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सनेही नगर के समर्थन में उपवास, बाजार बंद
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उपवास रख कर कलक्ट्रेट पहुंचे हड़हा निवासी, ज्ञापन लेने में देरी पर बैठ गए। संवाद
- फोटो : UNNAO
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अचलगंज। नवगठित नगर पंचायत अचलगंज के नामकरण को लेकर कस्बा व हड़हा के लोग आमने-सामने आ गए हैं। शुक्रवार को हड़हा के लोगों ने नगर पंचायत का नाम सनेही नगर किए जाने के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए बाजार बंद कर सामूहिक उपवास किया। फिर कलक्ट्रेट आकर डीएम को ज्ञापन सौंपा। इससे पहले गुरुवार को अचलगंज के व्यापारियों ने बाजार बंद रखकर सनेही नगर नाम किए जाने के प्रस्ताव का विरोध जताया था।
शुक्रवार को हड़हा के व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे और सनेही प्रतिमा के सामने सामूहिक उपवास किया। लोगों ने कहा कि शासन द्वारा अचलगंज नगर पंचायत का नाम सनेही नगर किए जाने का प्रस्ताव सही है। पं. गया प्रसाद शुक्ल सनेही राष्ट्र की महान विभूति थे। यदि नगर पंचायत उनके नाम पर बनती है तो यह उनको सच्ची श्रद्धांजलि होगी। आबादी के हिसाब से भी हड़हा, अचलगंज से काफी आगे है। इससे नगर पंचायत पर पहला हक हड़हा का है। चेतावनी दी कि सनेही जी का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए कानूनी लड़ाई भी शुरू करने की बात कही। इस दौरान हड़हा के व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह से बंद रहे। साप्ताहिक बाजार में भी सन्नाटा रहा। बाद में उपवास स्थल पर पहुंचे नवगठित नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी राजेश दुबे को ज्ञापन सौंपा।
दोपहर बाद प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों लोग जुलूस की शक्ल में हड़हा से पैदल मार्च करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां पर एक लिपिक द्वारा ज्ञापन लेने आने पर उसे वापस भेज दिया। लोग विरोध करते हुए वहीं बैठकर प्रदर्शन करने लगे। बाद में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट रश्मि सिंह ने पहुंचकर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन लिया। सामूहिक उपवास रखने वालों में पूर्व प्रधान मुन्ना मिश्र, पूर्व प्रधान रमेश लोधी, जुनैद अहमद, सनेहीजी के प्रपौत्र शैलेंद्र मोहन शुक्ल, श्यामजी मिश्रा, नौशाद अहमद, कुलदीप तिवारी, सज्जू मिश्रा, अशोक निगम मौजूद रहे।
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हड़हा के मूल निवासी रहे राष्ट्र कवि आचार्य पं. गया प्रसाद शुक्ल सनेही स्वंत्रता संग्राम सेनानी के साथ साहित्यकार भी थे। उन्होंने अपनी छंद एवं कविताओं के माध्यम से अंग्रेजी हुकूमत को हिला कर रख दिया था। शासन द्वारा उनकी जन्मभूमि हड़हा में पुस्तकालय, वाचनालय एवं उनकी प्रतिमा स्थापित कराई गई थी। हड़हा विकासखंड सिकंदरपुर कर्ण की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत थी।
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शुक्रवार को हड़हा के व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे और सनेही प्रतिमा के सामने सामूहिक उपवास किया। लोगों ने कहा कि शासन द्वारा अचलगंज नगर पंचायत का नाम सनेही नगर किए जाने का प्रस्ताव सही है। पं. गया प्रसाद शुक्ल सनेही राष्ट्र की महान विभूति थे। यदि नगर पंचायत उनके नाम पर बनती है तो यह उनको सच्ची श्रद्धांजलि होगी। आबादी के हिसाब से भी हड़हा, अचलगंज से काफी आगे है। इससे नगर पंचायत पर पहला हक हड़हा का है। चेतावनी दी कि सनेही जी का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए कानूनी लड़ाई भी शुरू करने की बात कही। इस दौरान हड़हा के व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह से बंद रहे। साप्ताहिक बाजार में भी सन्नाटा रहा। बाद में उपवास स्थल पर पहुंचे नवगठित नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी राजेश दुबे को ज्ञापन सौंपा।
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दोपहर बाद प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों लोग जुलूस की शक्ल में हड़हा से पैदल मार्च करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां पर एक लिपिक द्वारा ज्ञापन लेने आने पर उसे वापस भेज दिया। लोग विरोध करते हुए वहीं बैठकर प्रदर्शन करने लगे। बाद में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट रश्मि सिंह ने पहुंचकर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन लिया। सामूहिक उपवास रखने वालों में पूर्व प्रधान मुन्ना मिश्र, पूर्व प्रधान रमेश लोधी, जुनैद अहमद, सनेहीजी के प्रपौत्र शैलेंद्र मोहन शुक्ल, श्यामजी मिश्रा, नौशाद अहमद, कुलदीप तिवारी, सज्जू मिश्रा, अशोक निगम मौजूद रहे।
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हड़हा के मूल निवासी रहे राष्ट्र कवि आचार्य पं. गया प्रसाद शुक्ल सनेही स्वंत्रता संग्राम सेनानी के साथ साहित्यकार भी थे। उन्होंने अपनी छंद एवं कविताओं के माध्यम से अंग्रेजी हुकूमत को हिला कर रख दिया था। शासन द्वारा उनकी जन्मभूमि हड़हा में पुस्तकालय, वाचनालय एवं उनकी प्रतिमा स्थापित कराई गई थी। हड़हा विकासखंड सिकंदरपुर कर्ण की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत थी।