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शव के आसपास चक्कर लगा कर लौटे थे सीओ

Sat, 12 Feb 2022 11:52 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 12 Feb 2022 11:52 PM IST
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circle officer romed around the burial site on the first day of kin'complain
शव दफनाने वाली जगह के सामने घर में लगा सीसीटीवी। संवाद - फोटो : UNNAO
मोहित पांडेय
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उन्नाव। शहर के कांशीराम कालोनी निवासी अनुसूचित जाति की युवती के लापता होने और सपा सरकार में राज्यमंत्री रहे दिवंगत फतेह बहादुर सिंह के बेटे पर अगवा करने का आरोप लगने के बाद पुलिस के अधिकारी तक कई चक्रों में आश्रम की तलाशी लेने पहुंचे थे। जिस जगह शव दफनाया गया था, उसके आसपास पुलिस चक्कर काटती रही पर सच सामने नहीं ला सकी। यहां तक कि हत्यारोपी को रिमांड पर लेने के बाद भी पुलिस उससे कुछ भी नहीं उगलवा पाई थी। स्वॉट टीम ने अपने स्तर से जांच शुरू की तो रजोल का कृत्य उजागर हो गया।
आठ दिसंबर को 22 वर्षीय पूजा लापता हो गई थी। मां रीता ने रजोल सिंह पर बेटी को अगवा करने का आरोप लगा आश्रम में बेटी को छिपाए जाने का अंदेशा जताया था। उसी दिन गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पूर्व कांशीराम चौकी प्रभारी प्रेमप्रकाश दीक्षित ने जांच शुरू की थी। 12 दिसंबर को शाम छह बजे चौकी के दो सिपाही परिजनों के साथ आश्रम पहुंचे थे और वहां मौजूद लोगों से आश्रम की तलाशी लेने की बात कही।
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मुख्यद्वार से अंदर की ओर बने कमरों की तलाशी तो पुलिस ने ली पर दूसरे गेट से अंदर जाने पर बने कमरों के ताले की चाबी न होने से सिपाही लौट गए थे। अगले दिन पूर्व चौकी प्रभारी प्रेमप्रकाश दीक्षित ने आश्रम जाकर दूसरे गेट से अंदर जाने पर बने कमराें की तलाशी ली थी। इस दौरान उन्हें कुछ नहीं मिला था। 18 दिसंबर को सीओ सिटी कृपाशंकर भी पुलिस टीम के साथ आश्रम पहुंचे थे और एक-एक कोने की तलाशी ली थी पर उन्हें वहां कुछ नहीं मिला था।
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स्वॉट टीम ने सहआरोपी सूरज को पकड़ा तो युवती की हत्या व शव जमीन में दबाए जाने का रहस्य खुल गया। आरोपी ने आश्रम में ही ट्यूबवेल के कमरे में युवती की हत्या करने और वहीं पास में टैंक के गड्ढे में शव दफनाने की जानकारी दी तो स्वॉट टीम के पैरों तले से जमीन खिसक गई। टीम आरोपी सूरज को लेकर आश्रम पहुंची और अगले दिन खोदाई कराकर शव को बाहर निकाला। जिस जगह पर हत्या कर शव को दफनाया गया उसके इर्द-गिर्द सीओ सिटी कृपाशंकर जांच कर लौट गए थे।
आश्रम में जब-जब पुलिस जांच कर लौटी, पीछे से हत्यारोपी रजोल आश्रम पहुंच जाता था। पुलिस द्वारा की गई जांच की वहां रहने वाले लोगों से जानकारी लेता और अपने कमरे में कुछ देर रुकने के बाद लौट जाता। चर्चा है कि पुलिस को उस पर शक न हो, इसलिए उसका घर व आश्रम पर लगातार आना-जाना बना रहा।
आठ दिसंबर को युवती के लापता होने पर मां रीता ने उसी रात लगभग नौ बजे हत्यारोपी रजोल को फोन किया था। शनिवार को दोनों के बीच हुई बातचीत की आडियो रिकार्डिंग वायरल हुई है।
मृतका की मां- भइया रात के नौ बज गए है, बिटिया नहीं आई। तुमने ही हरदोई पुल पर बुलाया था।
आरोपी- हम भी परेशान हैं। खाना खाने जा रहे हैं।
मां- बिटिया हमारी नहीं आई और तुम खाना खाने जा रहे हो। खाना बाद में खाओ पहले बिटिया को ढूंढ लाओ। हमारा जी घबरा रहा है।
आरोपी- कानपुर गई होगी, एलसी 10 बजे आएगी, उसी से 10 बजे तक आती होगी। अब तुम ही परेशान होगी तो कैसे काम चलेगा।
मां-बिटिया कहकर गई थी रजोल हरदोई पुल पर खड़े हैं, हम जा रहे हैं।
आरोपी- हम पांच मिनट पुल पर रुके पर वह नहीं आई तो हमारे लेबरों का फोन आ गया तो हम चले गए।
मां-बिटिया हमारी आ जाई 10 बजे तक, मेरा बीपी लो हो रहा है।
आरोपी- हां हमका तो विश्वास है कि 10 बजे तक आ जाई, तुम्ही टेंशन लोगी तो आगे क्या होगा। टेंशन वाली बात ही है। हमका तो खुदे टेंशन है।
मां- भैया 10 बजे तक फोन न बंद करना, जब बिटिया आ जाई तो हम बता देेबे तब बंद करना।
आरोपी-फोन न बंद होई, जब तुम कहोगी तब बंद होगा। 10 बज जाने दो, ट्रेन आने तो दो।
हत्यारोपी ने साथी सूरज सिंह के साथ घटना को किस तरह से अंजाम दिया, पुलिस इस सीन को रिक्रिएशन के जरिए सामने लाएगी। डंडा व कार बरामद करने के लिए भी पुलिस ने आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए कवायद शुरू कर दी है। वहीं, शुक्रवार को पोस्टमार्टम हाउस में युवती के लिए गए डीएनए सैंपल से मिलान के लिए माता-पिता का डीएनए सैंपल लेने की तैयारी कर रही है।
पहले कब-कब चर्चा में आया जिला
- 2018- युवती से दुष्कर्म व उसके पिता की हत्या में पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर का नाम सामने आने के बाद सियासत में भूचाल आ गया था। इस प्रकरण की चर्चा पूरे देश में फैल गई थी।
- 23 फरवरी 2018- बारासगवर के सथनीबालाखेड़ा में युवती को पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया था। यह प्रकरण भी खासा सुर्खियाें में रहा था।
- 5 दिसंबर 2019- बिहार थाना क्षेत्र में दुष्कर्म पीड़िता को जिंदा जलाने के मामले में भी सियासी भूचाल आया था। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा भी गांव पहुंच गई थी। 16 दिसंबर 2019- हसनगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में दुष्कर्म पीड़िता ने पुलिस पर आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगा एसपी कार्यालय में खुद को आग लगा ली थी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।

- 2 अक्तूबर 2020- बिहार थाना क्षेत्र में जलाकर मारी गई दुष्कर्म पीड़िता का 6 वर्षीय भतीजा रहस्यम हालात में लापता हो गया था। अब तक उसका पता नहीं चला।
-17 फरवरी 2020 को असोहा थाना क्षेत्र में तीन किशोरियों में एक के प्रेमी ने एकतरफा प्रेम में प्रेमिका व दो अन्य को जहरीला पानी पिला दिया था। दो की मौत हो गई थी, एक की इलाज के दौरान जान बच गई थी।
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