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गांव की सड़कों पर गंगा का पानी, लोग छोड़ रहे घर
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बीघापुर के गढ़ेवा गांव में भरे सैलाब से निकलता बाइक सवार।
- फोटो : UNNAO
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उन्नाव। खतरे के निशान से चार सेमी ऊपर चढ़कर गंगा का जलस्तर स्थिर हो गया। गुरुवार सुबह 10 बजे जलस्तर 113.040 मीटर पर पहुंचकर रुक गया। शाम 6 बजे तक यही जलस्तर बना रहा। गंगा के पानी ने कटरी के गांवों में जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। प्रभावित गांवों के लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे हैं। गांव के मार्गों पर पानी बह रहा है। फसलें जलमग्न हैं।
बीघापुर ग्रामसभा गढ़ेवा के मजरे सहिबीखेड़ा, पिपरासर के मजरे गंगानगर व संतनगर चारों ओर पानी से घिरे हैं। यहां केेवल नाव से ही पहुंचा जा सकता है। गढ़ेवा का मुख्य संपर्क मार्ग पर बुधवार रात से ही एक फुट पानी बह रहा है। मलुहाखेड़ा गांव के अंदर से जाने वाले मुख्य मार्ग के ऊपर से पानी निकलने लगा है। पसनियाखेड़ा, चंदरपुर सेढूपुर सहित सभी गांव बाढ़ की चपेट में है। गढ़ेवा पुल पर जाने वाले रोड पर दो फुट गहरा पानी बहने लगा है। एसडीएम अंकित शुक्ला व तहसीलदार दिलीप कुमार ने बाढ़ प्रभावित इस गांव में पहुंचकर लोगों को खाद्यान्न सामग्री उपलब्ध कराई। बाढ़ से डूबी सड़कों पर कहीं ट्रैक्टर तो कहीं नाव पर सवार होकर दोनों अधिकारियों ने हालात का जायजा लिया। करमी, गढ़ेवा, मलुहाखेड़ा, सहिबीखेड़ा, चंदनपुर व पाही में पूर्व प्रमुख प्रतिनिधि अजीत सिंह बॉबी ने लोगों को राहत सामग्री दी।
सफीपुर में बढ़े जलस्तर से डूबे कल्याणी नदी के पुल से आवागमन दूसरे दिन भी बाधित रहा। इससे उडनकपुरवा, शेरपुर, जमालनगर एहतमाली आदि दर्जनों गांव के लोगों का आवागमन ठप रहा। नाव के सहारे ही लोग आवागमन कर सके। शेरपुर, ददलहा, सेवापुरवा, अल्लीपुर व रामपुर के ग्रामीणों ने बताया कि गुरुवार को भी बची फसलें पानी में डूब गईं। एसडीएम राजेंद्र कुमार ने राशन का वितरण गांव में ही कराने के लिए कहा। आवागमन नाव से हो रहा है।
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फतेहपुर चौरासी में बाढ़ से पंडितखेड़ा, बरधाई, सरहा सकतपुर, अल्लीपुर, खानपुर बिचौली, खलकखेड़ा गांवों के किसानों की धान, सरसों की फसलें जलमग्न हैं। हिंदूपुर में ग्रामीण नाव से आवागमन कर रहे हैं। मछुवारा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक एवं ग्राम पंचायत गड़ाई के प्रधान लक्ष्मीनारायण ने हिंदूपुर कटान के पास पर शिवराजपुर मार्ग के किनारे गांव व मार्ग को कटान से रोकने के लिए पत्थर लगवाने का मांग पत्र विधायक श्रीकांत कटियार के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा है।
गंजमुरादाबाद के कटरी इलाके के भुड्डा, भिखारीपुर पतसिया, मितानपुरवा, भगवंतपुरवा, गढ़ेवा, गुल्हरिया, कुंसी, रतईपुरवा, बगिया, गहरपुरवा, बदलीपुरवा आदि गांव गंगा नदी में आई बाढ़ से पूरी तरह घिर गए हैं। फसलें सड़कर नष्ट हो गई हैं। बाढ़ प्रभावित किसान पानी में डूबी धान की कच्ची और अधपकी फसल काटने के लिए मजबूर हो गए हैं। किसान किसी प्रकार थोड़ी बहुत धान की फसल बचाने की जुगत में लगे हुए हैं।
