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झोपड़ियों में आग से 12 मवेशी मरे
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फतेहपुर चौरासी में आग से जला झोपड़ी में रखा सामान देखते लोग। संवाद
- फोटो : UNNAO
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फतेहपुर चौरासी/औरास। झोपड़ियों में आग लगने से 12 मवेशियों की मौत हो गई। पशुपालकों ने ढाई लाख के नुकसान की बात कही है। आग लगने की वजह सामने नहीं आ सकी।
रुस्तमपुर में सोमवार रात 12 बजे रामकिशन कुशवाहा के बंगले में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पड़ोसी रामसिंह, रामदुलारे, रामशंकर की झोपड़ियों को चपेट में ले लिया। आग से जलकर रामकिशन की दो भैस मर गईं। दो साइकिलें भी जलकर नष्ट हो गईं। रामसिंह की एक साइकिल व बंगला जल गया। रामदुलारे का आठ क्विंटल गेहूं और सात क्विंटल धान जल गया। रामशंकर का भी बंगले में रखा गेहूं, धान व एक साइकिल जल गई। लेखपाल अखिलेश द्विवेदी ने नुकसान का आकलन किया।
फकीरेखेड़ा गांव निवासी प्रताप ने घर से कुछ दूरी पर झोपड़ी बना रखी है। इसमें वह अपनी बकरियां बांधता था। मंगलवार सुबह 10 बजे झोपड़ी में आग लग गई। इससे 10 बकरियों की मौत हो गई। प्रताप ने झोपड़े में रखे आठ हजार रुपये भी जलने की बात कही है। लेखपाल दीपक सिंह ने नुकसान का आकलन किया।
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रुस्तमपुर में सोमवार रात 12 बजे रामकिशन कुशवाहा के बंगले में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पड़ोसी रामसिंह, रामदुलारे, रामशंकर की झोपड़ियों को चपेट में ले लिया। आग से जलकर रामकिशन की दो भैस मर गईं। दो साइकिलें भी जलकर नष्ट हो गईं। रामसिंह की एक साइकिल व बंगला जल गया। रामदुलारे का आठ क्विंटल गेहूं और सात क्विंटल धान जल गया। रामशंकर का भी बंगले में रखा गेहूं, धान व एक साइकिल जल गई। लेखपाल अखिलेश द्विवेदी ने नुकसान का आकलन किया।
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फकीरेखेड़ा गांव निवासी प्रताप ने घर से कुछ दूरी पर झोपड़ी बना रखी है। इसमें वह अपनी बकरियां बांधता था। मंगलवार सुबह 10 बजे झोपड़ी में आग लग गई। इससे 10 बकरियों की मौत हो गई। प्रताप ने झोपड़े में रखे आठ हजार रुपये भी जलने की बात कही है। लेखपाल दीपक सिंह ने नुकसान का आकलन किया।
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