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आसमान से बरसी आफत
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मोतीनगर मोहल्ले घरों के बाहर भरा बरसात का पानी।
- फोटो : UNNAO
लीड-
फोटो नंबर-4, 5, 6, 7
आसमान से बरसी आफत, घरों और गलियों में पानी
सब-
24 घंटे की बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई इलाके जलमग्न, हसनगंज में कच्चा घर ढहा
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। पिछले 24 घंटे से रुक-रुक कर हुई बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर से लेकर गांवों की ज्यादातर बस्तियों में जलभराव की समस्या हो गई है। घरों और गलियों में जलभराव हो गया। ज्यादातर जगहों पर आवागमन में दिक्कत आई। हसनगंज में एक कच्चा मकान गिर गया।
शुक्रवार से शनिवार तक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला चलता रहा। कभी तेज तो कभी रिमझिम के साथ 30.25 मिलीमीटर बारिश हुई। सबसे ज्यादा 55 एमएम बारिश सफीपुर तहसील क्षेत्र और सबसे कम 14 एमएम पुरवा में तहसील क्षेत्र में हुई। सदर और हसनगंज तहसील क्षेत्र में क्रमश: 30 और 22 मिमी बारिश रिकार्ड की गई।
बारिश से शहर के किशोरीखेड़ा में घरों में पानी भर गया। वहीं कई गलियों में घरों के सामने पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई। शहर के गांधीनगर, ईदगाह, इंद्रानगर, डीएसएन कालेज रोड, आदर्श नगर, हिरन नगर, पीडीनगर, कृष्णानगर, शिवनगर, सिविल लाइन, कब्बाखेड़ा, मौहारीबाग, कल्याणी सहित ज्यादातर मोहल्ले जलभराव की चपेट में रहे। पूरननगर, क्वेटा तालाब नई बस्ती, रामपुर, बंधूहार आदि मोहल्लों में पानी भरा रहा। लोगों का कहना है कि नाला सफाई न होने से जलभराव की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
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इंसेट-
खेत-खलिहान पानी से लबालब
बारिश से धान उत्पादक किसानों को जबरदस्त फायदा पहुंचा है। किसानों का कहना है कि इस बारिश से धान की बेड़ लगाने में तेजी आएगी। जायद की उड़द, मूंग, मूंगफली आदि को नुकसान पहुंचने की आशंका है। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर सुखाने के लिए फैलाई गई मक्का बारिश में बह गई। किसान सुबह मक्का बटोरते नजर आए।
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रेलवे अंडरपास में जलभराव
गंजमुरादाबाद। रेलवे ने तीन वर्ष पहले ही रेलवे क्रासिंग पर अंडरपास बनवाए थे लेकिन पानी के निकास के लिए नालियों का निर्माण नहीं कराया है। शुक्रवार रात हुई बारिश से नसिरापुर, महमदाबाद आदि के रेलवे अंडरपास में तीन फिट तक पानी भर गया। जिससे पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। (संवाद)
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हसनगंज में गिरी कच्ची कोठरी
हसनगंज। कोतवाली क्षेत्र के रसूलपुर बकिया गांव निवासी विशुना देई की कच्ची कोठरी शुक्रवार रात हुई बारिश में गिर गई। विशुना देई बच्चों के साथ बाहर छप्पर के नीचे सो रही थी। विशुना ने बताया कि पात्रता सूची में नाम होने के बावजूद प्रधानमंत्री आवास नहीं दिया गया है। कोठरी गिरने से अनाज, कपड़े आदि दब गए हैं। एसडीएम प्रदीप वर्मा ने बताया कि जानकारी हुई है। नुकसान का आंकलन करने के लिए मौके पर लेखपाल को भेजा गया है।
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बिजली संकट भी गहराया
लगातार हुई बारिश से शहर और ग्रामीण इलाकों में बिजली संकट गहरा गया। कब्बाखेड़ा, सिटी, पीडीनगर, इब्राहिमाबाग व कुंदनरोड उपकेंद्र से जुड़े सिविल लाइन, दरोगाबाग, बंधूहार, गांधीनगर, इंद्रानगर, छोटा चौराहा, धवनरोड आदि क्षेत्रों में बिजली का संकट दिखा। नवाबगंज, हसनगंज, पुरवा, असोहा, औरास आदि क्षेत्रों में भी बिजली की आवाजाही से लोग परेशान रहे।
