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पहले दी जमानत, फिर भेज दिया जेल
Updated Fri, 20 Jul 2018 12:20 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। शांतिभंग के एक मामले में गुरुवार को सदर एसडीएम ने आरोपी को जमानत दे दी। आरोपी युवक के घर पहुंचते ही एसडीएम कोर्ट के मुहर्रिर ने उसे दोबारा तहसील तलब कर लिया। यहां एसडीएम ने अचानक जमानत रद्द कर उसे जेल भेज दिया। मामले की जानकारी होते ही परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।
पुरवा कोतवाली क्षेत्र के तौरा निवासी बच्चा शुक्ला पुत्र सुदामा शुक्ला को पुलिस गुरुवार सुबह शांतिभंग के मामले में सदर तहसील लेकर पहुंची थी। यहां सदर तहसीलदार पूजा अग्निहोत्री ने उसे जमानत दे दी। जमानत मिलते ही बच्चा शुक्ला घर चला गया। परिजनों का आरोप है कि जमानत मिलने के बाद आरोपी पक्ष के वकील ने एसडीएम से मुलाकात की। इसके कुछ देर बाद ही तहसील के कोर्ट मुहर्रिर ने बच्चा को दोबारा तहसील बुला लिया। परिजनों ने बताया कि जमानत प्रक्रिया में कुछ कागजों पर हस्ताक्षर करने का हवाला देकर बच्चा को बुलाया गया था। बच्चा के तहसील पहुंचते ही एसडीएम ने जमानत रद्द कर दी और उसे जेल भेजने का आदेश दे दिया।
जमानत रद्द होने की जानकारी मिलते ही परिजनों ने तहसील में हंगामा शुरू कर दिया। मामले की सूचना पर कांशीराम चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को शांत कराया। एसडीएम सदर पूजा अग्निहोत्री ने बताया कि बचाव पक्ष की ओर से हत्यारोपी युवक को जमानतदार के तौर पर पेश किया गया था। जिसके चलते जमानत रद्द की गई है।
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-शांतिभंग के मामले में एसडीएम सदर ने आरोपी को दी थी जमानत
-घर से बुलाकर एसडीएम ने रद्द की जमानत, तहसील में हुआ हंगामा
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उन्नाव। शांतिभंग के एक मामले में गुरुवार को सदर एसडीएम ने आरोपी को जमानत दे दी। आरोपी युवक के घर पहुंचते ही एसडीएम कोर्ट के मुहर्रिर ने उसे दोबारा तहसील तलब कर लिया। यहां एसडीएम ने अचानक जमानत रद्द कर उसे जेल भेज दिया। मामले की जानकारी होते ही परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।
पुरवा कोतवाली क्षेत्र के तौरा निवासी बच्चा शुक्ला पुत्र सुदामा शुक्ला को पुलिस गुरुवार सुबह शांतिभंग के मामले में सदर तहसील लेकर पहुंची थी। यहां सदर तहसीलदार पूजा अग्निहोत्री ने उसे जमानत दे दी। जमानत मिलते ही बच्चा शुक्ला घर चला गया। परिजनों का आरोप है कि जमानत मिलने के बाद आरोपी पक्ष के वकील ने एसडीएम से मुलाकात की। इसके कुछ देर बाद ही तहसील के कोर्ट मुहर्रिर ने बच्चा को दोबारा तहसील बुला लिया। परिजनों ने बताया कि जमानत प्रक्रिया में कुछ कागजों पर हस्ताक्षर करने का हवाला देकर बच्चा को बुलाया गया था। बच्चा के तहसील पहुंचते ही एसडीएम ने जमानत रद्द कर दी और उसे जेल भेजने का आदेश दे दिया।
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जमानत रद्द होने की जानकारी मिलते ही परिजनों ने तहसील में हंगामा शुरू कर दिया। मामले की सूचना पर कांशीराम चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को शांत कराया। एसडीएम सदर पूजा अग्निहोत्री ने बताया कि बचाव पक्ष की ओर से हत्यारोपी युवक को जमानतदार के तौर पर पेश किया गया था। जिसके चलते जमानत रद्द की गई है।
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-शांतिभंग के मामले में एसडीएम सदर ने आरोपी को दी थी जमानत
-घर से बुलाकर एसडीएम ने रद्द की जमानत, तहसील में हुआ हंगामा