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गंगा के पानी में कमी, पर बाढ़ का खतरा बरकरार
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परियर में नाव से खेत जाते देवी पुरवा गांव के ग्रामीण। संवाद
- फोटो : UNNAO
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उन्नाव। पिछले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में मामूली कमी आई लेकिन बाढ़ का खतरा बरकरार है। कटरी के गांवों में कटान शुरू हो गई है। ग्रामीणों द्वारा बनाए गए लकड़ी के जुगाड़ू पुल के भी बढ़ते जलस्तर से प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
शनिवार शाम 4 बजे गंगा का जलस्तर 111.870 मीटर था। छह बजे घटकर 111.850 मीटर पर पहुंच गया। 20 सेमी की मामूली कमी के बाद भी खतरा अभी कम नहीं हुआ है। जलस्तर चेतावनी बिंदु 112 मीटर से 15 सेमी दूर है। वहीं बीघापुर तहसील क्षेत्र के कटरी के गांवों में किसानों की उपजाऊ जमीनों में कटान तेज हो गई है। कटरी और तराई क्षेत्र के दर्जनों गांवों में पानी घुसने का खतरा मंडरा रहा है। दूलीखेड़ा ग्रामसभा के आधा दर्जन मजरों के ग्रामीणों की सहूलियत के लिए पांडु नदी पर बना लकड़ी का जुगाड़ू पुल भी बढ़ते जलस्तर की चपेट में आने से आवागमन प्रभावित होने लगा है। उधर, ग्रामीणों ने टूटे पुल पर ही बांस-बल्ली से आवागमन की व्यवस्था कर ली है। बहाव तेज होने से किसी भी दिन बड़ी घटना होने की आशंका बढ़ गई है। जिला पंचायत सदस्य सुमेरपुर के प्रतिनिधि समाजसेवी प्रमोद विजय पाल ने निजी खर्च से ग्रामीणों के आवागमन के लिए एक नाव भेंट की।
परियर। गंगा नदी को उफान पर देख क्षेत्रीय लोगों में बाढ़ आने की आशंका से तैयार फसलों के डूबने का डर सताने लगा है। नदी के किनारे की अधिकांश भूमि पर पानी भर जाने से पशुओं के चारे की समस्या उत्पन्न हो गई है। ग्रामीण नाव से आवागमन कर रहे हैं। सदर तहसील के गंगा किनारे बसे माना बंगला, बाबू बंगला, बंदनपुरवा, लालतुपुरवा, पनपता, धनकुखेड़ा, कोलवा, जुड़ापुरवा, पटियारा, महानंदपुरवा, बेनिपुरवा, टेपरा व अतरी सहित दो दर्जन गांवों के पास पानी पहुंच गया है। सदर तहसीलदार अनिल कुमार ने बताया कि राजस्व निरीक्षक के साथ लेखपालों की टीम लगाई गई है। नाविक, राहत शिविर और बाढ़ केंद्र चिह्नित कर लिए गए हैं।
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मुनादी कर चेताया
बाढ़ के खतरे के देखते हुए प्रशासन ने शुक्लागंज व परियर क्षेत्र में मुनादी कराई। लेखपाल व ग्राम पंचायत सचिवों ने बाढ़ की आशंका वाले गांव में लोगों से नदी के किनारे न जाने की सलाह दी है। एसडीएम सत्यप्रिय सिंह ने बताया कि सदर तहसील क्षेत्र में 12 बाढ़ राहत केंद्र बनाए गए हैं। लोगों से अपील की गई है कि अगर बाढ़ का पानी घरों के पास तक पहुंचे तो तत्काल राहत केंद्रों में पहुंच जाएं। एसडीएम ने बताया गंगा का जलस्तर बढ़ा है लेकिन अभी चेतावनी बिंदु से नीचे है। जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ से निपटने की तैयारियां पूरी हैं।
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शनिवार शाम 4 बजे गंगा का जलस्तर 111.870 मीटर था। छह बजे घटकर 111.850 मीटर पर पहुंच गया। 20 सेमी की मामूली कमी के बाद भी खतरा अभी कम नहीं हुआ है। जलस्तर चेतावनी बिंदु 112 मीटर से 15 सेमी दूर है। वहीं बीघापुर तहसील क्षेत्र के कटरी के गांवों में किसानों की उपजाऊ जमीनों में कटान तेज हो गई है। कटरी और तराई क्षेत्र के दर्जनों गांवों में पानी घुसने का खतरा मंडरा रहा है। दूलीखेड़ा ग्रामसभा के आधा दर्जन मजरों के ग्रामीणों की सहूलियत के लिए पांडु नदी पर बना लकड़ी का जुगाड़ू पुल भी बढ़ते जलस्तर की चपेट में आने से आवागमन प्रभावित होने लगा है। उधर, ग्रामीणों ने टूटे पुल पर ही बांस-बल्ली से आवागमन की व्यवस्था कर ली है। बहाव तेज होने से किसी भी दिन बड़ी घटना होने की आशंका बढ़ गई है। जिला पंचायत सदस्य सुमेरपुर के प्रतिनिधि समाजसेवी प्रमोद विजय पाल ने निजी खर्च से ग्रामीणों के आवागमन के लिए एक नाव भेंट की।
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परियर। गंगा नदी को उफान पर देख क्षेत्रीय लोगों में बाढ़ आने की आशंका से तैयार फसलों के डूबने का डर सताने लगा है। नदी के किनारे की अधिकांश भूमि पर पानी भर जाने से पशुओं के चारे की समस्या उत्पन्न हो गई है। ग्रामीण नाव से आवागमन कर रहे हैं। सदर तहसील के गंगा किनारे बसे माना बंगला, बाबू बंगला, बंदनपुरवा, लालतुपुरवा, पनपता, धनकुखेड़ा, कोलवा, जुड़ापुरवा, पटियारा, महानंदपुरवा, बेनिपुरवा, टेपरा व अतरी सहित दो दर्जन गांवों के पास पानी पहुंच गया है। सदर तहसीलदार अनिल कुमार ने बताया कि राजस्व निरीक्षक के साथ लेखपालों की टीम लगाई गई है। नाविक, राहत शिविर और बाढ़ केंद्र चिह्नित कर लिए गए हैं।
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मुनादी कर चेताया
बाढ़ के खतरे के देखते हुए प्रशासन ने शुक्लागंज व परियर क्षेत्र में मुनादी कराई। लेखपाल व ग्राम पंचायत सचिवों ने बाढ़ की आशंका वाले गांव में लोगों से नदी के किनारे न जाने की सलाह दी है। एसडीएम सत्यप्रिय सिंह ने बताया कि सदर तहसील क्षेत्र में 12 बाढ़ राहत केंद्र बनाए गए हैं। लोगों से अपील की गई है कि अगर बाढ़ का पानी घरों के पास तक पहुंचे तो तत्काल राहत केंद्रों में पहुंच जाएं। एसडीएम ने बताया गंगा का जलस्तर बढ़ा है लेकिन अभी चेतावनी बिंदु से नीचे है। जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ से निपटने की तैयारियां पूरी हैं।