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Unnao News: 4.80 करोड़ से तीन ब्लाकों में बनेंगे गो संरक्षण केंद्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। किसानों को जल्द ही छुट्टा मवेशियों की धमाचौकड़ी से निजात मिलने की उम्मीद जगी है। प्रदेश सरकार ने तीन विकासखंडों में बड़ी गोशालाओं (गो संरक्षण केंद्र) के निर्माण को मंजूरी देने के साथ ही बजट भी जारी कर दिया है। पशुपालन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि छह माह में निर्माण कार्य पूरा कराकर संचालन शुरू करा दिया जाएगा।
जिले में छुट्टा मवेशियों की धमाचौकड़ी कम होने का नाम नहीं ले रही है। खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाने से अन्नदाता की मुश्किलें बढ़ गई हैं। किसान फिर से फसलों को बचाने के लिए दिन-रात खेतों में ड्यूटी कर रहे हैं। यही नहीं यह मवेशी हिंसक होकर लोगों की जान भी ले रहे हैं। अब छुट्टा मवेशियों को संरक्षित करने के लिए चार ब्लाकों में गो संरक्षण केंद्रों का निर्माण कराया जाएगा। इसमें पुरवा के झूलामऊ, हिलौली के देवमई और असोहा के कांथा में केंद्र निर्माण को मंजूरी मिल गई है। प्रत्येक जगह 1.60 करोड़ की लागत से गो सरंक्षण केंद्र का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए पहली किश्त भी जारी कर दी गई है। एक गो संरक्षण केंद्र निर्माण के लिए एक से डेढ़ एकड़ भूमि का चिह्नांकन कर लिया गया है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
तीन गो संरक्षण केंद्र निर्माण की अनुमति मिलने के साथ ही पहली किश्त भी मिल गई है। सभी जगहों पर भूमि का चिह्नांकन हो चुका है। करीब छह माह में निर्माण पूरा करा लिया जाएगा। तीनों केंद्रों में 15 सौ के आसपास मवेशियों को संरक्षित करने की व्यवस्था होगी। इन नए गो संरक्षण केंद्र के लिए बजट भी 40 लाख बढ़ाकर 1.60 करोड़ कर दिया गया है। पहले बजट 1.20 करोड़ ही मिलता था। कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल को नामित किया गया है।
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डॉ. दिनेश कुमार, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
केंद्र में यह होगा निर्माण
-4 गोवंश शेड
-दो भूसा गोदाम
-एक कार्यालय, औषधि कक्ष व स्टोर
-6 कर्मचारियों के लिए आवास, स्नानाघर व शौचालय
-4 चरही (चारा, पानी के लिए)
-10 हजार लीटर क्षमता की पानी की टंकी
-केंद्र के चारों तरफ बाड़ा और बाउंड्रीवाल का निर्माण होगा
-जरुरत पडऩे पर और चरही का भी होगा निर्माण
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छुट्टा मवेशियों के लिए गए प्रबंध पर एक नजर
-कुल गोशालाएं (अस्थायी/स्थायी) 270
-स्थायी गो संरक्षण केंद्र 6
-अस्थायी गोशालाएं 243
-शहरी एवं कान्हा नगरीय गोशाला-21
-संरक्षित मवेशी-29507
-जिले में कुल मवेशी-अनुमानित 42 हजार
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उन्नाव। किसानों को जल्द ही छुट्टा मवेशियों की धमाचौकड़ी से निजात मिलने की उम्मीद जगी है। प्रदेश सरकार ने तीन विकासखंडों में बड़ी गोशालाओं (गो संरक्षण केंद्र) के निर्माण को मंजूरी देने के साथ ही बजट भी जारी कर दिया है। पशुपालन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि छह माह में निर्माण कार्य पूरा कराकर संचालन शुरू करा दिया जाएगा।
जिले में छुट्टा मवेशियों की धमाचौकड़ी कम होने का नाम नहीं ले रही है। खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाने से अन्नदाता की मुश्किलें बढ़ गई हैं। किसान फिर से फसलों को बचाने के लिए दिन-रात खेतों में ड्यूटी कर रहे हैं। यही नहीं यह मवेशी हिंसक होकर लोगों की जान भी ले रहे हैं। अब छुट्टा मवेशियों को संरक्षित करने के लिए चार ब्लाकों में गो संरक्षण केंद्रों का निर्माण कराया जाएगा। इसमें पुरवा के झूलामऊ, हिलौली के देवमई और असोहा के कांथा में केंद्र निर्माण को मंजूरी मिल गई है। प्रत्येक जगह 1.60 करोड़ की लागत से गो सरंक्षण केंद्र का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए पहली किश्त भी जारी कर दी गई है। एक गो संरक्षण केंद्र निर्माण के लिए एक से डेढ़ एकड़ भूमि का चिह्नांकन कर लिया गया है।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार
तीन गो संरक्षण केंद्र निर्माण की अनुमति मिलने के साथ ही पहली किश्त भी मिल गई है। सभी जगहों पर भूमि का चिह्नांकन हो चुका है। करीब छह माह में निर्माण पूरा करा लिया जाएगा। तीनों केंद्रों में 15 सौ के आसपास मवेशियों को संरक्षित करने की व्यवस्था होगी। इन नए गो संरक्षण केंद्र के लिए बजट भी 40 लाख बढ़ाकर 1.60 करोड़ कर दिया गया है। पहले बजट 1.20 करोड़ ही मिलता था। कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल को नामित किया गया है।
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डॉ. दिनेश कुमार, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
केंद्र में यह होगा निर्माण
-4 गोवंश शेड
-दो भूसा गोदाम
-एक कार्यालय, औषधि कक्ष व स्टोर
-6 कर्मचारियों के लिए आवास, स्नानाघर व शौचालय
-4 चरही (चारा, पानी के लिए)
-10 हजार लीटर क्षमता की पानी की टंकी
-केंद्र के चारों तरफ बाड़ा और बाउंड्रीवाल का निर्माण होगा
-जरुरत पडऩे पर और चरही का भी होगा निर्माण
छुट्टा मवेशियों के लिए गए प्रबंध पर एक नजर
-कुल गोशालाएं (अस्थायी/स्थायी) 270
-स्थायी गो संरक्षण केंद्र 6
-अस्थायी गोशालाएं 243
-शहरी एवं कान्हा नगरीय गोशाला-21
-संरक्षित मवेशी-29507
-जिले में कुल मवेशी-अनुमानित 42 हजार