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अब याद आई नाला सफाई
महीनों से नाला सफाई की कार्ययोजना बनाने में उलझे नगर पालिका अधिकारियों को नालों की सफाई की याद तब आई जब झमाझम बरसात से शहर में जलभराव हो गया। पानी घरों के भीतर तक भर गया। लोगों ने अध्यक्ष और ईओ सहित अन्य अधिकारियों से शिकायत की। नगर पालिका ने शुक्रवार को शहर से लोन नदी तक नाले की सफाई शुरू कराई है लेकिन सिल्ट नहीं उठाई जा रही है। बारिश होने पर सिल्ट फिर नाले में जा रही है। ईओ ने बताया कि नगर पालिका की जेसीबी मशीनें और कर्मचारियों को लगाकर चोक नालों से सिल्ट हटवाई जा रही है।
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24 घंटे में एक मीटर बढ़ा गंगा का जलस्तर
शुक्लागंज। हरिद्वार से गंगा नदी में पानी छोड़े जाने से शनिवार सुबह अचानक गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। इसके बाद जलस्तर शाम तक बढ़ता रहा। बीते 24 घंटे में गंगा का जलस्तर एक मीटर से अधिक बढ़ा। जिससे गंगा नदी के तटीय क्षेत्र में कटान शुरू हो गई है। ज्यादातर दिक्कत रविदास नगर गंगा कटरी क्षेत्र में है। जहां बस्ती से करीब सौ मीटर की दूरी पर ही गंगा नदी रह गई है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 108.120 मीटर रिकार्ड किया गया। सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 108.440 मीटर पर पहुंच गया। हरिद्वार से पानी छोड़े के जाने के कारण गंगा में पानी बढ़ता गया और शनिवार शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 109.200 मीटर पर पहुंच गया। आयोग के अनुसार 1.080 मीटर पानी की बढ़ोत्तरी गंगा नदी में हुई है, जो एक मीटर से अधिक है। (संवाद)
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फोटो नंबर-4, 5, 6, 7
आसमान से बरसी आफत, घरों और गलियों में पानी
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24 घंटे की बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई इलाके जलमग्न, हसनगंज में कच्चा घर ढहा
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। पिछले 24 घंटे से रुक-रुक कर हुई बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर से लेकर गांवों की ज्यादातर बस्तियों में जलभराव की समस्या हो गई है। घरों और गलियों में जलभराव हो गया। ज्यादातर जगहों पर आवागमन में दिक्कत आई। हसनगंज में एक कच्चा मकान गिर गया।
शुक्रवार से शनिवार तक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला चलता रहा। कभी तेज तो कभी रिमझिम के साथ 30.25 मिलीमीटर बारिश हुई। सबसे ज्यादा 55 एमएम बारिश सफीपुर तहसील क्षेत्र और सबसे कम 14 एमएम पुरवा में तहसील क्षेत्र में हुई। सदर और हसनगंज तहसील क्षेत्र में क्रमश: 30 और 22 मिमी बारिश रिकार्ड की गई।
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बारिश से शहर के किशोरीखेड़ा में घरों में पानी भर गया। वहीं कई गलियों में घरों के सामने पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई। शहर के गांधीनगर, ईदगाह, इंद्रानगर, डीएसएन कालेज रोड, आदर्श नगर, हिरन नगर, पीडीनगर, कृष्णानगर, शिवनगर, सिविल लाइन, कब्बाखेड़ा, मौहारीबाग, कल्याणी सहित ज्यादातर मोहल्ले जलभराव की चपेट में रहे। पूरननगर, क्वेटा तालाब नई बस्ती, रामपुर, बंधूहार आदि मोहल्लों में पानी भरा रहा। लोगों का कहना है कि नाला सफाई न होने से जलभराव की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
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खेत-खलिहान पानी से लबालब
