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थाने में तेज धमाका, बैरक की खिड़कियों के चटके शीशे
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मौरावां। थाना के मालखाने से निकले कूड़े को परिसर के गड्ढे में डालकर आग लगाते ही तेज धमाका हो गया। इससे महिला बैरक की खिड़कियों के शीशे चटक गए। धमाके की आवाज से थाने में मौजूद पुलिस कर्मियों के साथ स्थानीय लोगाें में हड़कंप मच गया। गड्ढे के पास किसी के खड़े न होने से बड़ी घटना होने से बच गई।
मालखाना प्रभारी तेजपाल पांडेय का पांच माह पहले सोहरामऊ थाना स्थानांतरण हो गया था। उनकी जगह पर उदयवीर को को यहां का चार्ज मिला था। पांच दिन पहले तेजपाल ने सोहरामऊ से मौरावां पहुंचकर तेजपाल को मालखाने का आधा चार्ज दे दिया। उदयवीर के अनुसार मालखाने में कई साल का कूड़ा जमा था। अधूरा चार्ज मिलने के बाद उन्होंने बुधवार दोपहर साफ-सफाई कराकर कूड़े को थाना परिसर में बने गड्ढे में डलवाया। कूड़े को नष्ट करने के लिए उसमें आग लगा दी गई। कुछ देर बाद तेज धमाका हो गया।
उन्होंने दीवाली के समय जब्त किए गए पटाखों या गोलों की बारूद कूड़े के साथ गड्ढे में आ जाने से धमाका होने का अंदेशा जताया है। उन्होंने खिड़कियों के शीशे टूटने की बात से इनकार किया है। एसओ राजेंद्र रजावत ने पटाखों का धमाका होने से खिड़कियों के शीशे चटकने की बात स्वीकार की है।
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मालखाना प्रभारी तेजपाल पांडेय का पांच माह पहले सोहरामऊ थाना स्थानांतरण हो गया था। उनकी जगह पर उदयवीर को को यहां का चार्ज मिला था। पांच दिन पहले तेजपाल ने सोहरामऊ से मौरावां पहुंचकर तेजपाल को मालखाने का आधा चार्ज दे दिया। उदयवीर के अनुसार मालखाने में कई साल का कूड़ा जमा था। अधूरा चार्ज मिलने के बाद उन्होंने बुधवार दोपहर साफ-सफाई कराकर कूड़े को थाना परिसर में बने गड्ढे में डलवाया। कूड़े को नष्ट करने के लिए उसमें आग लगा दी गई। कुछ देर बाद तेज धमाका हो गया।
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उन्होंने दीवाली के समय जब्त किए गए पटाखों या गोलों की बारूद कूड़े के साथ गड्ढे में आ जाने से धमाका होने का अंदेशा जताया है। उन्होंने खिड़कियों के शीशे टूटने की बात से इनकार किया है। एसओ राजेंद्र रजावत ने पटाखों का धमाका होने से खिड़कियों के शीशे चटकने की बात स्वीकार की है।
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