू के घर में रोक दिया था। लेकिन श्यामू रखी गृहस्थी व आनाज खराब या चोरी होने की आशंका के चलते घर छोड़ने को तैयार नहीं था।
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रविवार सुबह काफी देर तक श्यामू को घर के बाहर न निकलने पर आसपास के लोगों ने आवाज दी लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। तो जगराना लोगों की मदद से घर पहुंची। श्यामू का शव फंदे से लटका मिला। मौत की सूचना पर एसडीएम पूजा अग्निहोत्री, तहसीलदार दशरथ यादव राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे। दोपहर बाद मृतक के भाई रमेश ने बीमारी से ऊबकर आत्महत्या करने की तहरीर दी तब प्रशासन ने राहत की सांस ली। तहसीलदार ने बताया कि भाई ने बीमारी से ऊबकर आत्महत्या करने की लिखित तहरीर दी है तो वही माना जाएगा। सफीपुर कोतवाल राघवन कुमार सिंह ने बताया कि भाई ने बीमारी से आत्महत्या करने की तहरीर दी है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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-अफसरों में हड़कंप, तहसीलदार ने गांव पहुंच की जांच
-भाई ने बीमारी से ऊबकर आत्महत्या करने की दी तहरीर