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दुबई में ठिकाना और गांव में मजदूरी की जांच
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अजीजपुर गांव में ग्रामीणों से जानकारी लेती समाज कल्याण अधिकारी (विकास)। संवाद
- फोटो : UNNAO
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अजगैन। दुबई में ठिकाना और गांव में मजदूरी की जांच शुरू हो गई है। ब्लॉक नवाबगंज की ग्रामसभा अजीजपुर में मनरेगा में फर्जीवाड़े की जांच के लिए समाज कल्याण अधिकारी (विकास) गांव पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों के बयान लिए। इस दौरान ग्रामीणों ने अधिकारी के सामने मनरेगा में धांधली की पोल खोल दी। जांच अधिकारी ने रिपोर्ट सीडीओ को भेजने की बात कही है।
ग्रामीणों ने मनरेगा में भ्रष्टाचार का आरोप लगा शिकायत की थी कि दुबई और मुंबई में रहने वाले लोग गांव में मनरेगा मजदूर बने हुए हैं। सचिव व पंचायत मित्र की मिलीभगत से मनरेगा में फर्जीवाड़ा करके इनके नाम से पैसा निकाला जा रहा है। अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया। सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने मामले का संज्ञान लिया और समाज कल्याण अधिकारी (विकास) ललिता यादव को मौके पर भेजकर जांच करने के लिए कहा। शुक्रवार को ही समाज कल्याण अधिकारी गांव पहुंची। उन्होंने मनरेगा के कार्यों का स्थलीय सत्यापन किया। ग्रामीणों के बयान दर्ज किए।
प्रदीप कुमार और राम कुमार मिश्रा ने अधिकारी के सामने ही वहां मौजूद बीडीसी भैयालाल की तरफ इशारा करते हुए कहा कि इनके पिता मनीराम गंभीर बीमारी से ग्रसित है। उठ भी नहीं सकते। फिर भी मनरेगा में उनके नाम से पैसा निकाला जा रहा है। इस पर ललिता यादव ने कहा कि वह सभी लोगों से बात करेंगी। इसी बीच कुछ ग्रामीण शिकायतकर्ताओं पर दबाव बनाने की कोशिश करने लगे। मौके पर पंचायत सचिव रंजीत सिंह व पंचायत मित्र रमन भी मौजूद थे। जांच अधिकारी ने बताया कि जांच रिपोर्ट सीडीओ को दी जाएगी। सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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जांच के बाद सचिव व पंचायत मित्र के दो आडियो वायरल हुए। इसमें दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। दोनों मामले में एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। साथ ही आडियो में अभद्र भाषा का भी प्रयोग किया जा रहा है।
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ग्रामीणों ने मनरेगा में भ्रष्टाचार का आरोप लगा शिकायत की थी कि दुबई और मुंबई में रहने वाले लोग गांव में मनरेगा मजदूर बने हुए हैं। सचिव व पंचायत मित्र की मिलीभगत से मनरेगा में फर्जीवाड़ा करके इनके नाम से पैसा निकाला जा रहा है। अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया। सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने मामले का संज्ञान लिया और समाज कल्याण अधिकारी (विकास) ललिता यादव को मौके पर भेजकर जांच करने के लिए कहा। शुक्रवार को ही समाज कल्याण अधिकारी गांव पहुंची। उन्होंने मनरेगा के कार्यों का स्थलीय सत्यापन किया। ग्रामीणों के बयान दर्ज किए।
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प्रदीप कुमार और राम कुमार मिश्रा ने अधिकारी के सामने ही वहां मौजूद बीडीसी भैयालाल की तरफ इशारा करते हुए कहा कि इनके पिता मनीराम गंभीर बीमारी से ग्रसित है। उठ भी नहीं सकते। फिर भी मनरेगा में उनके नाम से पैसा निकाला जा रहा है। इस पर ललिता यादव ने कहा कि वह सभी लोगों से बात करेंगी। इसी बीच कुछ ग्रामीण शिकायतकर्ताओं पर दबाव बनाने की कोशिश करने लगे। मौके पर पंचायत सचिव रंजीत सिंह व पंचायत मित्र रमन भी मौजूद थे। जांच अधिकारी ने बताया कि जांच रिपोर्ट सीडीओ को दी जाएगी। सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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जांच के बाद सचिव व पंचायत मित्र के दो आडियो वायरल हुए। इसमें दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। दोनों मामले में एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। साथ ही आडियो में अभद्र भाषा का भी प्रयोग किया जा रहा है।