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Unnao News: टूटी खिड़की...फटी सीट, ठंड में मुश्किलों भरा रोडवेज बस से सफर
Thu, 30 Nov 2023 11:48 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Thu, 30 Nov 2023 11:48 PM IST
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फोटो-12,13
बसों में सड़क सुरक्षा और यात्रियों को ठंड से बचाने के इंतजाम अधूरे
कोहरे में बसों की सुरक्षा के लिहाज से जरूरी फॉग और पार्किंग लाइटें भी टूटीं
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। रोडवेज बसों से सफर करने वालों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। बसाें की सीट फटी और खिड़िकियों के शीशे क्षतिग्रस्त और सीट फटी है। कोहरे में बसों की सुरक्षा के लिहाज से जरूरी फॉग और पार्किंग लाइटें भी टूटी हैं। हालत यह है कि किसी बस में एक तरफ की खिड़की का शीशा बंद नहीं होता तो किसी में फस्टर्एड बॉक्स खाली है।
परिवहन निगम के उन्नाव डिपो में 85 बसों का बेड़ा है। लेकिन इनमें तमाम बसों की खासकर लोकल रूटों पर चलने वाली बसों की हालत खस्ता है। इससे आने वाले ठंड के दिनों में मुसाफिरों को कंपकंपाते हुए सफर करना पड़ रहा है। किसी खिड़की का शीशा बंद नहीं होता तो किसी का शीशा ही गायब है।
शीशों के चारों तरफ लगने वाली रबर रिंग न होने से जो खिड़कियां दुरुस्त हैं भी वह यात्रियों को ठंडी हवा के थपेड़ों से बचाव नहीं कर पा रहीं। वहीं कोहरे के दौरान बस के सुरक्षित आवागमन में सहायक साबित होने वाली फॉग लाइटें और पार्किंग लाइटें और इंडीकेटर तक गायब हैं। इससे आने वाले दिनों में ठंड के दौरान रोडवेज बसों में सफर मुश्किल होगा।
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अग्निशमन यंत्र हैं नहीं
जिले की अधिकांश बसों में अग्नि शमन यंत्र नहीं लगा हुआ है। अगर किसी में लगा भी है तो यह देख पाना मुश्किल है। कि उसकी अवधि कब तक है। केवल बस में रख दिया गया है। अगर किसी बस में आग लग जाए तो उसे बुझाने के लिए को भी इंतजाम नहीं है। एक परिचालक ने नाम न छापने की शर्त की बताया कि कई अग्नि शमन यंत्र और वाइपर के लिए कहा गया। लेकिन किसी भी अधिकारी ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। किसी तरह जुगाड़ करके बस का संचालन किया जा रहा है।
पिछले साल बस में लगी थी आग
वर्ष 2022 में इसी माह में एक बस कानपुर से लखनऊ की ओर जा रही थी। तभी बंथरा के पास उसमें अचानक आग लग गई। पूरी बस में हडकंप मच गया था। किसी तरह बस का शीशा तोड़कर यात्रियों को बचाया गया था। इस बस में यात्रा कर रहे 48 यात्री बाल-बाल बचे थे।
जिम्मेदार बोले
एआरएम गिरीश चंद्र वर्मा ने बताया कि लंबे रूट की 40 बसों के लिए फॉग लाइटें और रेडियम टेप आया गया है। जिन बसों में शीशे टूटे हैं, उन्हें जल्द ही बदलवा दिया जाएगा। वहीं, प्राथमिक उपचार के लिए दवाएं परिचालक के पास भी रहती हैं। अग्नि शमन यंत्र कुछ बसों में लगे हुए है। जिसमें एक्सपायर हो गए होंगे तो जानकारी करके जल्द ही बदलवा दिया जाएगा।
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बसों में सड़क सुरक्षा और यात्रियों को ठंड से बचाने के इंतजाम अधूरे
कोहरे में बसों की सुरक्षा के लिहाज से जरूरी फॉग और पार्किंग लाइटें भी टूटीं
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। रोडवेज बसों से सफर करने वालों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। बसाें की सीट फटी और खिड़िकियों के शीशे क्षतिग्रस्त और सीट फटी है। कोहरे में बसों की सुरक्षा के लिहाज से जरूरी फॉग और पार्किंग लाइटें भी टूटी हैं। हालत यह है कि किसी बस में एक तरफ की खिड़की का शीशा बंद नहीं होता तो किसी में फस्टर्एड बॉक्स खाली है।
परिवहन निगम के उन्नाव डिपो में 85 बसों का बेड़ा है। लेकिन इनमें तमाम बसों की खासकर लोकल रूटों पर चलने वाली बसों की हालत खस्ता है। इससे आने वाले ठंड के दिनों में मुसाफिरों को कंपकंपाते हुए सफर करना पड़ रहा है। किसी खिड़की का शीशा बंद नहीं होता तो किसी का शीशा ही गायब है।
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शीशों के चारों तरफ लगने वाली रबर रिंग न होने से जो खिड़कियां दुरुस्त हैं भी वह यात्रियों को ठंडी हवा के थपेड़ों से बचाव नहीं कर पा रहीं। वहीं कोहरे के दौरान बस के सुरक्षित आवागमन में सहायक साबित होने वाली फॉग लाइटें और पार्किंग लाइटें और इंडीकेटर तक गायब हैं। इससे आने वाले दिनों में ठंड के दौरान रोडवेज बसों में सफर मुश्किल होगा।
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अग्निशमन यंत्र हैं नहीं
जिले की अधिकांश बसों में अग्नि शमन यंत्र नहीं लगा हुआ है। अगर किसी में लगा भी है तो यह देख पाना मुश्किल है। कि उसकी अवधि कब तक है। केवल बस में रख दिया गया है। अगर किसी बस में आग लग जाए तो उसे बुझाने के लिए को भी इंतजाम नहीं है। एक परिचालक ने नाम न छापने की शर्त की बताया कि कई अग्नि शमन यंत्र और वाइपर के लिए कहा गया। लेकिन किसी भी अधिकारी ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। किसी तरह जुगाड़ करके बस का संचालन किया जा रहा है।
पिछले साल बस में लगी थी आग
वर्ष 2022 में इसी माह में एक बस कानपुर से लखनऊ की ओर जा रही थी। तभी बंथरा के पास उसमें अचानक आग लग गई। पूरी बस में हडकंप मच गया था। किसी तरह बस का शीशा तोड़कर यात्रियों को बचाया गया था। इस बस में यात्रा कर रहे 48 यात्री बाल-बाल बचे थे।
जिम्मेदार बोले
एआरएम गिरीश चंद्र वर्मा ने बताया कि लंबे रूट की 40 बसों के लिए फॉग लाइटें और रेडियम टेप आया गया है। जिन बसों में शीशे टूटे हैं, उन्हें जल्द ही बदलवा दिया जाएगा। वहीं, प्राथमिक उपचार के लिए दवाएं परिचालक के पास भी रहती हैं। अग्नि शमन यंत्र कुछ बसों में लगे हुए है। जिसमें एक्सपायर हो गए होंगे तो जानकारी करके जल्द ही बदलवा दिया जाएगा।