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अंबहरा प्रधान और तीन सचिवों पर एफआईआर के आदेश
Updated Thu, 06 Dec 2018 12:47 AM IST
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उन्नाव। सफीपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत अंबहरा में शौचालयों निर्माण में गड़बड़ी मिलने पर डीएम ने ग्राम प्रधान व तीन सचिवों पर एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। वहीं प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार सीज करने से प्रधान को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
अंबहरा में शौचालय निर्माण में मानकों को दरकिनार किए जाने की शिकायत मिलने पर डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय ने जांच के आदेश दिए थे। सीडीओ ने मामले की जांच जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार व जिला समन्वयक एसबीएम श्रीष द्विवेदी को सौंपी थी। जांच में पता चला था कि 150 शौचालय के लक्ष्य के सापेक्ष ग्राम पंचायत को 21.48 लाख रुपये जारी किए गए। स्थलीय निरीक्षण में शौचालयों के जंक्शन चैंबर वर्गाकार में बने मिले। जबकि नियमानुसार वाई आकार के बनाए जाने चाहिए। चैंबर में मानक के अनुरूप ढाल भी नहीं मिली। साथ ही वेबसाइट पर 135 शौचालयों का निर्माण पूर्ण दर्शाते हुए फोटो भी अपलोड कर दिए गए।
15 शौचालयों को निर्माणाधीन बताया गया। निर्मित शौचालयों के दरवाजे भी घटिया लगाए गए थे। दो ऐसे भी शौचालय मिले जिनका निर्माण पूरा नहीं हुआ था। हालांकि उनकी फोटो पहले से ही स्वच्छ भारत मिशन की वेबसाइट पर अपलोड की जा चुकी थी। इन्हीं खामियों पर सीडीओ प्रेमरंजन सिंह ने पिछले माह जिम्मेदारों से रिकवरी कराने के आदेश दिए थे। बुधवार को डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय ने प्रधान सिद्धनाथ मिश्रा और तीन सचिवों अखिलेश, रघुवीर और अमन यादव पर मुकदमा दर्ज कराने के आदेश डीपीआरओ को दिए हैं। वहीं ग्राम पंचायत में त्रिस्तरीय संचालन समिति गठित करने पहले प्रधान को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
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-दो सदस्यीय टीम की जांच में दोयम दर्जे के मिले शौचालय
-डीएम ने वित्तीय अधिकार सीज करने से पहले प्रधान को भेजी नोटिस
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अंबहरा में शौचालय निर्माण में मानकों को दरकिनार किए जाने की शिकायत मिलने पर डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय ने जांच के आदेश दिए थे। सीडीओ ने मामले की जांच जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार व जिला समन्वयक एसबीएम श्रीष द्विवेदी को सौंपी थी। जांच में पता चला था कि 150 शौचालय के लक्ष्य के सापेक्ष ग्राम पंचायत को 21.48 लाख रुपये जारी किए गए। स्थलीय निरीक्षण में शौचालयों के जंक्शन चैंबर वर्गाकार में बने मिले। जबकि नियमानुसार वाई आकार के बनाए जाने चाहिए। चैंबर में मानक के अनुरूप ढाल भी नहीं मिली। साथ ही वेबसाइट पर 135 शौचालयों का निर्माण पूर्ण दर्शाते हुए फोटो भी अपलोड कर दिए गए।
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15 शौचालयों को निर्माणाधीन बताया गया। निर्मित शौचालयों के दरवाजे भी घटिया लगाए गए थे। दो ऐसे भी शौचालय मिले जिनका निर्माण पूरा नहीं हुआ था। हालांकि उनकी फोटो पहले से ही स्वच्छ भारत मिशन की वेबसाइट पर अपलोड की जा चुकी थी। इन्हीं खामियों पर सीडीओ प्रेमरंजन सिंह ने पिछले माह जिम्मेदारों से रिकवरी कराने के आदेश दिए थे। बुधवार को डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय ने प्रधान सिद्धनाथ मिश्रा और तीन सचिवों अखिलेश, रघुवीर और अमन यादव पर मुकदमा दर्ज कराने के आदेश डीपीआरओ को दिए हैं। वहीं ग्राम पंचायत में त्रिस्तरीय संचालन समिति गठित करने पहले प्रधान को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
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-दो सदस्यीय टीम की जांच में दोयम दर्जे के मिले शौचालय
-डीएम ने वित्तीय अधिकार सीज करने से पहले प्रधान को भेजी नोटिस