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एक-दूजे का हाथ थाम फंदे पर लटके मिले प्रमी युगल
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नवाबगंज। घर से स्कूल के लिए निकली कक्षा नौ की छात्रा व बीएससी के छात्र का शव बाग में एक ही रस्सी से फंदे पर लटके मिले। दोनों ने पेड़ के नीचे बाइक खड़ी कर रस्सी बांधी और एक-दूजे का हाथ थाम कर फांसी लगा ली। किशोरी कानपुर के किदवई नगर और युवक पुरवा कोतवाली के मुर्तजानगर गांव का है। मृतक बचपन से ही मिश्रीगंज में मामा के घर रहकर पढ़ाई कर रहा था।
मिर्जापुर सुम्हारी गांव निवासी मोहनलाल रावत का 19 वर्षीय बेटा सौरभ बीएससी तृतीय वर्ष का छात्र था। उसके मामा बसंत की 133/34 छापा खाना हमीरपुर रोड किदवई नगर कानपुर में ससुराल है। मामा के साथ अक्सर सौरभ का कानपुर आना-जाना रहता था। मामा की ससुराल के पड़ोस में रहने वाले नगर निगम में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सोनू भारती की 15 वर्षीय बेटी कक्षा नौ की छात्रा आशिका से सौरभ की दोस्ती हो गई। परिजनों को भनक लगी तो आशिका पर पाबंदी लगाई जाने लगी। मंगलवार को आशिका स्कूल ड्रेस में सुबह आठ बजे घर से निकली। सौरभ भी ननिहाल से बाइक लेकर निकला। कानपुर में दोनों मिले और इधर-उधर घूमते रहे। देर शाम तक दोनों के घर न पहुंचने पर खोजबीन शुरू की। आशिका के पिता ने कानपुर में गुमशुदगी दर्ज कराई। मंगलवार सुबह दोनों के शव केवाना गांव निवासी हरी के बाग में लटके मिले। दोनों के परिजनों ने प्र्रेम प्रसंग की बात से खुद को अनजान बताया है।
सौरभ तीन भाई व बहनों में बड़ा था। उसकी मौत से छोटे भाई शुभम, 15 वर्षीय बहन शिवानी, मां गुड्डी, नाना हेमराज, मामा बसंत का रो-रोकर बुरा हाल है। आशिका परिवार की इकलौती थी। उसकी मौत से मां सुमन व पिता बदहवास हैं।
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सौरभ के नाना हेमराज ने बताया कि मंगलवार सुबह सौरभ बाइक लेकर घर से निकला था। उसने बताया था कि वह अपने दोस्तों से मिलने जा रहा है। शाम तक उसके न मिलने पर खोजबीन शुरू की। इसी बीच नवाबगंज चौकी की पुलिस उसके घर पहुंची और उसके नाती सौरभ व आशिका के बारे में पूछा। उसने पुलिस को बेटे के सुबह घर से जाने की बात बताई तो वह लौट गई।
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मिर्जापुर सुम्हारी गांव निवासी मोहनलाल रावत का 19 वर्षीय बेटा सौरभ बीएससी तृतीय वर्ष का छात्र था। उसके मामा बसंत की 133/34 छापा खाना हमीरपुर रोड किदवई नगर कानपुर में ससुराल है। मामा के साथ अक्सर सौरभ का कानपुर आना-जाना रहता था। मामा की ससुराल के पड़ोस में रहने वाले नगर निगम में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सोनू भारती की 15 वर्षीय बेटी कक्षा नौ की छात्रा आशिका से सौरभ की दोस्ती हो गई। परिजनों को भनक लगी तो आशिका पर पाबंदी लगाई जाने लगी। मंगलवार को आशिका स्कूल ड्रेस में सुबह आठ बजे घर से निकली। सौरभ भी ननिहाल से बाइक लेकर निकला। कानपुर में दोनों मिले और इधर-उधर घूमते रहे। देर शाम तक दोनों के घर न पहुंचने पर खोजबीन शुरू की। आशिका के पिता ने कानपुर में गुमशुदगी दर्ज कराई। मंगलवार सुबह दोनों के शव केवाना गांव निवासी हरी के बाग में लटके मिले। दोनों के परिजनों ने प्र्रेम प्रसंग की बात से खुद को अनजान बताया है।
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सौरभ तीन भाई व बहनों में बड़ा था। उसकी मौत से छोटे भाई शुभम, 15 वर्षीय बहन शिवानी, मां गुड्डी, नाना हेमराज, मामा बसंत का रो-रोकर बुरा हाल है। आशिका परिवार की इकलौती थी। उसकी मौत से मां सुमन व पिता बदहवास हैं।
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सौरभ के नाना हेमराज ने बताया कि मंगलवार सुबह सौरभ बाइक लेकर घर से निकला था। उसने बताया था कि वह अपने दोस्तों से मिलने जा रहा है। शाम तक उसके न मिलने पर खोजबीन शुरू की। इसी बीच नवाबगंज चौकी की पुलिस उसके घर पहुंची और उसके नाती सौरभ व आशिका के बारे में पूछा। उसने पुलिस को बेटे के सुबह घर से जाने की बात बताई तो वह लौट गई।