सदर तहसील के गांव पनपथा में सुबह से ही तहसील प्रशासन मुस्तैद रहा। सदर विधायक पंकज गुप्ता व सदर तहसीलदार अतुल कुमार ने सौ ग्रामीणों को बाढ़ राहत सामग्री बांटी। सदर तहसील के गांव देवीपुरवा, माना बंगला, बाबू बंगला, ललतूपुरवा, बंदनपुरवा, जुड़ापुरवा, कोलवा, बसधना, अतरी, महानंदपुरवा, बेनिपुरवा, पटियारा गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
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बीघापुर ग्रामसभा गढ़ेवा के मजरे सहिबीखेड़ा, पिपरासर के मजरे गंगानगर व संतनगर चारों ओर पानी से घिरे हैं। यहां केेवल नाव से ही पहुंचा जा सकता है। गढ़ेवा का मुख्य संपर्क मार्ग पर बुधवार रात से ही एक फुट पानी बह रहा है। मलुहाखेड़ा गांव के अंदर से जाने वाले मुख्य मार्ग के ऊपर से पानी निकलने लगा है। पसनियाखेड़ा, चंदरपुर सेढूपुर सहित सभी गांव बाढ़ की चपेट में है। गढ़ेवा पुल पर जाने वाले रोड पर दो फुट गहरा पानी बहने लगा है। एसडीएम अंकित शुक्ला व तहसीलदार दिलीप कुमार ने बाढ़ प्रभावित इस गांव में पहुंचकर लोगों को खाद्यान्न सामग्री उपलब्ध कराई। बाढ़ से डूबी सड़कों पर कहीं ट्रैक्टर तो कहीं नाव पर सवार होकर दोनों अधिकारियों ने हालात का जायजा लिया। करमी, गढ़ेवा, मलुहाखेड़ा, सहिबीखेड़ा, चंदनपुर व पाही में पूर्व प्रमुख प्रतिनिधि अजीत सिंह बॉबी ने लोगों को राहत सामग्री दी।
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सफीपुर में बढ़े जलस्तर से डूबे कल्याणी नदी के पुल से आवागमन दूसरे दिन भी बाधित रहा। इससे उडनकपुरवा, शेरपुर, जमालनगर एहतमाली आदि दर्जनों गांव के लोगों का आवागमन ठप रहा। नाव के सहारे ही लोग आवागमन कर सके। शेरपुर, ददलहा, सेवापुरवा, अल्लीपुर व रामपुर के ग्रामीणों ने बताया कि गुरुवार को भी बची फसलें पानी में डूब गईं। एसडीएम राजेंद्र कुमार ने राशन का वितरण गांव में ही कराने के लिए कहा। आवागमन नाव से हो रहा है।
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फतेहपुर चौरासी में बाढ़ से पंडितखेड़ा, बरधाई, सरहा सकतपुर, अल्लीपुर, खानपुर बिचौली, खलकखेड़ा गांवों के किसानों की धान, सरसों की फसलें जलमग्न हैं। हिंदूपुर में ग्रामीण नाव से आवागमन कर रहे हैं। मछुवारा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक एवं ग्राम पंचायत गड़ाई के प्रधान लक्ष्मीनारायण ने हिंदूपुर कटान के पास पर शिवराजपुर मार्ग के किनारे गांव व मार्ग को कटान से रोकने के लिए पत्थर लगवाने का मांग पत्र विधायक श्रीकांत कटियार के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा है।
गंजमुरादाबाद के कटरी इलाके के भुड्डा, भिखारीपुर पतसिया, मितानपुरवा, भगवंतपुरवा, गढ़ेवा, गुल्हरिया, कुंसी, रतईपुरवा, बगिया, गहरपुरवा, बदलीपुरवा आदि गांव गंगा नदी में आई बाढ़ से पूरी तरह घिर गए हैं। फसलें सड़कर नष्ट हो गई हैं। बाढ़ प्रभावित किसान पानी में डूबी धान की कच्ची और अधपकी फसल काटने के लिए मजबूर हो गए हैं। किसान किसी प्रकार थोड़ी बहुत धान की फसल बचाने की जुगत में लगे हुए हैं।
सदर तहसील के गांव पनपथा में सुबह से ही तहसील प्रशासन मुस्तैद रहा। सदर विधायक पंकज गुप्ता व सदर तहसीलदार अतुल कुमार ने सौ ग्रामीणों को बाढ़ राहत सामग्री बांटी। सदर तहसील के गांव देवीपुरवा, माना बंगला, बाबू बंगला, ललतूपुरवा, बंदनपुरवा, जुड़ापुरवा, कोलवा, बसधना, अतरी, महानंदपुरवा, बेनिपुरवा, पटियारा गांव बाढ़ की चपेट में हैं।