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Unnao News: कोच न संसाधन, कैसे निखरें खेल प्रतिभाएं

Thu, 02 Mar 2023 01:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव Updated Thu, 02 Mar 2023 01:05 AM IST
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Coach no resources, how to shine sports talents
उन्नाव। शहर के एक मात्र स्पोर्ट्स स्टेडिमय, खिलाड़ियों अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पा रहा। हाईवे पर स्थित इस पं. दीन दयाल उपाध्याय स्पोर्ट्स स्टेडियम में न तो पर्याप्त खेल संसाधन मौजूद हैं और न ही कोच। ऐसे में खिलाड़ी खुद की प्रैक्टिस के बलबूते जैसे-तैसे अपना हुनर निखार रहे हैं।
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हर साल मार्च अप्रैल में परीक्षाएं खत्म होने के बाद काफी संख्या में खिलाड़ी स्टेडियम में होने वाले खेलों के लिए प्रवेश लेते हैं। वहीं अधिकतर खेलों के कोच न होने से यह खिलाड़ी खुद ही प्रैक्टिस करने को मजबूर हैं। ऐसे में स्टेडियम आने वाले खिलाड़ियों की संख्या में गिरावट आई है। क्रीड़ाधिकारी कल्पना कमल ने बताया कि पहले ताइक्वांडो और फुटबॉल के पूर्णकालिक कोच स्टेडियम में थे लेकिन मंगलवार को फुटबॉल के कोच आरडी पॉल सेवानिवृत्त हो गए। अब केवल ताइक्वांडो के एकमात्र पूर्णकालिक कोच अपनी सेवाएं देंगे।
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स्टेडियम में हॉकी, वालीबॉल, बैडमिंटन, खो-खो, हैंडबॉल, तैराकी के कोच लंबे समय से नही हैं। वहीं जूडो, एथलेटिक्स, क्रिकेट, वेटलिफ्टिंग के कोच एक साल से संविदा पर हैं। ऐसे में खिलाड़ियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कोच के अभाव में खिलाड़ियों ने निजी खेल अकादमी जाना शुरू कर दिया है। इनके संचालक खिलाड़ियों से मुंहमांगी फीस वसूल करते हैं।
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एक तो स्टेडियम में पहले से ही पर्याप्त व्यवस्थाएं नही हैं और जो हैं उनकी भी सही से देखरेख नही की जाती है। स्टेडियम में सालों से बैडमिंटन कोर्ट जर्जर है। बारिश के मौसम में इसकी छत से पानी टपकता है। ऐसा ही हाल स्वीमिंग पूल का भी है। कई बार खिलाड़ियों ने अधिकारियों से मरम्मत कराने की मांग की लेकिन अब तक मरम्मत नही हो सकी।
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वर्षा जल संचयन की नही है व्यवस्था
स्टेडियम में बारिश के पानी के निकासी की व्यवस्था नही है। सड़क से नीचा होने के कारण सड़क का पानी भी मैदान में भर जाता है। ऐसे में एक से दो महीने तक आउटडोर खेल होना बंद हो जाते हैं। अधिकारी हर बारिश के मौसम में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की बात कहते हैं लेकिन बारिश का मौसम बीतने के बाद कोई व्यवस्था नहीं की जाती।
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नही हैं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
स्टेडियम में पुरुष और महिला दोनों खिलाड़ी आते हैं। इनकी सुरक्षा के लिए महज एक सुरक्षा गार्ड मौजूद है। रात के अंधेरे का फायदा उठाकर अक्सर शरारती तत्व स्टेडियम पहुंचते हैं। ऐसे में आने वाले खिलाड़ी और स्टेडियम के सामान की सुरक्षा का जिम्मा महज एक सुरक्षाकर्मी पर टिका है।

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क्रीड़ाधिकारी कल्पना कमल ने बताया कि कोच की नियुक्ति के लिए शासन को मांग पत्र भेजा गया है। बैडमिंटन हॉल की मरम्मत का एस्टीमेट भी भेजा गया है। बताया कि स्टेडियम में पर्याप्त संख्या में कर्मी और कोच न होने से काफी दिक्कतें आ रही हैं। उच्चाधिकारियों ने जल्द ही समस्या हल करने का आश्वासन दिया है।
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