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बंदनपुरवा गांव तक पहुंचा गंगा का पानी
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मृतक संतकुमार के घर में बंद ताला । संवाद
- फोटो : UNNAO
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उन्नाव/परियर। गंगा नदी का जलस्तर कई दिनों तक बढ़ने के बाद मंगलवार शाम स्थिर हो गया। हालांकि इसके बाद भी कटरी के ग्रामीणों में बाढ़ की दहशत कम नहीं हुई है। बंदनपुरवा गांव के नजदीक पानी पहुंचने पर सदर एसडीएम ने क्षेत्र में पहुंचकर जलस्तर का जायजा लिया।
मंगलवार शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 111.520 मीटर पर स्थिर हो गया। यह चेतावनी बिंदु (112 मीटर) से 48 सेमी दूर है। मंगलवार को परियर के बंदनपुरवा में घरों के पास तक पानी पहुंच गया। गंगा किनारे बसे मानाबंगला, बाबूबंगला, लालतुपुरवा, पनपथा, धनकुखेड़ा, कोलवा, जुड़ापुरवा, पटियारा, महानंदपुरवा, बेनीपुरवा, टेपरा व अतरी सहित दो दर्जन गांवों के किसानों की तरोई, लौकी, भिंडी, कद्दू, धान, मक्का की फसल में पानी पहुंच गया है। इससे फसल के सड़ने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीण दिन रात जलस्तर पर नजर रख रहे हैं। सदर एसडीएम सत्यप्रिय सिंह ने मंगलवार को मानाबंगला गांव पहुंच कर बढ़े जलस्तर का जायजा लिया।
बीघापुर के गढ़ेवा के सामने गंगा नदी पर बने पुल से कानपुर शहर की सिकठिया चौकी को जोड़ने वाला सड़क मार्ग बढ़ते जलस्तर के बीच किसी भी समय कट सकता है। जलस्तर से गढ़ेवा की ओर अंधाधुंध कटान हो रही है।
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गंगा पुल से गढ़ेवा की ओर 500 मीटर पर बह रही है। गंगा पुल को छोड़कर नई धारा बना सकती है। मजरे सहिबीखेड़ा निवासी हरिशंकर यादव ने कहा कि उनकी 15 बीघा जमीन गंगा में समा गई है। सहिबीखेड़ा निवासी दयाशंकर का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से लगातार गंगा दो हजार बीघा जमीन गढ़ेवा ग्राम सभा की ओर अपने आगोश में ले लेती है। फिर भी तहसील प्रशासन कुछ नहीं करता। गढ़ेवा निवासी प्रताप ने कहा कि उनकी आठ बीघा फसल गंगा में समा गई। एसडीएम अंकित शुक्ला ने कहा कि उन्होंने सोमवार को निरीक्षण करके पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को अवगत करा दिया है।
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मंगलवार शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 111.520 मीटर पर स्थिर हो गया। यह चेतावनी बिंदु (112 मीटर) से 48 सेमी दूर है। मंगलवार को परियर के बंदनपुरवा में घरों के पास तक पानी पहुंच गया। गंगा किनारे बसे मानाबंगला, बाबूबंगला, लालतुपुरवा, पनपथा, धनकुखेड़ा, कोलवा, जुड़ापुरवा, पटियारा, महानंदपुरवा, बेनीपुरवा, टेपरा व अतरी सहित दो दर्जन गांवों के किसानों की तरोई, लौकी, भिंडी, कद्दू, धान, मक्का की फसल में पानी पहुंच गया है। इससे फसल के सड़ने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीण दिन रात जलस्तर पर नजर रख रहे हैं। सदर एसडीएम सत्यप्रिय सिंह ने मंगलवार को मानाबंगला गांव पहुंच कर बढ़े जलस्तर का जायजा लिया।
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बीघापुर के गढ़ेवा के सामने गंगा नदी पर बने पुल से कानपुर शहर की सिकठिया चौकी को जोड़ने वाला सड़क मार्ग बढ़ते जलस्तर के बीच किसी भी समय कट सकता है। जलस्तर से गढ़ेवा की ओर अंधाधुंध कटान हो रही है।
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गंगा पुल से गढ़ेवा की ओर 500 मीटर पर बह रही है। गंगा पुल को छोड़कर नई धारा बना सकती है। मजरे सहिबीखेड़ा निवासी हरिशंकर यादव ने कहा कि उनकी 15 बीघा जमीन गंगा में समा गई है। सहिबीखेड़ा निवासी दयाशंकर का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से लगातार गंगा दो हजार बीघा जमीन गढ़ेवा ग्राम सभा की ओर अपने आगोश में ले लेती है। फिर भी तहसील प्रशासन कुछ नहीं करता। गढ़ेवा निवासी प्रताप ने कहा कि उनकी आठ बीघा फसल गंगा में समा गई। एसडीएम अंकित शुक्ला ने कहा कि उन्होंने सोमवार को निरीक्षण करके पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को अवगत करा दिया है।