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उन्नाव: अफसरों की लापरवाही मर रहे बेजुबान, कांजी हाउस में आठ मवेशी की मौत, 15 मरणासन्न, गोशाला में गंदगी का अंबार

Sat, 08 Jan 2022 05:55 PM IST
सुशील कुमार अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव Published by: सुशील कुमार Updated Sat, 08 Jan 2022 05:55 PM IST
सार

कानपुर-लखनऊ हाईवे पर गदनखेड़ा में संचालित कांजी हाउस में देखरेख के अभाव से बीमार पड़े आठ मवेशियों ने दम तोड़ दिया। वहीं 15 मरणासन्न हैं। जगह-जगह गोबर के ढेर लगे हुए हैं।

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cattle are dying due to Negligence of officers eight died in Kanji House 15 dying filth in Gaushala
मवेशी की मौत। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उन्नाव में अफसरों की लापरवाही और उदासीनता से बेजुबान मर रहे हैं। गोशालाएं (कांजी हाउस और कान्हा गोशाला) मवेशियों के लिए यातनागृह साबित हो रही हैं। गोशालाओं की न तो नियमित साफ सफाई ही कराई जा रही है और ना ही मवेशियों को मानक के अनुसार हरा चारा ही दिया जा रहा है। इधर हुई बारिश से गोशालाओं की हालत ज्यादा खराब हो गई है। मवेशी कीचड़ में ही बैठने को मजबूर हैं।

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कांजी हाउस में आठ मवेशियों ने दम तोड़ा, 15 मरणासन्न
कानपुर-लखनऊ हाईवे पर गदनखेड़ा में संचालित कांजी हाउस में देखरेख के अभाव से बीमार पड़े आठ मवेशियों ने दम तोड़ दिया। वहीं 15 मरणासन्न हैं। जगह-जगह गोबर के ढेर लगे हुए हैं। पिछले दो दिन हुई बारिश से कांजी हाउस की स्थिति ज्यादा खराब हो गई। कीचड़ का आलम यह कि पैर रखने के लिए सही जगह नहीं मिली। यही नहीं कांजी हाउस के मुख्य गेट के बाहर भी गोबर के ढेर लगे मिले। चरही पूरी तरह से खाली मिली। चरही को देखने से इस बात का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि कई दिन से इसमें भूसा नहीं डाला गया। इसका सीधा अर्थ है कि मवेशियों को पेट भरने के लिए भूसा तक नहीं दिया जा रहा है।
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एडीएम तो गेट के बाहर से ही लौट गए
हनुमंत जीव आश्रय के संचालक अखिलेश अवस्थी मौके पर पहुंचे तो कांजी हाउस के अंदर की स्थिति देखकर उनके होश उड़ गए। तुरंत उन्होंने मामले की जानकारी डीएम को दी। इसके बाद आनन-फानन एडीएम नरेंद्र सिंह व एसडीएम सत्यप्रिय सिंह सदर टीम के साथ मौके पर पहुंचे। नगर पालिका कर्मचारियों को लगाकर साफ, सफाई शुरू कराई। साथ ही पशु चिकित्सकों को बुलाकर मरणासन्न मवेशियों का इलाज कराया। हालांकि कांजी हाउस के अंदर की हालत खराब होने से अधिकारी भी अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। एडीएम तो गेट के बाहर से ही लौट गए। अखिलेश अवस्थी के मुताबिक, नगर पालिका के जेई ने 180 मवेशियों के संरक्षित होने की जानकारी दी है। सभी मवेशियों की हालत खराब है।
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कांशीराम की कान्हा गोशाला का भी बुरा हाल, मवेशी बीमार
कांशीराम कालोनी में संचालित कान्हा गोशाला का भी बुरा हाल है। यहां चार सौ से अधिक मवेशी संरक्षित हैं। लंबे समय से सफाई न होने से गंदगी की अंबार है। बारिश होने से गोबर बहकर पूरे परिसर में फैल गया है। इसी गंदगी में बैठने से मवेशी बीमार हो रहे हैं। पड़ोस में रहने वाले लोगों की मानें तो यहां भी कई मवेशी दम तोड़ चुके हैं। शनिवार को यहां भी पशु चिकित्सक ने पहुंचकर मरणासन्न मवेशियों का इलाज शुरू किया। वहीं केयरटेकर का कहना है कि मवेशियों की संख्या अधिक होने से आए दिन आपस में लड़ते रहते हैं। जिससे एक दूसरे को सींग मारकर घायल कर देते हैं। केयरटेकर का कहना है कि गोशाला की नियमित साफ-सफाई नहीं होती है। जिससे यहां भी गोबर के ढेर लगे रहते हैं। बारिश ने स्थितियां और बिगाड़ दी हैं। गोशाला के अंदर और बाहर पहुंच मार्ग भी कीचड़ से लबालब है। वैसे जानकारों के मुताबिक, जिले में एक सैकड़ा गो आश्रयस्थल भी संचालित हैं। कमोबेश यही हालत अन्य गोशालाओं में भी हैं।


क्या कहते हैं जिम्मेदार
सुबह जानकारी मिली थी कि कांजी हाउस में कई गोवंश अचेत अवस्था में पड़े हैं। मौके पर पहुंचकर मवेशियों का इलाज शुरू कराया गया। कांजी हाउस में चारा पानी से लेकर सर्दी से बचाव के इंतजाम हैं। पिछले दो दिनों में हुई बारिश से यहां जलभराव की स्थिति बन गई। भविष्य के लिए इसकी पुनरावृत्ति न हो इसके लिए व्यवस्थाएं कराई जा रही हैं।- सत्यप्रिय सिंह, एसडीएम सदर।

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