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लाचार वृद्धा ने इशारों में बताई अपनों की करतूत
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ेझाड़ी में मिली बुजुर्ग महिला से जानकारी लेने का प्रयास करते यातायात प्रभारी अरविंद पांडेय। संव
- फोटो : UNNAO
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उन्नाव। शुक्रवार को हाईवे से आईटीबीपी के जवानों की साइकिल रैली निकलने के कारण यातायात सिपाहियों की ड्यूटी लगी थी। यातायात प्रभारी अरविंद पांडेय अजगैन के जगदीशपुर गांव के पास व्यवस्था का जायजा ले रहे थे। तभी पास ही झाड़ी में महिला के कराहने की आवाज सुनाई दी। वह महिला की तलाश करते हुए आगे बढ़े। देखा कि करीब 70 साल की बुजुर्ग महिला सामने पड़ी है। लगातार पानी में भीगने के कारण काया सफेद हो चुकी थी। ठंड से कांप रही थी। मुंह पर मक्खियां भिनभिना रही थीं। कमजोरी का आलम यह कि आवाज साथ नहीं दे रही थी।
यातायात प्रभारी ने सिपाहियों की मदद से वृद्धा को झाड़ी से निकाला और एक चादर की मदद से उठा कर सूखे स्थान पर लिटाया। पूछताछ पर वृद्धा ने बोलने का प्रयास किया लेकिन जुबान ने साथ नहीं दिया। इशारे कर कुछ बताने का प्रयास करने लगी। उसके इशारों से पता चला कि उसे अपनों ने ही ताले में बंद रखा गया। मारपीट कर गला भी दबाया गया। बाद में यहां फेंक दिया। पुलिस को शक है कि वृद्धा की इस हालत के पीछे परिवार के ही किसी सदस्य का हाथ है। यातायात प्रभारी के पूछने पर वृद्धा ने कुछ भी खाने-पीने से इनकार कर दिया। काफी कोशिश के बाद थोड़ा पानी, चाय और दो बिस्कुट खाए। लगातार बारिश में भीगते रहने से पूरे शरीर की खाल फूल कर सफेद हो चुकी है।
कमजोरी और ठंड लगने से कांप रही बुजुर्ग को एंबुलेंस से नवाबगंज सीएचसी पहुंचाया गया। डॉक्टरों को अनुमान है कि वृद्धा के गले में भी कुछ चोट है। बाद में सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अजगैन कोतवाली प्रभारी पवन कुमार सोनकर ने बताया कि वृद्धा का फोटो सोशल मीडिया व पुलिस ग्रुपों में शेयर कर पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। पहचान होने पर ही पुष्टि हो पाएगी कि वह यहां तक कैसे और किन हालात में पहुंची।
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यातायात प्रभारी ने सिपाहियों की मदद से वृद्धा को झाड़ी से निकाला और एक चादर की मदद से उठा कर सूखे स्थान पर लिटाया। पूछताछ पर वृद्धा ने बोलने का प्रयास किया लेकिन जुबान ने साथ नहीं दिया। इशारे कर कुछ बताने का प्रयास करने लगी। उसके इशारों से पता चला कि उसे अपनों ने ही ताले में बंद रखा गया। मारपीट कर गला भी दबाया गया। बाद में यहां फेंक दिया। पुलिस को शक है कि वृद्धा की इस हालत के पीछे परिवार के ही किसी सदस्य का हाथ है। यातायात प्रभारी के पूछने पर वृद्धा ने कुछ भी खाने-पीने से इनकार कर दिया। काफी कोशिश के बाद थोड़ा पानी, चाय और दो बिस्कुट खाए। लगातार बारिश में भीगते रहने से पूरे शरीर की खाल फूल कर सफेद हो चुकी है।
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कमजोरी और ठंड लगने से कांप रही बुजुर्ग को एंबुलेंस से नवाबगंज सीएचसी पहुंचाया गया। डॉक्टरों को अनुमान है कि वृद्धा के गले में भी कुछ चोट है। बाद में सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अजगैन कोतवाली प्रभारी पवन कुमार सोनकर ने बताया कि वृद्धा का फोटो सोशल मीडिया व पुलिस ग्रुपों में शेयर कर पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। पहचान होने पर ही पुष्टि हो पाएगी कि वह यहां तक कैसे और किन हालात में पहुंची।
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