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जर्जर पुल व पुलिया की नहीं हो रही मरम्मत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 07 Nov 2016 12:06 AM IST
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टूटी पुलिया से निकलते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पुरवा व बीघापुर तहसील क्षेत्र में दर्जनों की संख्या में पुल और पुलिया जर्जर हैं। कई जगहों पर जर्जर पुलिया से वाहनों के निकलने पर पूरी तरह से रोक लगी है। ग्रामीणों को कई किमी. का चक्कर लगा कर गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अधिकारियों ने आश्वासन दिया, लेकिन मरम्मत का काम शुरू नहीं किया जा सका है।
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पुरवा तहसील को बीघापुर से जोड़ने वाले पुरवा-बीघापुर मार्ग पर खिन्नीमोड़ व चमियानी पक्का तालाब चौराहे के पास बनी पुलिया पूरी तरह से टूट चुकी है। मामले की जानकारी जब अधिकारियों को हुई तो उन्होंने चार पहिया वाहनों का आवागमन बंद कर दिया। ऐसे में बड़े वाहनों को 15 किमी. का चक्कर काटकर बिहार या अचलगंज होकर जाना पड़ रहा है। क्षेत्र के आधा सैकड़ा गांवों की 50 हजार की आबादी का आवागमन बाधित रहा है। लंबे चक्कर से बचने के लिए बाइक व पैदल राहगीर जानजोखिम में डालकर इसी मार्ग से निकलते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, लगभग दो वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के जरिए करोड़ों की लागत से इस मार्ग का निर्माण कराया गया था। मार्ग निर्माण के समय अधिकारियों ने इसकी क्षतिग्रस्त पुलिया को नजरंदाज कर दिया था। जिसका खामियाजा अब ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। इस मार्ग से पुरवा, चमियानी, काजीखेड़ा, धिरजीखेड़ा, महरामऊ, मगरायर, सरसो, बरवट, हरीखेड़ा, मियागंज, बीघापुर, सिंहपुर, अमरपुर सहित अन्य गांव के लोग आवागमन करते हैं। क्षेत्र के श्रावण पटेल, सुशील, विजय सिंह, रामगोपाल, प्रदीप पटेल, गौरव मिश्रा, कैलाश द्विवेदी, मनोज, शुभम व दिपांशु आदि ने जिलाधिकारी से पुलिया की मरम्मत कराए जाने की मांग की है।
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उन्नाव-रायबरेली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बीघापुर बस स्टाप के निकट शारदा नहर पर जर्जर पुल को आवागमन के लिए बंद कर दिए जाने से क्षेत्र के ग्रामीणों, छात्रों, व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना कर पड़ रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग के अवर अभियंता का एक सप्ताह में डायवर्जन बनाने का आश्वासन हवाहवाई साबित हुआ है। 19 अक्तूबर को विकासखंड कार्यालय बीघापुर में आयोजित किसान गोष्ठी में आये जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने मार्ग की जर्जर स्थिति को देख राट्रीय राजमार्ग व नहर विभाग के अभियंता को मौके पर बुलाकर पुल को आवागमन के लिए तत्काल बंद करा दिया था। भारी वाहनों को वाया लालकुआं से होते हुए भगवंतनगर, सुमेरपुर से होते हुए रायबरेली जाने का रास्ता तय कर दिया। वहीं छोटे वाहनों का आवागमन अब भी जर्जर पुल से हो रहा है। इधर, जेई के निर्देश पर पुल के नीचे लगी ईंटों को भी हटाने का काम शुरू हो गया है। इससे भविष्य में दो पहिया वाहनों का आवागमन भी बाधित हो सकता है तथा दुर्घटना की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।
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डायवर्जन बनाने की बात हवाहवाई साबित हुई
पुल पर आवागमन बंद करने के समय एनएच के जेई कपिल देव ने कहा था कि एक सप्ताह में डायवर्जन बना आवागमन चालू कर दिया जाएगा लेकिन अभी तक डायवर्जन बनने की बात हवाहवाई साबित हो रही है। डायवर्जन न होने से बीघापुर मुख्य बाजार जाने वाले क्षेत्रीय लोगों, व्यापारियों तथा थाना मुख्यालय, डाकघर, ब्लाक, दूरसंचार, बैंक व तहसील जाने वाले लोगों को साइकिल या पैदल यात्रा करनी पड़ रही है। कस्बे के आसपास रहने वाले चार पहिया वाहन सवारों को 10 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। नगर पंचायत अध्यक्ष उमानाथ धोबी ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर अविलंब डायवर्जन बनवा यातायात चालू कराने की मांग की है।
पुरवा तहसील क्षेत्र की यह पुलिया भी हैं क्षतिग्रस्त
कांथा-सोहरामऊ मार्ग पर बीकामऊ के पास टूटी पुलिया। कांथा-सोहरामऊ मार्ग पर मौरावां ब्रांच नहर पर टूटा पुल। अभूसा-धौराहरा मार्ग पर मिर्री माईनर पर टूटी पुलिया। पुरवा-अचलगंज मार्ग पर लोन नदी व बीघापुर नहर का टूटा पुल। पुरवा-मिर्री मार्ग पर असेहरू माइनर पर टूटी पुलिया। पुरवा-बरौली मार्ग पर पुरवा कस्बे के पास टूटी पुलिया। चंदनखेड़ा-जोरावरगंज मार्ग पर मौरावां नहर का टूटा पुल। कालूखेड़ा-मौरावां मुख्यमार्ग पर कालूखेड़ा में टूटी पुलिया। मौरावां नहर पर टूटा शाहपुर का पुल। पुरवा-बिहार मार्ग पर टूटा लोन नदी का पुल।