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डिटर्जेंट कंपनी के मालिक पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट
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सफीपुर। डिटर्जेंट पाउडर कंपनी पर किराना व्यापारी ने धोखाधड़ी कर 12 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगा रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सराय सूबेदार निवासी किराना व्यापारी रंजीत कुमार गुप्ता ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसकी दुकान जयश्री राम के नाम से पंजीकृत है। कानपुर के रावतपुर स्थित समृद्धि कंपनी ओरिट डिटर्जेंट पाउडर बनाती है। कंपनी के मालिक कानपुर आवास विकास अंबेडकरपुरम निवासी अभिषेक त्रिपाठी, नीलू त्रिपाठी व अजय मिश्र के साथ तीन अगस्त को डिटर्जेंट पाउडर की एजेंसी देने सफीपुर पहुंचे थे। बातचीत के बाद माल देने के नाम पर 12 लाख रुपये जमा करा लिया। कंपनी की ओर से 10 हजार महीने गोदाम का किराया, 16 हजार रुपये चालक, छह हजार रुपये मुनीम का वेतन देने की बात कही। सभी मानक पूरे होने के बाद कंपनी द्वारा माल लाकर सफीपुर, चकलवंशी, रसूलाबाद, मियागंज, परियर के बाजार में बंटवा दिया गया।
धीरे-धीरे कंपनी का ही कर्मचारी बाजार से रुपया वसूलने लगा। उसके बाद से कंपनी मालिक ने जमा की गई रकम लौटाने व माल देने के नाम पर कोई जवाब नहीं दिया। बाद में पता चला कि कंपनी फर्जी है। कोतवाल ने बताया कि कंपनी के अधिकारी ने व्यवसायी को सुपर स्टाकिस्ट बनाए जाने का लालच देकर रुपये ऐंठे हैं। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सराय सूबेदार निवासी किराना व्यापारी रंजीत कुमार गुप्ता ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसकी दुकान जयश्री राम के नाम से पंजीकृत है। कानपुर के रावतपुर स्थित समृद्धि कंपनी ओरिट डिटर्जेंट पाउडर बनाती है। कंपनी के मालिक कानपुर आवास विकास अंबेडकरपुरम निवासी अभिषेक त्रिपाठी, नीलू त्रिपाठी व अजय मिश्र के साथ तीन अगस्त को डिटर्जेंट पाउडर की एजेंसी देने सफीपुर पहुंचे थे। बातचीत के बाद माल देने के नाम पर 12 लाख रुपये जमा करा लिया। कंपनी की ओर से 10 हजार महीने गोदाम का किराया, 16 हजार रुपये चालक, छह हजार रुपये मुनीम का वेतन देने की बात कही। सभी मानक पूरे होने के बाद कंपनी द्वारा माल लाकर सफीपुर, चकलवंशी, रसूलाबाद, मियागंज, परियर के बाजार में बंटवा दिया गया।
धीरे-धीरे कंपनी का ही कर्मचारी बाजार से रुपया वसूलने लगा। उसके बाद से कंपनी मालिक ने जमा की गई रकम लौटाने व माल देने के नाम पर कोई जवाब नहीं दिया। बाद में पता चला कि कंपनी फर्जी है। कोतवाल ने बताया कि कंपनी के अधिकारी ने व्यवसायी को सुपर स्टाकिस्ट बनाए जाने का लालच देकर रुपये ऐंठे हैं। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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