बारिश से धान उत्पादक किसानों को जबरदस्त फायदा पहुंचा है। किसानों का कहना है कि इस बारिश से धान की बेड़ लगाने में तेजी आएगी। जायद की उड़द, मूंग, मूंगफली आदि को नुकसान पहुंचने की आशंका है। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर सुखाने के लिए फैलाई गई मक्का बारिश में बह गई। किसान सुबह मक्का बटोरते नजर आए।
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रेलवे अंडरपास में जलभराव
गंजमुरादाबाद। रेलवे ने तीन वर्ष पहले ही रेलवे क्रासिंग पर अंडरपास बनवाए थे लेकिन पानी के निकास के लिए नालियों का निर्माण नहीं कराया है। शुक्रवार रात हुई बारिश से नसिरापुर, महमदाबाद आदि के रेलवे अंडरपास में तीन फिट तक पानी भर गया। जिससे पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। (संवाद)
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हसनगंज में गिरी कच्ची कोठरी
हसनगंज। कोतवाली क्षेत्र के रसूलपुर बकिया गांव निवासी विशुना देई की कच्ची कोठरी शुक्रवार रात हुई बारिश में गिर गई। विशुना देई बच्चों के साथ बाहर छप्पर के नीचे सो रही थी। विशुना ने बताया कि पात्रता सूची में नाम होने के बावजूद प्रधानमंत्री आवास नहीं दिया गया है। कोठरी गिरने से अनाज, कपड़े आदि दब गए हैं। एसडीएम प्रदीप वर्मा ने बताया कि जानकारी हुई है। नुकसान का आंकलन करने के लिए मौके पर लेखपाल को भेजा गया है।
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बिजली संकट भी गहराया
लगातार हुई बारिश से शहर और ग्रामीण इलाकों में बिजली संकट गहरा गया। कब्बाखेड़ा, सिटी, पीडीनगर, इब्राहिमाबाग व कुंदनरोड उपकेंद्र से जुड़े सिविल लाइन, दरोगाबाग, बंधूहार, गांधीनगर, इंद्रानगर, छोटा चौराहा, धवनरोड आदि क्षेत्रों में बिजली का संकट दिखा। नवाबगंज, हसनगंज, पुरवा, असोहा, औरास आदि क्षेत्रों में भी बिजली की आवाजाही से लोग परेशान रहे।
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अब याद आई नाला सफाई
महीनों से नाला सफाई की कार्ययोजना बनाने में उलझे नगर पालिका अधिकारियों को नालों की सफाई की याद तब आई जब झमाझम बरसात से शहर में जलभराव हो गया। पानी घरों के भीतर तक भर गया। लोगों ने अध्यक्ष और ईओ सहित अन्य अधिकारियों से शिकायत की। नगर पालिका ने शुक्रवार को शहर से लोन नदी तक नाले की सफाई शुरू कराई है लेकिन सिल्ट नहीं उठाई जा रही है। बारिश होने पर सिल्ट फिर नाले में जा रही है। ईओ ने बताया कि नगर पालिका की जेसीबी मशीनें और कर्मचारियों को लगाकर चोक नालों से सिल्ट हटवाई जा रही है।
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24 घंटे में एक मीटर बढ़ा गंगा का जलस्तर
शुक्लागंज। हरिद्वार से गंगा नदी में पानी छोड़े जाने से शनिवार सुबह अचानक गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। इसके बाद जलस्तर शाम तक बढ़ता रहा। बीते 24 घंटे में गंगा का जलस्तर एक मीटर से अधिक बढ़ा। जिससे गंगा नदी के तटीय क्षेत्र में कटान शुरू हो गई है। ज्यादातर दिक्कत रविदास नगर गंगा कटरी क्षेत्र में है। जहां बस्ती से करीब सौ मीटर की दूरी पर ही गंगा नदी रह गई है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 108.120 मीटर रिकार्ड किया गया। सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 108.440 मीटर पर पहुंच गया। हरिद्वार से पानी छोड़े के जाने के कारण गंगा में पानी बढ़ता गया और शनिवार शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 109.200 मीटर पर पहुंच गया। आयोग के अनुसार 1.080 मीटर पानी की बढ़ोत्तरी गंगा नदी में हुई है, जो एक मीटर से अधिक है। (संवाद)
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किशोरीखेड़ा मोहल्ले में घर के अंदर भरा बरसात का पानी।- फोटो : UNNAO